आप सबको नए साल की बहुत बहुत शुभ कामनाएं
ओर इस नया साल मैं उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सिंह रावत की सरकार से हम उम्मीद करते है कि राज्य का तेज़ी से विकास जो साल 2020 मैं।
18 मार्च 2020 को त्रिवेंद्र सरकार तीन साल पूरे कर लेगी। तीन सालों के दौरान त्रिवेंद्र सरकार ने राज्य के विकास का जो रोड मैप तैयार किया, उसे इस साल जमीन पर उतारने की तैयारी है।
बता दे कि त्रिवेंद्र सरकार वाह्य सहायतित योजना के तहत अब तक 15 हजार करोड़ रुपये की योजनाओं को स्वीकृत करा चुकी है। इस साल इन योजनाओं पर काम शुरू होने की उम्मीद है। सभी योजनाओं से अवस्थापना विकास में मदद मिलेगी और इन योजनाओं से शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में पानी, बिजली और स्वास्थ्य की सुविधाओं में सुधार होगा।’
आपकी ,उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सरकार ने नौकरी देने और पहाड़ से हो रहे ,बढ़ते पलायन को रोकने का भी बीड़ा उठाया है। दोनों ही जटिल पहेलियों को हल करने के लिए सरकार ने कार्य योजना तैयार की हैं। इस साल इन कार्ययोजनाओं पर जमकर काम होगा।


वाह्य साहयतित योजना के तहत स्वीकृत जमरानी बांध व सौंग बांध परियोजनाओं के निर्माण के अलावा स्मार्ट सिटी, शहरी क्षेत्रों में पेयजल योजना के तहत नई पेयजल योजनाओं का निर्माण, नमामि गंगे योजना के तहत शेष कार्यों को पूरा कराने को इस साल 5000 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों की टेंडर प्रक्रिया आरंभ होगी। 1400 करोड़ की स्मार्ट सिटी योजना के तहत 1000 करोड़ रुपये के टेंडर की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है और नए साल में इस योजना पर काम तेजी से आगे बढ़ेगा।

तो पर्यटन विभाग ने चारधाम के सारे शौचालय पूरी तरह से बदल डालने की तैयारी कर ली है। पर्यटन सीजन आरंभ होने से पहले चारों धामों के शौचालयों की शक्ल सूरत और सुविधाएं एकदम बदली बदली होंगी।
इस साल 400 करोड़ रुपये से मसूरी देहरादून रोपवे परियोजना पर काम शुरू हो जाएगा। इस रोपवे के बनने से पर्यटन के क्षेत्र में काफी बदलाव आने की उम्मीद है। साथ ही टिहरी बांध के सौंदर्यीकरण की योजनाएं भी नए साल में धरातल पर दिखेंगी।

– आपदा में क्षतिग्रस्त हुए करीब 600 करोड़ रुपये के पुलों का निर्माण भी मार्च तक पूरा हो जाएगा। 800 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट के तहत 200 करोड़ रुपये के पुलों का निर्माण पहले ही हो चुका है।

वही इस नए साल में टिहरी जनपद के लोगों को डोबरा चांठी पुल की सौगात मिल जाएगी। पिछले कई सालों से इस पुल के निर्माण का इंतजार हो रहा है। लोक निर्माण विभाग ने मार्च महीने में इस सस्पेंशन पुल को खोलने का लक्ष्य बनाया है। लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से तैयार ये पुल देश का सबसे लंबा झूला पुल है।
वही चारधाम आल वेदर रोड परियोजना का काम इस साल ज्यादा तेजी पकड़ेगा। 889 किमी की इस परियोजना पर 220.66 किमी की अनुमति मिल चुकी है। भूमि अधिग्रहण कार्य भी पूरा है। 393.98 किमी तक के 21 प्रस्ताव मंजूर किए जा चुके हैं। इस 4371.87 करोड़ खर्च होने हैं। अब 973 करोड़ के छह प्रोजेक्ट पर्यावरणीय कारणों की वजह से स्वीकृत नहीं हो पाए हैं। वहीं ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना के कार्य में भी तेजी से शुरू हो गया है। परियोजना के भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा हो चुका है। ऋषिकेश में रेल लाइन बिछाने का कार्य शुरू है।

बता दे कि 2021 में त्रिवेंद्र सरकार को महाकुंभ और राष्ट्रीय खेलों का आयोजन करना है। यह दोनों आयोजन काफी अहम है। इसी साल महाकुंभ के 1000 करोड़ रुपये के कार्यों को जमीन पर उतारना है। राष्ट्रीय खेलों के लिए लगभग 400 करोड़ रुपये से खेल अवस्थापना व्यवस्थाएं तैयार हो रही है। इन दोनों ही कार्यों को हर हाल में इस साल पूरा कराना सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।
इसके साथ ही त्रिवेंद्र सिंह रावत कि सरकार के काम काज पर सबकी नजर है।
ओर जो हमारे सूत्र बोलते है उसके अनुसार भाजपा के लगभग 15 से 20 विधायक के काम काज से जनता खुश नही है, तो पहाड़ से जीत कर आये और फिर मंत्री बने उन नेताओं से भी जनता नाराज है ।ऐसे मैं त्रिवेंद्र सिंह रावत को , भाजपा हाईकमान को अगर फिर 2022 मैं भाजपा की सरकार चाइए तो
कम से कम आगामी 2022 के विधानसभा चुनाव मे 15 से 20 उन विद्यायक का टिकट काटना होगा जो जनता की नज़र मैं खरा नहीं उतरे ये कड़वी बात है।
ओर इसमें यदि कुछ बदलाव होता है तो इस साल यानी साल यानी 2020 का उनका काम काज भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
क्या पता फिर जनता का मन बदल जाये फिलहाल आज के हालात की बात कह दी हमने ।

 


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here