उत्तराखंड : अपात्र होने के बाद भी ली इन किसानों ने पांच-पांच किस्तें अब होगी हज़ारों किसानों से वसूली , इतने करोड़ की

ख़बर है कि अपात्र होने के बावजूद प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे किसानों को तगड़ा झटका लग चुका है।
इस दायरे में आने वाले उत्तराखंड के 11,296 किसानों से 11.01 करोड़ रुपये की रकम वसूली की जाएगी। बता दे कि इनमें 80 प्रतिशत से अधिक किसान ऐसे हैं, जो आयकर देने के बावजूद निधि का लाभ लेते रहे हैं।
राजस्व परिषद के आयुक्त और पीएम किसान सम्मान निधि के प्रदेश के नोडल अधिकारी बीएम मिश्र ने 26 नवंबर को एक पत्र जारी किया है। पत्र में वसूली की कार्यवाही कर राज्य सरकार के खाते में चेक या ड्राफ्ट से राशि भेजने को कहा गया है। 
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2019 में पीएम किसान सम्मान निधि योजना शुरू की थी। इसके तहत काश्तकारों को हर साल दो-दो हजार रुपये की तीन किस्तें दी जाती हैं। उत्तराखंड में इस वक्त 75 , 6080 किसानों को इस योजना का लाभ मिल रहा है।
इनमें से 9053 ऐसे किसान हैं, जो आयकरदाता होने के बावजूद योजना का लाभ लेते रहे हैं।
यही नही ये अपात्र किसान एक नहीं, लगातार पांच किस्तें ले चुके हैं। इसी तरह 2243 किसान दूसरी अपात्रता (दस हजार रुपये पेंशन) होने पर भी योजना की रकम उड़ाते रहे।
पता तब चला जब
आयकर विभाग ने बैंक खाता संख्या और आधार कार्ड नंबर से मिलान किया तो ये गड़बड़ियां उजागर हुईं। तो कुछ अन्य अपात्र पीएम किसान पोर्टल के सत्यापन में पकड़ में आए।
नियम ये है कि आयकरदाता और दस हजार रुपये पेंशन पाने वाला किसान योजना के तहत अपात्रता की श्रेणी में आता है। 

उत्तराखंड के इन जिले में किसानों से होगी वसूली 

चंपावत : 367
पिथौरागढ़ : 455
अल्मोड़ा : 1112
बागेश्वर : 264
नैनीताल : 938
ऊधमसिंह नगर :1895
 चमोली : 436
देहरादून :1094
हरिद्वार :1643
 पौड़ी : 455
रुद्रप्रयाग : 372
टिहरी :1533
उत्तरकाशी : 632

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