केदारनाथ में हार्ट अटैक से दो की मौत और यमुनोत्री मे भी दो तीर्थ यात्रियो की मौतI

आपको बता दे कि केदारनाथ धाम में सोमवार को महाराष्ट्र और बिहार के दो तीर्थयात्रियों की हार्ट अटैक से मौत हो गई। वहीं यमुनोत्री में भी दो तीर्थयात्रियों की जान चली गई।
ख़बर है कि उन्नास नगर ठाणे महाराष्ट्र के लक्ष्मणदास बाकसमल दुनेजा(73) और दरभंगा बिहार निवासी रमेश चंद्र झा (64)पुत्र गंगा प्रसाद झा सोमवार को ही केदारनाथ धाम में यात्रा के लिए आए थे।
लेकिन अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने पर हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई।
यमुनोत्री की यात्रा के दौरान भी दो तीर्थयात्रियों की मौत हो गई
आपको बता दे कि यमनोत्री धाम की यात्रा के दौरान दो तीर्थयात्रियों की मौत हो गई। राजस्थान के एक तीर्थयात्री की यमुनोत्री जाते समय जानकीचट्टी में तबियत बिगड़ गई। पुलिस एवं एसडीआरएफ के जवानों ने जान जोखिम में डालकर ओजरी डबरकोट स्लिप जोन पार कर यात्री को बड़कोट अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई। जबकि एक महिला तीर्थयात्री की यमुनोत्री दर्शन कर लौटते समय मौत हुई।
बता दे कि बड़कोट के थानाध्यक्ष विनोद थपलियाल ने बताया कि सोमवार सुबह नायपुर सवाईं माधोपुर राजस्थान निवासी रामस्वरूप(67 वर्ष) पुत्र स्व. केदार अन्य यात्रियों के साथ यमुनोत्री धाम के दर्शन को जा रहे थे।
ओर जानकीचट्टी में अचानक तबियत बिगड़ने पर परिजन उन्हें उपचार के लिए बड़कोट ला रहे थे। रास्ते में ओजरी डबरकोट में यमुनोत्री हाईवे भूस्खलन से अवरुद्ध होने पर पुलिस एवं एसडीआरएफ के सुरेंद्र प्रसाद, राजेंद्र सिंह, दिपेंद्र सिंह, सतेंद्र नेगी एवं रविंद्र चौहान ने बीमार तीर्थयात्री को भूस्खलन के बीच कंधों पर लादकर नीचे पहुंचाया।
वही बीमार यात्री को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़कोट पहुंचाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई थी। पंचनामा की कार्रवाई कर पुलिस ने मृत यात्री का शव परिजनों को सौंप दिया।
दूसरी तरफ सोमवार शाम को यमुनोत्री धाम के दर्शन कर लौट रही पुणे महाराष्ट्र की मंगला प्रेमसुख दाबी (65) पत्नी स्व. प्रेमसुख दाबी की रास्ते में तबियत खराब हो गई। परिजन उन्हें लेकर जानकीचट्टी अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई थी। शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

तो उधर केदारनाथ यात्रा पर आये दो बुजुर्ग तीर्थयात्रियों की रविवार को हार्ट अटैक और ठंड की वजह से मौत हो गई थी, जिसके बाद आज शवों को केदारनाथ से गुप्तकाशी पहुंचाया गया है. बता दें बारिश के कारण हेलीकाप्टर सेवाएं बाधित चल रही थीं जिसकी वजह से शवों का रेस्क्यू नहीं हो पा रहा था.
बता दें कि केदारनाथ यात्रा पर आये रमेश चंद्र झा पुत्र गंगा प्रसाद उम्र 64 साल निवासी आधारपुर बिहार और लक्ष मदनाथ पाखसमल डुसेजा पुत्र पाखसमल डुसेजा उम्र 73 निवासी थाणे महाराष्ट्र अपने परिजनों के साथ धाम में बाबा के दर्शन के लिए आए थे लेकिन शायद उन्हें नहीं पता था कि वह यहां से वापस नहीं जा पाएंगे. लगातार हो रही बारिश की वजह से यहां मौसम काफी ठंडा हो गया था
रविवार को बारिश के बीच पैदल यात्रा करने से दोनों यात्रियों का स्वास्थ्य खराब हो गया था. परिजन उन्हें इलाज के लिए डॉक्टर के पास ले गए जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. सोमवार को दोनों यात्रियों के शव पैदल मार्ग से गौरीकुंड के लिये भेजे गए थे, लेकिन लिनचोली में रास्ता बंद होने से यात्रियों के शवों को फिर केदारनाथ मंगाया गया था.
बारिश की वजह से हेली सेवा न चलने के कारण यात्रियों के शव सोमवार को भी केदारनाथ में ही रहे. आज मौसम साफ होने के बाद दोनों यात्रियों के शवों को गुप्तकाशी पहुंचाया गया, जहां से प्रशासन का शव वाहन दोनों शवों को जॉलीग्रांट तक छोड़ा गया.
जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने फोन पर बताया कि मौसम खराब होने के कारण शव को नीचे पहुंचाने में देरी हुई है. रविवार और सोमवार को केदारनाथ में हेलीकाप्टर नहीं उड़ पाये और पैदल मार्ग भी बाधित हो गए, जिसके बाद आज शवों को नीचे पहुंचाया गया.

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