ख़ास ख़बर : अफवाहों से दूर रहें, कोरोना वायरस से डरना नहीं है लड़ना है: महंत  देवेन्द्र दास जी महाराज जी, इन दिनों एकांत में रहकर अध्ययन, योग-साधना व आत्मचिंतन कर रहे  श्री महंत  देवेन्द्र दास जी महाराज जी।

प्रकृति प्रेम, स्वाध्याय व योग-साधना में समय का सदुपयोग कर रहे श्री दरबार साहिब के श्री महाराज जी

लाकडाउन के चलते इन दिनों एकांत में रहकर अध्ययन, योग-साधना व आत्मचिंतन कर रहे  श्री महंत  देवेन्द्र दास जी महाराज जी।

देहरादून।
वैश्विक महामारी कोरोना से सुरक्षा के मद्देनज़र लाॅकडाउन में लोगों को एकाकी समय का सदुपयोग करना चाहिए। मैं इन दिनों इस अतिरिक्त समय में प्रकृति प्रेम से जुड़े कार्यों, स्वाध्याय व योग साधना में समय व्यतीत कर रहा हॅूॅ। आध्यात्मिक पुस्तकों के अध्ययन के साथ साथ माॅर्डन मेडिकल साइंस की पुस्तकों का अध्ययन व योग-साधना में समय व्यतीत कर रहा हॅू।
स्वयं की खोज व आत्ममंथन के लिए यह समय सबसे उपयुक्त है। समय अभाव के कारण जिन रूचियों को पूरा करने के लिए आप समय नहीं निकाल पा रहे थे, यह समय उन लक्ष्यों को पूरा करने का सही समय है। इस अतिरिक्त समय का उपयोग खुद को शारीरिक व मानसिक मजबूत करने के लिए भी उपयुक्त है।
इस समय का उपयोग ज्ञान को बढ़ाने व अपनी क्षमताओं को विकसित करने में करें।
जी हा यह कहना है श्री दरबार साहिब देहरादून के सज्जादानशींन व श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज जी का।
श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज जी अपनी दिनचर्या की शुरूआत सूर्योदय से पहले करते हैं। इस समय चित्त एकदम शांत होता है, यह समय ध्यान योग व प्राणायाम के लिए भी सबसे उपयुक्त माना गया है।
वे कहते हैं कि इन दिनों योग-ध्यान-साधना श्री झण्डे जी व श्री दरबार साहिब में पूजा अर्चना के बाद उनके दिन की शुरूआत श्री गुरु राम राय दरबार साहिब की गोशाला में गायों को आहार देने से शुरू होती है
वे नाश्ते में गौशाला की गाय का दूध व मौसमी फलों, अंकुरित मूंग व चना का सेवन करते हैं।
शरीर में पौष्टिक तत्वों की मात्रा को बढ़ाने के लिए वह जैविक खेती से उत्पादित अनाज़ को ही प्राथमिकता देते हैं।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए वह तुलसी, अदरक, हल्दी व गिलोय को भी अपने दैनिक आहार में शामिल करते हैं।
ग्रीन-टी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ ही हमें कई रोगों से दूर रखती है। वह श्री दरबार साहिब की टी-स्टेट की ग्रीन टी का नियमित इस्तेमाल करते हैं।
दोपहर के भोजन में वह रोटी-दाल व सब्ज़ी लेते हैं।
श्री महाराज जी कहते हैं कि जैविक खेती से उत्पादित फल सब्जियाॅ व दालों को अपने दैनिक आहार में अधिक से अधिक उपयोग में लाना चाहिए। रात्रि भोजन में हल्का व सुपाच्य भोजन लेकर 3 घण्टे बाद सोने चले जाते हैं।


यह समय संयम, आत्म-अनुशासन व सहयोग का
वैश्विक महामारी कोरोना की रोकथाम के लिए यह समय संयम, आत्म अनुशासन व सयहोग का है। हम सब को आगे आकर सामुहिक सहयोग करना होगा। राष्ट्रहित में जो सहयोग हम कर सकते हैं स्वेच्छा भाव से करें। भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जो भी गाइडलाइंस जारी की जा रही है, सभी को उसका अनुपालन करना है। उन्होंने पूरे उत्तराखंड सहित देश विदेश की जनता के साथ ही श्री दरबार साहिब से जुड़ी सभी संगतों, श्रद्धालुओं से यह अपील की कि अगले सरकारी आदेशों तक अपने घरों में रहें, अनावश्यक बाहर न निकलें। वह स्वयं भी ऐसा ही कर रहे हैं। अफवाहों से दूर रहें, कोरोना वायरस से डरना नहीं है लड़ना है।
श्री महाराज जी ने कहा कि
पठन-पाठन, व आत्मचिंतन एकाकी समय के लिए सर्वोत्तम
यह समय पठन-पाठन व गम्भीर आत्मचिंतन के लिए सर्वोत्तम है। साथ ही श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक, विभाध्यक्षों व सभी जिम्मेदार अधिकारियों के साथ प्रतिदिन स्वाथ्य सेवाओं व तैयारियों के बारे में जानकारी प्राप्त करता हूॅ। एसजीआरआर पब्लिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों से बच्चों की पढाई के बारे में, स्कूलों के रखरखाव, जैविक खेती की उन्नति रिपोर्ट, टी-स्टेट के में चाय उत्पादन की रिपोर्ट, सामाजिक लोगों से फोन पर वार्ता व दिशा निर्देशन सहित देश विदेश की संगतो के साथ संवाद कर समय का सदुपयोग कर रहा हॅू।
श्री महाराज जी ने कहा कि मेरे गुरु ब्रहमलीन श्रीमहंत इन्दिरेश चरण दास जी महाराज कहते थे कि एकाकी समय को वैयक्तिक शोध का विषय बना लेना चाहिए। एकाकी एकांत में शोधार्थियों ने बड़े बड़े शोध किए हैं, विज्ञान की नई खोज को बल मिला है व जेल में रहते हुए कई महापुरुषों ने अमर पुस्तकें लिख डाली हैं। एकांत शून्य भी है, शांत भी है और आंनन्द भी है। यह आप पर निर्भर करता है कि आप एकांत को किस रूप में लेते हैं। मेरे लिए यह समय पठन-पाठन व आत्मचिंतन के लिए सर्वोत्तम समय है।

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