कोटद्वार मे जलप्रलय जैसे हालात एक महिला की मौत करोड़ो का नुकसान

कोटद्वार से भगवान सिंह की रिपोर्ट
राज्य मे मौसम विभाग पहले ही साफ कर चुका था कि सूबे के पहाड़ी इलाको से लेकर बरसात होनी है और आप रहे सावधान आपको बता दे कि बीती रात से लगातार मूसलाधार बारिश ने कोटद्वार में भारी जल प्रलय ला दिया है जिसने एक महिला की जान ले ली जबकि मालन, खोह, सुखरौ सहित गिवई, पनियाली स्रोत गदेरे में कई मकानों को चपेट में ले लिया है और सैकड़ों बीघा भूमि को नुकसान पहुंचाया है।

मेरठ-कोटद्वार-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग सिद्धबली से आगे भारी मलबा आने के कारण बंद रहा। जबकि पहाड़ी से मलवा आने के कारण सिद्धबली के सामने स्थित कार्बेट टाइगर नेशनल पार्क के स्वागत भवन की दीवारों को तोड़कर राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गया। बताया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग को सिद्धबली के पास 6 घंटे बाद यातायात के लिए सुचारू कर दिया है।आपदा प्रबन्धन केन्द्र कोटद्वार से मिली जानकारी के अनुसार पनियाली नाले में आये जल सैलाब से जमीदोज हुये आमपड़ाव की मकान से बही महिला का नाम पूनम पत्नी विल्लू बताया गया है।
उपजिलाधिकारी कमलेश मेहता के अनुसार पनियाली गदेरे में आये जल सैलाब ने आमपड़ाव स्थित एक भवन को अपनी चपेट में ले लिया है। जिससे मकान में रह रहे बाकी सदस्यों को बचा लिया गया गया जबकि एक महिला को नहीं बचाया जा सका और वह तेज बहाव में बह गई है। मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। एसडीएम मेहता ने बताया कि पनियाली गदेरे में आये जल सैलाब के साथ जंगल से बहकर आये पेड़ देवी रोड स्थित पनियाली पुल पर अटक गये। जिससे पुल पर बंधा बन गया और पानी पुल के ऊपर बहने लगा। आपदा प्रबन्धन की टीम के साथ पुल पर अटके पेड़ों को जेसीबी की सहायता से हटाकर पानी का बहाव सुचारू किया गया।क्षेत्र में हुई 11 घंटे की लगातार मूसलाधार बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान पनियाली गदेरे ने पहुंचाया है।

पनियाली गदेरे पर आये जल सैलाब को देखकर शिवपुर से लेकर कौडिया तक की बस्तियों के लोग रात भर जागते रहे और सुबह बारिश रूकने तक घरों के अंदर नहीं जा सके। शिवपुर में लोग सुबह 10 बजे तक घर से बाहर ही रहे। जबकि आमपड़ाव, रमेशनगर, जानकीनगर, प्रतापनगर, सूर्यनगर में पनियाली गदेरे में आये जल सैलाब से घरों में पानी घुस गया। जिससे भारी नुकसान होने की बात सामने आई है। वहीं खोह नदी में गिवई स्रोत में जल सैलाब आने से एक महान ढह गया। प्रशासन की टीम ने खतरे को देखते हुए घर को पहले ही खाली करा दिया था। जिस कारण एक बड़ा हादसा टल गया। उधर काशीरामपुर तल्ला में जल भराव होने से पानी लोगों के घरों व दुकानों में घुस गया। जिस कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वही दुकान में रखा सामान खराब होने की बात सामने आई है। 
कल रात से जारी मूसलाधार बारिश का असर इतना अधिक था कि डिग्री कॉलेज मवाकोट जाने वाली वन विभाग की सड़क पर हाथियों को रोकने के लिए बनाई गई सुरक्षा दीवार भी तीन जगह पर धराशायी हो गई है। इसके अलावा वन विभाग की कोल्हू नदी के पास स्थित चौकी में पानी घुस गया है। 
ग्रास्टनगंज में सनेह रोड से रतनपुर तक एक महिने पहले बनी सड़क पानी के तेज बहाव में तहस-नहस हो गई है। मानपुर में बीडीसी सदस्य श्रीमती मंजू जखमोला के घर के पीछे दीवार ढहने से पानी घुस जाने पर मकान को खतरा पैदा हो गया।
मूसलाधार बारिश ने जानमाल के अलावा विद्युत विभाग की वितरण प्रणाली को भी ध्वस्त कर दिया है। बिजली घर से प्राप्त जानकारी के अनुसार मालन और सुखरौ में बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होने के कारण कोटद्वार की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है। को
जीआईसी में खुला राहत शिविर
कोटद्वार। उपजिलाधिकारी कमलेश मेहता ने बताया कि आज आई आपदा के पीड़ितों के लिए जीआईसी कोटद्वार नजीबाबाद चौक पर राहत शिविर स्थापित कर दिया गया है। आपदा पीड़ित इस शिविर में आकर राहत को प्राप्त कर सकते है।

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