त्रिवेंद्र तेरे राज में: गंगोत्री से केदारनाथ धाम का फासला लगभग 144 किलोमीटर कम करने लिए उठा पहला कदम

 

उत्तराखंड आपको बताये की भटवाड़ी से बूढ़ाकेदार तक मार्ग बनाने के लिए सर्वेक्षण की मंजूरी 

बहुत बड़ी बात – त्रियुगी नारायण तक मार्ग बना तो घट जाएगी 144 किलोमीटर की दूरी  

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
सड़क कनेक्टिविटी और पुलों के निर्माण को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल पहले से किये हुए है
और अब त्रिवेंद्र सरकार ने
महत्वाकांक्षी मोटर मार्ग के निर्माण की दिशा में पहला कदम उठया है।
बता दे कि त्रिवेंद्र सरकार गंगोत्री से बूढ़ाकेदार और केदारनाथ का नया रोड नेटवर्क तैयार करने की संभावना तलाश रही है।
ओर भटवाड़ी से बूढ़ाकेदार तक 45.50 किमी मार्ग बनाने के लिए सर्वेक्षण को मंजूरी दे दी गई है। इसके पहले चरण की इस प्रशासकीय और वित्तीय स्वीकृति के तहत मार्ग के सर्वे के लिए 6.56 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।
वही सचिव लोनिवि आरके सुधांशु के निर्देश पर इसका शासनादेश जारी कर दिया गया है।
बता दे कि कुछ महीनों पूर्व जब मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र बूढ़ाकेदार गए थे, तब स्थानीय लोगों ने सदियों पुराने इस पैदल चार धाम मार्ग को मोटर मार्ग में बदलने की मांग की थी। पिछले लगभग एक दशक से इस मोटर मार्ग को बनाने की संभावना को लेकर शासन स्तर पर भी कसरत चल रही थी।
वही अब त्रिवेंद्र के आदेश पर मार्ग के पहले चरण के लिए सर्वेक्षण को मंजूरी दे दी गई है। जानकारी है कि टिहरी निवासी आरपी उनियाल इस मार्ग को बनाए जाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के संपर्क में भी है
उनियाल ने कहा कि बूढ़ाकेदार तक मोटर मार्ग बनने के बाद तीर्थाटन का नया सर्किट तैयार होगा। इससे आगे घुत्तू वाया पावली कांठी से त्रियुगीनारायण तक दूसरे चरण के मोटर मार्ग निर्माण से यह सोनप्रयाग से जुड़ जाएगा।
इस तरह यह चारधाम मार्ग से कनेक्ट हो जाएगा। उनियाल ने बताया अभी गंगोत्री से केदारनाथ जाने के लिए लगभग 354 किमी का सफर तय करना पड़ता है, लेकिन प्रस्तावित मोटर मार्ग के बनने से यह दूरी लगभग 210 किमी ही रह जाएगी। इस तरह लगभग 144 किमी दूरी कम हो जाएगी।
बहराल अब जल्द सर्वे के बाद मोटर मार्ग की डीपीआर भी तैयार की जाएगी जो सुखद है


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here