आपके उत्तराखंड की स्थाई राजधानी देहरादून में सिटी बसों, ऑटो और विक्रम में सफर करना मंहगा हो चुका है है। आपको बता दे कि राज्य परिवहन प्राधिकरण ने किराए में बढ़ोतरी के प्रस्तावों को मंजूरी दे डाली है, अब सिटी बसों में पहले दो किलोमीटर के लिए यात्रा करने पर सात रुपये देने होंगे। जबकि दो से लेकर छह किलोमीटर तक की यात्रा करने के लिए 10 रुपये का भुगतान करना होगा। सिटी बसों में 30 किलोमीटर से अधिक यात्रा करने पर 40 रुपये किराया होगा
वही इसके साथ ही
ऑटो के किराए में भी वृद्धि की गई है। ऑटो बुक करने पर यात्री को पहले एक किलोमीटर के लिए 23 रुपये की जगह अब 50 रुपये देना होंगे।
जबकि आगे प्रत्येक किलोमीटर के लिए 10 रुपये की जगह 15 रुपये वसूले जाएंगे। तो ऑटो के रात के किराए में भी वृद्धि कर दी गई है। पहले दिन के किराए की तुलना में जहां 25 फीसदी अतिरिक्त किराया वसूला जाता था, अब ऑटो संचालक 50 फीसदी अधिक वसूल सकेेंगे।
तो वही विक्रम में भी यात्रा करना मंहगा हो गया है। विक्रम संचालक आठ सीट के लिए पहले दो किलोमीटर के लिए कुल 40 रुपये वसूलेंगे। इसके बाद हर किलोमीटर के लिए सभी यात्रियों से 17 रुपये की वसूली कर सकेंगे। ऐसे में यदि किसी यात्री को एक किमी विक्रम से यात्रा करनी है तो उसे पांच रुपये का भुगतान करना होगा।
बता दे कि बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार एक से लेकर छह लाख रुपये तक कीमत की गाड़ियों के लिए साधारण किराया 14 रुपये प्रति किलोमीटर होगा। वातानुकूलित गाड़ियों के लिए 18 रुपये प्रति किमी वसूले जाएंगे।
तो वही 12 से 20 लाख रुपये की लग्जरी गाड़ियों में यात्रा करने के लिए मैदानी मार्गों पर 22 रुपये और पर्वतीय मार्गों के लिए 25 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान करना होगा,इसके साथ ही 20 लाख रुपये से अधिक कीमत की सुपर डीलक्स गाड़ियों के लिए मैदानी मार्गों के लिए 35 रुपये और पर्वतीय मार्गों के लिए 40 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान करना होगा।
लेकिन बैठक में ई रिक्शा के किराए के निर्धारण को लेकर कोई सहमति नहीं बनी। हालांकि किराया निर्धारण कमेटी ने 10 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से किराया निर्धारित करने का प्रस्ताव दिया था। लेकिन सहमति बनी कि ई रिक्शा संचालकों को राजधानी के मुख्य मार्गों पर संचालन की अनुमति नहीं है। ऐसे में इनके लिए किराए का निर्धारण करना उचित नहीं होगा।  परिवहन आयुक्त शैलेश बगौली ने कहा कि ज्यादातर रिक्शा का संचालन बेहद सामान्य वर्ग के लोगों के लिए किया जा रहा है। ऐसे में ये उनके लिए किराए का निर्धारण करना उचित नहीं होगा।
वही इस बैठक में मालभाड़े की बढ़ोतरी नहीं किए जाने से ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन को झटका लगा है। किराया निर्धारण समिति के प्रस्ताव को फिलहाल दरकिनार करते हुए माल बढ़ोतरी के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। बैठक में सहमति बनी कि इस संबंध में दोबारा प्रस्ताव तैयार किया जाए और अगली बैठक में प्रस्तुत किया जाए जिसमें दोबारा किराए का निर्धारण हो सके।
एसटीए ने फिलहाल मैदानी इलाकों के लिए 29 पैसा प्रति कुंतल प्रति किमी और पर्वतीय इलाकों के लिए 44 किमी की पुरानी दरों को यथावत लागू रखने का फैसला लिया। जहां तक प्रतीक्षा शुल्क का सवाल है तो आठ घंटे के लिए यह छोटी गाड़ियों के लिए 166 रुपये और मध्यम भारी गाड़ियों के लिए 248 रुपये लागू रहेगा।
बहराल जब हो रही है महगाई तो क्यो ना बढ़े भाई किराया
इनको भी तो अपने बच्चे पालने है।


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here