हिमालय  पुत्र  मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के जन्म दिवस के शुभ मौके पर उत्तराखंड रत्न ओर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के मीडिया सलाहकार साथ ही वरिष्ठ पत्रकार रमेश भट्ट ने सोशल मीडिया के जरिये बताया कि उनका गाया गीत जै जै  हो देवभूमि  वीडियो गीत  का 23 दिसंबर को विमोचन होने जा रहा है जिसका  विमोचन  उत्तराखंड के  मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत  करेगे

जी हां स्वर्गीय गोपाल बाबू गोस्वामी रचित गीत जय जय हो देवभूमि के ट्रेलर के लॉन्च होने के बाद से ही स्वर्गीय गोपाल बाबू गोस्वामी के बेटे रमेश बाबू गोस्वामी जी बेहद खुश हैं।
उन्होंने मीडिया को बताया कि जो काम मेरे पिताजी के जीवित रहते नहीं हो पाया था उसको मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार , वरिष्ठ पत्रकार , उत्तराखंड के रत्न और गायक रमेश भट्ट ने पूरा किया है। उन्होंने कहा कि ये एक अधूरे सपने के पूरा होने जैसा है।
इस गीत में जिस तरह का वर्णन मेरे पिताजी स्वर्गीय गोपाल बाबू गोस्वामी जी ने किया था, उसका सजीव चित्रण उत्तराखंड रत्न रमेश भट्ट कर पाए हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि मेरे पिताजी का यह गीत 80 के दशक में बेहद हिट हुआ था लेकिन तब पहाड़ी गीतों के वीडियो बनाने बेहद मुश्किल थे। आज के तकनीकी युग में इसको साकार कर दिखाया रमेश भट्ट जी ने। मुझको बेहद खुशी है कि भट्ट जी ने इस गीत को मूल रूप से गाया और मूल रूप से उसका चित्रांकन किया। ओर अब ये गीत उत्तराखंड दर्शन के रूप में देखा जा रहा है, जो कि पिताजी के वक्त पर संभव नहीं था। जय जय हो देवभूमि गाकर और इसका फिल्मांकन कर रमेश भट्ट जी ने एक नया आयाम स्थापित किया है। उन्होंने ये भी कहा था कि नए दौर के गायकों में यह शिष्टाचार कतई नहीं है कि मूल रूप से गीत को रचने वाले रचनाकार की तरफ से भी अनुमति ली जाए।
मैं आभार व्यक्त करना चाहूंगा भट्ट जी का कि उन्होंने इस गीत के लिए मेरी माताजी से अनुमति ली और खुद मुझसे बातचीत की। मैं अभिभूत हूं कि मेरे पिता का यह गीत अब और ज्यादा अजर-अमर होगा।

जैसा कि आपको मालूम ही है कि उत्तराखंड के लोकगीतों की श्रेणी में पहली बार एक ऐसा गीत नए रूप में लॉन्च होने जा रहा है जिसमें आपको संपूर्ण उत्तराखंड दर्शन हो जाएंगे। इस गीत का टाइटल है ‘जय जय हो देवभूमि’। उत्तराखंड के मशहूर लोकगायक स्वर्गीय गोपाल बाबू गोस्वामी द्वारा रचित इस गीत को नए सुर दिए हैं वरिष्ठ टीवी पत्रकार और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के मीडिया सलाहकार उत्तराखंड रत्न रमेश भट्ट ने।
इस गीत में उत्तराखंड के अध्यात्म, धार्मिक एवं प्राकृतिक पर्यटन के साथ साथ संपूर्ण उत्तराखंड के सौंदर्य को दर्शाया गया है। पहली ही नजर में देखने और सुनने में ये गीत अपने मूल के साथ दर्शकों के दिलोदिमाग पर छा चुका है । उत्तराखंड के गढ़वाल, कुमाऊं और जौनसार बावर का बेहतरीन चित्रण इस गीत में है। देवभूमि के चारों धामों के साथ साथ गीत में तमाम छोटे-बड़े प्रसिद्ध सिद्धपीठों और पर्यावरणीय संतुलन का भी का सजीव चित्रण है। गीत में उच्च हिमालयी क्षेत्र और यहां के जीवन के अदभुत दर्शन होते हैं।

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अगर आपको भी उत्तराखंड के संपूर्ण दर्शन सिर्फ 6 मिनट में करने हैं तो आप इस गीत को जरूर देखें। तड़क भड़क और डांसिंग मूड के गीतों के इस दौर में ‘जय जय हो देवभूमि, जय जय हो मातृभूमि’ गीत जहां प्रवासी पर्वतीय लोगों को रिवर्स पलायन का संदेश देता है वहीं विश्व को देवभूमि उत्तराखंड के सजीव दर्शन भी कराता है। बता दे कि उत्तराखंड रत्न रमेश भट्ट
कही मंचों पर मैं उत्तराखंड के लोकगीत को सालो से गाते आ रहे है ,लेकिन ये पहला मौका है जब किसी गीत को प्रोफेशनल तरीके से स्टूडियो में उन्होंने इस गीत को गाया है । ओर अब जल्द ही आगामी 23 दिसंबर को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत इस पूरे 6 मिनट के गीत को लांच करने जा रहे है। जिसमे पूरे उत्तराखंड के दर्शन आपको होंगे।

 

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इस मौके पर आम से लेकर ख़ास सभी लोग मौजूद रहने वाले है।

 


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