जमरानी बांध के लिए 2584 और देहरादून स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को 1461 करोड़ की मंजूरी

त्रिवेंद्र सरकार की 2584 करोड़ की महत्वपूर्ण परियोजना जमरानी बांध का 80 प्रतिशत खर्च अब केंद्र सरकार उठाएगी।
जी हां  केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने कल यानी बुधवार को इसकी स्वीकृति दे दी।ओर बाह्य सहायता के तहत यह खर्च एशियन डेवलपमेंट बैंक उठाएगा और कुल खर्च का 80 प्रतिशत केंद्र सरकार वहन करेगी ये मोटी मोटी महत्वपूर्ण बात है
ओर अब इसी के साथ 40 साल पहले देखा सपना सच होने जा रहा है , जमरानी बांध का निर्माण शुरू होना तय हो गया है। वित्तीय दबाव को देखते हुए त्रिवेंद्र सरकार की ओर से जमरानी और सौंग बांध का निर्माण बाह्य सहायता के तहत किए जाने की कोशिश की जा रही थी। इसी के तहत कुछ समय पहले ही शासन ने वित्त मंत्रालय को यह प्रस्ताव भेजा था। कल बुधवार को सचिव सिंचाई भूपिंदर कौर औलख और सिंचाई विभाग के अधिकारियों की वित्त मंत्रालय में हुई बैठक में एडीबी से खर्च उठाने पर सहमति बनी। केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से यह आदेश भी जारी कर दिया गया गया है कि सचिव सिंचाई और अधिकारियों की टीम ने इसके बाद नीति आयोग के पदाधिकारियों से भी मुलाकात करेगी


बाह्य सहायता के तहत एडीबी इस परियोजना के लिए धन देगा। केंद्र सरकार 80 प्रतिशत और राज्य सरकार 20 प्रतिशत खर्च उठाएगी। इस वित्तीय वर्ष में यह प्रदेश के लिए स्वीकृत होने वाली पहली बाह्य सहायता परियोजना होगी।
वही केंद्र सरकार ने 1461 करोड़ की देहरादून स्मार्ट सिटी परियोजना को भी मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के लिए एशियाई इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट बैंक(एआईआईबी) से 1168.87 करोड़ की एक्सट्रनल ग्रांट भी स्वीकृत हो गई है। स्मार्ट सिटी योजना में मसूरी माल रोड समेत देहरादून में 61.10 किमी. लंबी 11 सड़कों को स्मार्ट बनाया जाएगा। सड़क निर्माण पर 1368 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। आपको बता दे कि स्मार्ट रोड बनने के बाद दोबारा बार-बार खोदने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
प्रदेश सरकार ने देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड के माध्यम से देहरादून और मसूरी में स्मार्ट रोड और पब्लिक ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 1461.09 करोड़ का प्रस्ताव केंद्र को भेजा था। इस परियोजना के लिए एआईआईबी ने एक्सट्रनल ग्रांट स्वीकृत कर दी है।
ये भी बता दे कि इस परियोजना में 1338 करोड़ की लागत से स्मार्ट रोड का निर्माण किया जाएगा। जिसमें स्ट्रीट लाइट की सुविधा, जलापूर्ति, ड्रेनेज, सीवरेज, मल्टी यूटिलिटी डक्ट आदि कार्य किए जाएंगे। वहीं, शहर में बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए 100 स्मार्ट बसों को ग्रोस कोस्ट कान्ट्रेक्ट(जीसीसी) मोड पर 123 करोड़ की लागत से संचालित किया जाएगा। इलेक्ट्रिक बसों का कनसेशन पीरियड करीब 10 वर्ष रखा जाएगा। देश के 100 स्मार्ट सिटी में देहरादून पहला स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट हैै। जिसे एआईआईबी से एक्सट्रनल ग्रांट मिली है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि
जमरानी बांध के लिए ₹2584 करोड़, टिहरी झील में पर्यटन विकास के लिए ₹1200 करोड़ तथा देहरादून को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए ₹1400 करोड़ की राशि स्वीकृत करने के लिए मा. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का हार्दिक आभार। 14 MW क्षमता के जमरानी बांध से तराई भाबर क्षेत्र को बिजली, पेयजल व सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो सकेगा। यह महत्वाकांक्षी परियोजना भाबर की लाइफलाइन है।
टिहरी झील को विश्व पटल पर लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार के वित्तीय सहयोग से यहां इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास तथा सी-प्लेन संचालन से पर्यटन गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा। रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

 


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here