लाल किले से पीएम मोदी के भाषण के प्रमुख बिंदु

नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूरे देश को संबोधित किया। 82 मिनट के भाषण में पीएम ने हर वो विषय उठाया, जिसकी उम्मीद की जा रही थी। यह भाषण इसलिए भी खास था क्योंकि यह पीएम के तौर पर उनके पहले कार्यकाल का आखिरी भाषण था।  

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के 72वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज देशवासियों को शुभाकनाएं दी। प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं! जय हिंद!’’
भाषण खत्म करने से पहले पीएम मोदी ने इस कविता को सबके सामने रखा।
जो हम आज हैं, कल हम उससे आगे बढ़ना चाहते हैं
देश ना रुकेगा, ना झुकेगा, ना थकेगा
देश नई ऊंचाइओं को छूएगा
हम सिर्फ भविष्य नहीं देखना चाहते, बल्कि उसके शिखर को छूना चाहते हैं
अपने मन में एक लक्ष्य लिये, मंजिल अपनी प्रत्यक्ष लिये,
हम तोड़ रहे हैं जंजीरें, हम बदल रहे हैं तस्वीरें
ये नवयुग है, ये नवभारत है, खुद लिखेंगे अपने तकदीर, हम बदल रहे हैं तस्वीर
हम निकल पड़े हैं प्रण करके, अपना तन मन अर्पण करके
जिद है एक सूर्य उगाना है, अंबर से ऊपर जाना है, एक भारत नया बनाना है।
जय हिंद।

