आखिर कार मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत का दिल्ली मीडिया के आगे ये कहना कि जो मुख्यमंत्री की दावेदारी करना चाहते है
वही लोग इस तरह की
अफवाह फैला रहे है , ओर स्याद कुछ लोग पार्टी के भी हो सकते है! मेरे ख़िलाफ़ तो मुख्यमंत्री बनने के तीन महीने बाद ही षडयंत्र होने लगा था। जो आज भी जारी है अब मुझे आदत सी हो गई है, पर हा इससे कुल मिलाकर त्रिवेंद्र परेशान हो या ना हो पर राज्य के विकास पर फर्क पड़ता है ये कहना मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र का है।
नीचे के स्तर के कर्मचारियों पर फर्क पड़ता है
राज्य का माहौल ख़राब होता है
कुछ लोग खबरे उड़ा रहे है कुछ उड़ाई गई है (नेतृव परिवर्तन की)
की आज त्रिवेंद्र को हटाया जयेगा
कल हटाया जाएगा,जो पहले से जारी है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र के इस ब्यान के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष को लगा होगा कि अब स्याद बयान बाजी का समय आ गया है!!
क्योकि त्रिवेंद्र के ख़िलाफ़ शोशल मीडिया पर खबरे तो पिछले तीन दिनों से ( मुख्यमंत्री बदलने वाला है ) चलाई जा रही थी
जैसे शोशल मीडिया ही मानो उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बनाता है या हटाता है ( लेकिन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कुछ बातों पर तो खुद मोहर लगा दी है कि उनके ख़िलाफ़ कुछ पार्टी के लोग ही षड़यंत्र रच रहे है स्याद! ओर जो मुख्यमंत्री पद की दावेदारी कर रहै है वे किसी ना किसी रूप मैं इसमें शामिल रहते है ) उनके सिवा कोई दूसरा नही हो सकता।
खैर
इस बीच आज स्याम को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंसीधर भगत का बयान आता है ओर वे उत्तराखंड सरकार में नेतृत्व परिवर्तन की अफ़वाहों को सिरे से नकारते है ओर कहते है कि
राज्य में क़ोई नेतृत्व परिवर्तन नहीं हो रहा और इस प्रकार की अफ़वाहें गहरे षड्यन्त्र का परिणाम हैं। ( अब सवाल ये खड़ा होता है कि ये गहरा षडयंत्र कर कोन रहा है??
जब मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने साफ साफ कह दिया कि जो मुख्यमंत्री की दावेदारी करना चाहते है या बनना चाहते है वही लोग इस तरह की
अफवाह फैला रहे है , ओर स्याद कुछ लोग पार्टी के भी हो सकते है! इस बात के बाद तो प्रदेश अध्यक्ष को कुछ और बयान देना चाइए था???
या ये कहना था कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र बताये उन लोगो के नाम जो उनकी नज़र में है ।
या फिर ये बयान आना चाइए था कि हा पार्टी को भी लगता है कि उनके खिलाफ षड्यंत्र कुछ अपने घर के लोग ही कर रहै है
हम इस पूरे मामले को ( पार्टी ) गम्भीरता से देख कर अपने स्तर से हम हाईकमान तक बात रखेगे। ओर भाजपा का सगठन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र जी के साथ है ।
( या फिर ये कह ले कि
प्रदेश अध्यक्ष जी को मालूम ही नही की मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने दिल्ली मैं क्या बयान दिया है ।
या उनकी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र से बीते तीन दिनों से इस मुद्दे पर बात ही नही हुई है !)

बजाय इस बात के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंसीधर भगत ये बोले की प्रदेश में किसी प्रकार का नेतृत्व परिवर्तन नहीं हो रहा है और मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व प्रदेश सरकार बहुत अच्छा कार्य कर रही है।
और अपना कार्यकाल पूरा करेगी । उन्होंने कहा कि प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की जो अफ़वाहें चल रही हैं वे पूरी तरह आधार हीन है और उनमें ज़रा भी सत्यता नहीं है।
भगत ने कहा कि प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की जो अफ़वाहें चलाई गई वे एक गहरे षड्यंत्र का परिणाम है। षड्यन्त्रकारी नहीं चाहते कि प्रदेश में विकास हो और ज़ीरो टालरेन्स की इस सरकार की भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ की जा रही कार्यवाही जारी रहे ।
ओर इसके बाद कांग्रेस पर बोले कि कांग्रेस जो ख़ुद गहरे संकट का शिकार है और अंदरूनी रूप से बिखरी हुई है उसके नेता भाजपा में राजनीतिक संकट की बातें कर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं । कांग्रेस उत्तराखंड में अपनी ज़मीन पूरी तरह से खो चुकी है । ऐसे में कांग्रेसी नेता जनता में अपनी ज़मीन ढूँढ रहे हैं ।पर अपनी नकारात्मक सोच व कार्यों से कांग्रेस उत्तराखंड में भी ज़ीरो होने जा रही है।जबकि भाजपा 2022 के विधानसभा चुनाव में भी इतिहास बनाएगी और पिछले चुनाव से अधिक सीटों पर विजय प्राप्त करेगी।
भगत ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार व संगठन मिलकर प्रदेश को विकास के मार्ग पर और तेज़ी से आगे के जाने के लिए कृतसंकल्प हैं और हमने जनता से जो वायदे किए हैं उन्हें पूरा करना अपनी ज़िम्मेदारी समझते हैं ।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेश की जनता और कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे इन अफ़वाहों पर ध्यान ना दे।


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