सुनो उत्तराखंड वालो कल से उत्तराखंड में होगी Motor Vehicle Act 2019: नए नियमों के तहत कार्रवाई सावधान , ओर कुछ ख़ास बाते जान ले


– अभी वाहन रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस, प्रदूषण व इंश्योरेंस की नहीं की जाएगी जांच
– मोबाइल फोन पर बात करने, सीट बेल्ट नहीं लगाने वालों पर होगी कार्रवाई
– नाबालिग बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाते पकड़े गए तो देना पड़ेगा 25000 रुपये का जुर्माना

आपको बता दे कि केंद्र सरकार की ओर से नया मोटर व्हीकल एक्ट लागू किए जाने के साथ ही परिवहन विभाग ने अब नए सिरे से अभियान चलाने का निर्णय लिया है।ख़बर है कि कल से यानी शुक्रवार से विशेष जांच अभियान शुरू किया जा रहा है अभी विशेष जांच अभियान के दौरान ट्रिपल राइडिंग, गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करने, ओवर स्पीड, शराब पीकर गाड़ी चलाने, सीट बेल्ट नहीं लगाने, बिना हेलमेट के वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
खबर है कि अभिब विशेष जांच अभियान के दौरान गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस, प्रदूषण व इंश्योरेंस से संबंधित कागजातों की जांच नहीं की जाएगी। ऐसे में वे वाहन स्वामी जिनके पास फिलहाल ये कागजात नहीं हैं उन्हें परेशान होने की फिलहाल जरूरत नहीं है।
ये विशेष जांच अभियान के दौरान नाबालिग चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा , बता दे कि राजधानी के सड़कों पर वाहन चलाने वाले नाबालिगों की गाड़ियां जब्त करने के साथ ही 25000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। ओर ऐसे सभी मामले अदालत भेजे जाएंगे। ख़बर ये भी आपके लिए शुभ है कि एआरटीओ के मुताबिक जिन वाहन स्वामियोें के पास प्रदूषण, इंश्योरेंस के कागजात नहीं है वे 30 सितंबर से पहले बनवा लें। यदि गाड़ी का रजिस्ट्रेशन पूरा हो चुका है जो उनका नवीनीकरण कराने के साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लें। यदि ड्राइविंग लाइसेंस की अवधि पूरी हो चुकी है तो उसका भी नवीनीकरण करवा लें। ये आखरी मौका है इसके बाद कोई रियायत नही मिलने वाली
बता दे कि ड्राइविंग करते समय हुए चालान के बाद लाइसेंस, आरसी, इंश्योरेंस और प्रदूषण प्रमाणपत्र दिखाने की स्थिति में 100 रुपये प्रति दस्तावेज का जुर्माना देना होगा। इसके अतिरिक्त ट्रैफिक किसी तरह की धनराशि नहीं वसूलेगी। नए मोटर व्हीकल एक्ट में ड्राइविंग करते समय मौके पर कागजात न दिखाने पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
उत्तराखंड में केंद्रीय मोटर व्हीकल एक्ट में भारी भरकम जुर्माने से बड़ी राहत दी गई है। अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कई अपराधों में जुर्माने की दरों को 50 से 75 फीसदी तक कम कर दिया गया है।
शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया कि परिवहन विभाग ने नए मोटरयान अधिनियम के तहत कंपाउंडिंग शुल्क की दरों का प्रस्ताव रखा, जिसमें संशोधन करते हुए वाहन चालकों को बड़ी राहत दी गई।
अब बिना लाइसेंस वाहन चलाने पर 10 हजार रुपये के स्थान पर पांच हजार रुपये का जुर्माना वसूल किया जाएगा। इसी तरह नाबालिग के वाहन चलाने पर 5000 रुपये के स्थान पर 2500 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। ध्वनि प्रदूषण या वायु प्रदूषण के मानकों का उल्लंघन करने पर पहली बार 10000 के स्थान पर 2500 रुपये और दूसरी बार में 5000 के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
सुनो उत्तराखण्ड मोटर व्हीकल एक्ट में ये सभी राहत दी गई है
– धारा 177, 178, 178(2), 178(3) 112 के नियम में दिए गए जुर्माने को यथावत रखा।
– बगैर लाइसेंस पकड़े जाने पर केंद्र के तय जुर्माने पांच हजार को घटाकर ढाई हजार रुपये किया।
– गलत पंजीकरण (नंबर प्लेट) पर 10 हजार रुपये के जुर्माने को पांच हजार रुपये किया गया।
– मोबाइल पर बात करने पर 5 हजार से घटाकर पहली बार 1 हजार, दूसरी बार 5 हजार जुर्माना।
– प्रदूषण सर्टिफिकेट न होने पर 10 हजार को पहली बार ढाई हजार, दूसरी बार पांच हजार जुर्माना।
– धारा 180 में जुर्माना को 5000 से घटाकर 2500 रुपये किया गया।
– धारा 7 में गाड़ी के मोडिफिकेशन पर जुर्माना एक लाख से घटाकर 50 हजार किया।
– धारा 182 (ख) में 10000 रुपये जुर्माने को घटाकर 5000 रुपये किया।
– ध्वनि प्रदूषण और वायु प्रदूषण के लिए 10000 की जगह 2500 का जुर्माना।
– क्षमता से अधिक सवारी ले जाने पर 200 रुपये प्रति सवारी जुर्माना।
– सीट बेल्ट न पहनने पर एक हजार रुपये और दूसरी बार दो हजार रुपये जुर्माना।
– अग्निशमन व एंबुलेंस को रास्ता ना देने पर 10000 से घटाकर 5000 रुपये किया जुर्माना।
– गतिसीमा से अधिक पर वाहन चलाने पर दो हजार रुपये किया गया है जुर्माना।
– वाहन से रेस और स्टंट करने पर पर केंद्रीय एक्ट की तरह पांच हजार रुपये जुर्माना।



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