भाषण के प्रमुख बिंदु
देश को माओवाद रक्तरंजित कर रहा है।
त्रिपुरा और मेघालय में आंतक का खात्मा हुआ।
हम हर हार में कश्मीर के विकास को सुनिश्चित करेंगे
आंतरिक सुरक्षा का एहसास पैदा किया गया
नक्सलवाद पर तेजी से काबू पाया जा रहा है
देश से हमने भाई भतीजावाद खत्म किया
दिल्ली के गलियारों से पावर ब्रोकर गायब हुए
खेत से लेकर खेल के मैदान तक महिलाएं झंडा ऊंचा कर रही हैं
सशस्त्र सेना में महिलाओं को स्थायी नौकरी
पहली ऐसी कैबिनेट जिसमें सर्वाधिक महिलाएं
बलात्कार पीड़ित बेटी से ज्यादा दर्द देश को होता है
बलात्कार को लेकर कठोर कानून बनाया गया
राक्षसी मनोवृत्ति वाले लोगों के मन में भय पैदा हुआ है
किसी को कानून अपने हाथों में लेने का हक नहीं दिया जा सकता
महिलाओं का सम्मान भरा जीवन जीने का हक
तीन तलाक की कुरीति ने देश की महिलाओं का जीवन बर्बाद किया
हमने संसद में कानून लाकर मुस्लिम महिलाओं को राहत देने की कोशिश की
कुछ लोगों ने तलाक कानून पारित नहीं होने दिया
लेकिन मैं मुस्लिम महिलाओं को यकीन दिलाता हूं कि हम पीछे नहीं हटेंगे
देश ईमानदारी का उत्सव लेकर आगे बढ़ रहा है
6 करोड़ लोग फर्जी तरीके से पैसा ले रहे थे
गरीबों का हक छीनने वाला कारोबार बंद किया
देश में कर नहीं देने के लिये माहौल बनाया जा रहा है
देश में टैक्स ना देने की हवा चलाई जा रही है
ईमानदार करदाताओं के टैक्स से देश चलता है
ईमानदारी से कर देने का परिणाम है कि गरीब लोग खाना खा रहे हैं
मैं ईमानदारी से कर देने वालों का शुक्रिया अदा करता हूं
पिछले 2 सालों में 5 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए
कोई गरीब गरीबी में जीना नहीं चाहता, ना ही गरीबी में मरना चाहता है
हमारा प्रयास देश का हर गरीब सशक्त हो
गरीबों का सशक्त बनाना, यह उपचार भी है और उपाय भी
सरकारी योजनाओं तक गलत हाथों को रोका गया
गलत हाथों में जाने से 90 हजार करोड़ को रोका
बीमारी घर में आये तो व्यक्ति नही, पूरा परिवार बीमार होता है
पीएम जनआरोग्य योजना शुरू करेंगे
25 सितंबर से लागू होगी योजना
10 करोड़ भारतीय परिवारों को जनआरोग्य योजना से मिलेगा लाभ
कृषि को आधुनिक बनाना मौजूदा समय की सबसे बड़ी मांग
देश के किसानों को दुनिया की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है
किसानों की आय 2022 तक दोगुना करने का लक्ष्य
देश का किसान अब सोलर फार्मिंग की तरप तेजी से बढ़ा
खादी की बिक्री दोगुनी हुई
भारत दुनिया का सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश बना
नीतियां ऐसी हों कि सबको बराबरी से मौका मिले
मानव की गरिमा सर्वोच्छ होती है
2014 में मेरी सच्छता अभियान की बात का मजाक उड़ाया गया
देश के बाहर किसी नागरिकों को मदद की जरूरत होती है, तो पूरा देश उनके पीछे खड़ा हो जाता है।
उत्तर पूर्व से पहले कैसी खबरें आती थीं। आज स्थिति बदल चुकी है। यहां भी आखिरी गांव में बिजली पहुंच गई। आज हाईवे, रेलवे, वाटरवे, इनफॉर्मेशनवे का काम पूरे उपू में तेजी से चल रहा है। स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की मेजबानी कर रहा है।
हमने दिल्ली को उपू के दरवाजे पर लाकर खड़ा कर दिया।
हमारे युवाओं के प्रगति के नए मानदंड निर्धारित कर दिए।
स्टार्ट अप, बीपीओ, मोबिलिटी का नया क्षेत्र हो, युवाओं में नई उम्मीद जगी है।
13 करोड़ मुद्रा लोन मिला। इनमें चार करोड़ लोगों ने पहली बार लोन लिया।
तीन लाख से ज्यादा गांवों में सुविधा केन्द्र खोला गया। इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी का उपयोग कर रहे हैं।
एक समय था, जब यह कहा जाता था कि हिंदुस्तान की इकोनोमी रिस्क भरी है।
आज वही लोग कहते हैं, कि देश फंडामेंटल को मजबूती दे रहा है।
आज रेड टेप की जगह रेड कार्पेट की बात होती है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में रैंकिंग सुधरा।
आज रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म की बात हो रही है।
भारत आज मल्टी बिलियन डॉलर के इन्वेस्टमेंट का डेस्टीनेशन बन गया है।
आज लोग कहते हैं कि सोया हुआ हाथी अब जग चुका है, अपनी दौड़ शुरू कर चुका है।
आने वाले 30 सालों तक विश्व की आर्थिक ताकत को भारत एक गति देगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की साख बढ़ी है।
दुनिया के अलग-अलग संगठन भारत को सुन रहा है।
हमने इन मंचों पर अपनी आवाज बुलंद की है।
पर्यावरण की चिंता करने वालों के लिए भारत उम्मीद की किरण बना है।
हमारे पासपोर्ट की ताकत बढ़ गई है।
हमारे लक्ष्य मजबूत होते हैं, तो सफलता मिलती है।
एमएसपी के लिए हर कोई मांग कर रहा था। डेढ़ गुना लाभ मिलना चाहिए।
हमने फैसला लिया कि देश के किसानों के डेढ़ गुना कीमत मिलेगा।
जीएसटी हर कोई चाहता था, फैसले लेने में देरी होती रही। राजनीति और चुनाव का दबाव रहता था।
हमने लागू किया। देश के व्यापारियों ने कठिनाइयों के बावजूद इसे स्वीकार किया।
बेनामी संपत्ति का कानून भी लागू हुआ।
सेना को वन रैंक, वन पेंशन मिला। इसके पहले किसी ने नहीं सुनी। हमने पूरा किया।
हम कड़े फैसले लेने का सामर्थ्य रहते हैं।
देश आज रिकॉर्ड अनाज का उत्पादन कर रहा है।
रिकॉर्ड मोबाइल का उत्पादन हो रहा है। ट्रैक्टर की रिकॉर्ड खरीदी हो रही है।
देश आज हवाई जहाज भी सबसे ज्यादा खरीद रहा है।
स्किल डेवलपमेंट मिशन विकसित हो रहा है।
स्टार्ट अप की बाढ़ आई हुई है।
डिजिटल इंडिया को लेकर काम हो रहा है
दिव्यांगों के लिए कॉमन डिक्शनरी बनाई जा रही है।
हमारी सेना हर मदद के लिए तैयार रहती है।
सेना दुश्मनों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक कर उनके दांत खट्टे कर देती है।
देश नए उमंग और उत्साह से बढ़ रहा है
श्रीअरविंद ने कहा था- राष्ट्र क्या है, हमारी मातृभूमि क्या है, यह जमीन का टुकड़ा नहीं है। यह कोरी कल्पना नहीं है। राष्ट्र विशाल शक्ति है।
2013 में देश जिस रफ्तार से चल रहा था, और पिछले चार सालों से जितनी प्रगति हुई है, आपको पता चलेगा, कितना काम हुआ।
शौचालय निर्माण में उल्लेखनीय प्रगति मिली।
गांवों में बिजली बनाने में एक-दो दशक लगते, यदि पिछले रफ्तार से चलते।
एलपीजी सिलेंडर को तेजी से पहुंचाया गया। पहले की रफ्तार होती, तो सौ साल लग जाते।
ऑप्टिकल फाइबर लगाने का काम करते, तो पीढ़ियां लग जाती।
बापू के नेतृत्व में लोगों ने अपने आप को झोंक दिया।
अंबेडकर ने समावेशी संविधान का निर्माण किया। यह नए भारत का सपना लेकर आया। संविधान ने एक सीमा रेखा तय की।
संविधान हमारा मार्गदर्शन करता रहा है।
जन-जन को आगे बढ़ने का अवसर मिले, सरकार की अड़चने न बनें। इसके लिए वातावरण बनाएं
आज का ये पर्व हम तब मना रहे हैं जब हमारी उत्तराखंड, हिमाचल, मणिपुर, तेलंगाना, आंध्र की बेटियों ने 7 समंदर पार किया और 7 समंदर को तिरंगे से रंग के रंग कर लौटी हैं।
लोकसभा राज्यसभा के सत्र पूरे हुये, आपने देखा होगा कि सदन अच्छे ढंग से चले, संसद के सत्र सामाजिक न्याय को समर्पित थे।
इस बार संसद ने पिछड़े और अति पिछड़े लोगों के हकों की रक्षा करने का प्रयास किया।
हर भारतीय इस बात का गर्व कर रहा है कि भारत ने विश्व की छठी बड़ी इकोनोमी में अपना नाम दर्ज करवाया है।
देश को आजादी दिलाने के लिये महात्मा के नेतृत्व में वीर सैनानियों ने अपनी जान न्यौछावर कर दी।
तिरंगे की आन बान शान मरने मिटने की प्रेरणा देती है और उसके लिये हमारे जवान अपनी जान दे देते हैं।

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