केरल मे 324 लोगो की मौत उत्तराखंड़ सरकार करेगी 5 करोड़ की मदद – त्रिवेन्द्र रावत

बोलता उत्तराखंड़ मे हम आपको बता दे कि पिछले 94 सालों में केरल में सबसे बड़ी बाढ़ आई है। ओर 324 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। यह आंकड़ा आगे भी बढ़ता जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खुद पूरी टीम के साथ हवाई सर्वेक्षण किया।

उसके बाद राज्य के अधिकारियों के साथ बैठक की। ओर 500 करोड़ रुपये की तात्कालिक राहत की घोषणा भी की गई है।
आपको बता दे कि मानसूनी बारिश और बाढ़ के कारण संकट ओर गहराता जा रहा है। वहां के राज्य के अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडर और ईंधन स्टेशनों में ईंधन की कमी लगातार हो रही है।  
इस भयानक बाढ़ के कारण इस खूबसूरत राज्य को गहरा धक्का लगा है जिसके कारण पर्यटन उद्योग बहुत प्रभावित हुआ है। हजारों हज़ार एकड़ खेत में खड़ी फसलें बर्बाद हो चुकी है। तो बुनियादी ढांचे को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा है। 
खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल का हवाई सर्वेक्षण किया है और तत्काल सहायता के रूप में 500 करोड़ रुपए की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम राष्ट्रीय राहत निधि से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये प्रति व्यक्ति और घायलों को 50,000 रुपये प्रति व्यक्ति देने की भी घोषणा की। 
मिली जानकारी के अनुसार अलग- अलग जगहों पर फंसे 80,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया। इनमें 71,000 से ज्यादा लोग बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित एर्नाकुलम जिले के अलुवा क्षेत्र से थे।
यही नही सड़कें हो गई हैं जाम 
तीनों सेनाओं के अलावा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के जवानों ने छतों और ऊंची जगहों पर फंसे लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने का दुरूह काम फिर से शुरू किया। पहाड़ी इलाकों में पहाड़ के हिस्से जमीन पर गिरने से सड़क जाम हो रही हैं, जिससे बाकी जगहों से उनका संपर्क टूट जा रहा है। द्वीप की शक्ल ले चुके कई गांवों में फंसे लोगों को निकालने का अभियान भी लगातार जारी है। 

नौका से नहीं पहुंचने लायक जगहों में फंसी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित कई लोगों को सेना के हेलीकॉप्टरों से सुरक्षित जगहों पर ले जाया जा रहा है
आपको बता दे कि पिछले दो दिन से मोदी और विजयन लगातार एक-दूसरे के संपर्क में हैं। 
ओर अभी तक 3.14 लाख लोग राहत शिविरों में है
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण से भी बात कर चुके विजयन ने कहा कि हालात गंभीर बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि 70,000 से ज्यादा परिवारों के लगभग 3.14 लाख लोगों ने राहत शिविरों में शरण ले रखी है। उन्होंने कहा कि 29 मई  से जब दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में दस्तक दी थी, जिसके बाद से 385 लोग मारे जा चुके हैं।
आपको ये भी बात दे कि वहां के चार जिलों में खतरा बरकरार है  
कुछ जगहों पर बारिश में थोड़ी कमी आई लेकिन चार जिलों- पथनमथिट्टा, अलफुजा, एर्नाकुलम और त्रिचूर- में मानसून का कहर जारी है।
अधिकारियों ने बताया कि एर्नाकुलम जिले के कई निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी हो गयी है। इस कारण अधिकारियों को मरीजों को निकट के अस्पतालों में भेजने के लिए मजबूर होना पड़ा है। अस्पतालों में बाढ़ का पानी घुस आने के कारण कई मरीजों को वहां से निकालना पड़ा।
राहत शिविरों में रह रहे लोग भी खाना और पेयजल की किल्लत की शिकायत कर रहे हैं। कई पेट्रोल पंपों, यहां तक कि तिरुवनंतपुरम में भी पेट्रोल नहीं है। तिरुवनंतपुरम जिले के कई ईंधन स्टेशनों में आज लंबी-लंबी कतारें देखी गई। अधिकारियों ने प्रत्येक ईंधन स्टेशन से कहा है कि वे 3,000 लीटर डीजल और 1,000 लीटर पेट्रोल का भंडार सुरक्षित रखें ताकि राहत अभियानों में इनका इस्तेमाल किया जा सके।
स्थानीय मछुआरों को राहत मिशन में शामिल देखा जा रहा है। वह अपनी नौकाओं के जरिए अलुवा, कलाडी, पेरुम्बवूर, मुवत्तूफुजा और चलाकुडी जैसी जगहों पर लोगों की मदद कर रहे हैं।

वही पर्वतीय जिले इडुक्की में भूस्खलनों के कारण कई सड़कों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित जगहों में शामिल वायनाड केरल के बाकी हिस्सों से कट चुका है।

आपको बता दे किर रनवे पर बाढ़ के कारण कोच्चि हवाई अड्डे को बंद कर दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि कई ट्रेनें या तो रद्द कर दी गई हैं या उनके समय में फेरबदल किया गया है। बहरहाल, कोच्चि मेट्रो की सेवाएं प्रभावित नहीं हुई है
वही मौसम विभाग ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान किया है। पथनमथिट्टा, तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलफुजा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिचूर, पालक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड जिलों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।
संयुक्त अरब अमीरात केरल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में मदद करने के लिए एक समिति बनाएगी। शेख खलीफा ने बाढ़ प्रभावित लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय आपातकालीन समिति के गठन का निर्देश दिया है।
नेवी के कैप्टन पी राजकुमार ने अब तक 42बी हेलीकॉप्टर से 26 लोगों को बचाया। राजकुमार शौर्य चक्र विजेता हैं। बहराल लगातार राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है और हर कोई भगवाम से जल्द से जल्द हालात सामान्य होने की दुआ माग रहा है वही इस भयानक आपदा के बाद भारत के सभी राज्यो को केरला की हर संभव मदद के लिए  तेयार खड़े है ।

ओर  केरल में आपदा सहायता के लिए हमारे  मुख्यमंत्री   त्रिवेन्द्र  सिंह रावत ने उत्तराखंड सरकार की ओर से 5 करोड़ रूपए की सहायता देने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री अपने एक माह का वेतन भी केरल आपदा राहत के लिए देंगे। ओर यही पहल सभी राज्य को करनी चाइए ।

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