उत्तराखंड :आशा की किरण कार्यशाला में आशा वर्कर्स ने सीखे स्तन कैंसर रोकथाम के उपाय।

आशा की किरण कार्यशाला में आशा वर्कर्स ने सीखे स्तन कैंसर रोकथाम के उपाय।

देहरादून 31 अक्टूबर : स्तन कैंसर जागरूकता माह अक्टूबर के समापन के मौके पर कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन द्वारा आशा वर्कर्स के लिए स्तन एवं सर्वाइकल कैंसर जागरूकता एवं रोकथाम के लिए आशा की किरण कार्यशाला का आयोजन अग्रवाल धर्मशाला में किया गया। इस कार्यशाला में देहरादून एवं मसूरी से आयी ६० आशा वर्कर्स को महिला स्वस्थ्य की जानकारी वरिष्ठ स्त्री रोक विशेषज्ञा डॉ सुमिता प्रभाकर द्वारा दी गयी एवं उनको महिलाओं में होने वाले कैंसर की रोकथाम के बारे में बताया गया एवं उनकी स्तन स्क्रीनिंग भी की गयी ।

तीन घंटे चली इस कार्यशाला में आशा वर्कर्स को बताया गया की महिलाओं में स्तन एवं गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर में वृद्धि हो रही हैं और इसकी रोकथाम के लिए क्या क्या उपाय किये जाने चाहिए । आशा वर्कर्स को दी गयी जानकारी में स्तन कैंसर के लक्षण, स्वयं स्तन परिक्षण, सर्वाइकल कैंसर के लक्षण, एच पी वी संक्रमण, पेप स्मीयर टेस्ट, माहवारी स्वच्छता, एवं गर्भ अवस्था के उपरांत माँ के स्वास्थय के बारे में जानकारी दी गयी। आशा वर्कर्स को स्वयं स्तन परिक्षण के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी और यह भी बताया गया कि परिक्षण को कैसे और कब करना चाहिए, उनको बताया गया कि स्वयं स्तन परिक्षण हर महीने किये जाने वाला परिक्षण है जिसे महिलाएं घर पर ही कर सकती है इससे किसी भी प्रकार के असामान्य लक्षण का पता चल सकता है। आशा वर्कर्स अब इस परिक्षण की जानकारी अन्य महिलाओं को दे सकेंगी। स्तन कैंसर का जितना जल्दी पता चलता है इसका सही इलाज की सम्भावना उतनी ही अधिक रहती है। सभी आशा वर्कर्स को ज्ञान वर्धक पुस्तिका भी दी गयी। आशा वर्कर्स ने बताया कि उनके पास कई महिलाएं स्तन की समस्याओं को लेकर आती है इस कार्यशाला के उपरांत अब वह उन महिलाओं को कैंसर रोकथाम के बारे में बता सकेंगी।

डॉ सुमिता प्रभाकर ने बताया की आशा की किरण अभियान कैन प्रोटेक्ट फाउंडेशन का एक मुख्य अभियान हैं अभी तक इस अभियान के तहत 1000 से अधिक आशा वर्कर्स को महिला स्वस्थ्य का परिक्षण दिया गया हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आशा वर्कर्स को स्तन एवं सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूक करना हैं। उत्तराखंड में शहरो में स्तन कैंसर एवं ग्रामीण इलाको में सर्वाइकल कैंसर के मामलो सामने आ रहे हैं। महिलाओं को जागरूक करना बहुत ज़रूरी है और इसी लिए आशा वर्कर्स को कार्यशाला के माधयम से यह परिक्षण दिया गया हैं।

इसी के साथ अग्रवाल धर्मशाला में चल रहे दो दिवसीय स्तन कैंसर रोकथाम शिविर का भी समापन हुआ, इस शिविर में 280 महिलाओं की स्क्रीनिंग की गयी।

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