लापरवाही की हद है भाई! बीमार कोई और डायलिसिस कर दिया किसी और का

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लापरवाही की हद है भाई! बीमार कोई और डायलिसिस कर दिया किसी और का

अगर बीमार हैं तो जागरूक भी रहें, वरना अस्पताल में हो सकता है कुछ भी?

पटना। देश के तमाम राज्यों में अक्सर स्वास्थ्य विभाग में लापरवाही की खबरें पढ़ने और सुनने को मिलती रहती हैं। वावजूद इसके सुधार न के बराबर होता हुआ दिखाई देता है। ताजा मामला में जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) में बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां कर्मचारियों ने 70 वर्षीय दिनेश तांती का डायलिसिस कर दिया जबकि उमेश यादव का किया जाना था। जानकारी होने के बाद दिनेश तांती का डायलिसिस रोका गया। इस घटना की पुष्टि अस्पताल अधीक्षक ने भी की है। मंगलवार को अस्पताल के मेडिसीन विभाग में बेड संख्या 34 में भर्ती जगदीशपुर प्रखंड के कोला नारायण निवासी उमेश यादव का डायलिसिस होना था। इसकी जगह बेड संख्या 35 पर भर्ती सबौर घोषपुर निवासी दिनेश तांती का डायलिसिस कर दिया गया। परिजनों को जानकारी हुई तो उन्होंने हंगामा भी किया।

बताया गया कि टेक्नीशियन श्याम सुंदर और नर्स ने बिना बीएचटी देखे ही दिनेश तांती को डायलिसिस रूम में लेकर चले गए। जब तक कर्मचारी को अपनी गलती का अहसास होता तब तक 15 मिनट तक डायलिसिस किया जा चुका था। आनन-फानन में डायलिसिस बंद किया गया। बताया गया कि डायलिसिस के पूर्व टेक्नीशियन ने चिकित्सक से भी संपर्क नहीं किया।

इस पूरे मामले पर डॉ. आरसी मंडल, अधीक्षक, जेएलएनएमसीएच ने कहा कि डायलिसिस प्रभारी से लेकर कर्मचारियों से स्पटीकरण मांगा जाएगा। घटना सही है। प्रथमदृष्टया टेक्नीशियन श्याम सुंदर दोषी है। वहीं प्रभारी डायलिसिस डॉ. अंजुम परवेज ने कहा़ बेड 34 पर बेड 35 का मरीज दिनेश तांती बैठ गया। भूलवश टेक्नीशियन उसे डायलिसिस रूम में लेकर चला गया। जब गलती का अहसास हुआ तो डायलिसिस नहीं किया गया।

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