ख़बर ये है

कि बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के रावल को भेजा बुलावा, उत्तराखंड मै 14 दिन के लिए होंगे क्वारंटीन

जी हा चारधाम यात्रा के श्रीगणेश के लिए बदरीनाथ और केदारनाथ के रावल व अन्य लोगों को 15 अप्रैल को उत्तराखंड पहुंचने के लिए कह दिया गया है।
बता दे कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए अप्रैल के अंतिम सप्ताह में दोनों धामों के कपाट खुलने से पहले ही रावलों को क्वारंटीन करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
हम जानते है कि  26 अप्रैल को गंगोत्री व यमुनोत्री धाम और 29 व 30 अप्रैल को केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे।बता दे कि  कोरोना संक्रमण को देखते हुए यह तय किया गया था कि बदरीनाथ धाम और केदार धाम के रावल, नायब रावल और सेवादारों को पहले ही बुला लिया जाएगा। इनको केरल और कर्नाटक से आना है।
इसलिए इनको 14 दिन के लिए क्वारंटीन भी किया जाएगा। चारधाम विकास परिषद के उपाध्यक्ष आचार्य शिव प्रसाद ममगांई ने बताया कि  इन लोगों को चमोली या जोशीमठ में क्वारंटीन करके रखा जाएगा। इसी के साथ यह भी तय कर लिया गया है कि कपाट खुलने के दौरान होने वाली रस्मों में केवल बेहद जरूरी लोग ही शामिल होंगे।
ओर मंदिरों के कपाट तो मुहूर्त के अनुसार तय तिथियों पर खोल दिए जाएंगे, लेकिन भगवान के दर्शनों के लिए भक्त कब उनके धाम पर पहुंचेंगे, अभी ये
तस्वीर पूरी तरह से साफ नहीं है।


बता दे कि
पिछले साल यानी
साल 2019 में 42 लाख 56 हजार तीर्थयात्री चारधाम यात्रा के लिए आए थे। इसमें हेमकुंड साहिब और पिरान कलियर के यात्री भी शामिल थे। साल 2013 में दैवीय आपदा के बाद से चारधाम यात्रा पूरी तरह से पटरी से उतर गई थी। उसके बाद राज्य सरकार के प्रयास और यात्रियों की अगाध आस्था के बल से चारधाम यात्रा ने अपनी पुरानी गति पकड़ी थी


लेकिन इस बार कोरोना की वजह से स्थानिय लोगो की जीविका पर भी संकट आ खड़ा हुआ है लगभग 25 लाख की आबादी का रोजगार यात्रा चार धाम ही है ऐसे मै उनकी रोजी रोटी पर भी अभी खतरा मंडरा रहा है । देखते है आगे क्या होता है


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