जागरूकता अभियान, उत्तराखण्ड प्रवासी कृपया ध्यान दें❗️

*जागरूकता अभियान*
*उत्तराखण्ड प्रवासी कृपया ध्यान दें*❗️ ko
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*’गढ़सलाण विकास समिति पँजी०’ दिल्ली द्वारा उत्तराखण्ड के प्रवासी भू-स्वामियों को जनहित में सचेत किया जाता है कि पहाड़ की गोल-खाता (सह-खातेदारी) पैतृक भूमि को फर्जीवाड़ा करके हड़पने के लिए कुछ क्षेत्रों में जालसाज गिरोह सक्रिय हैं l*
*’गढ़सलाण’ की मासिक बैठक के दौरान अध्यक्ष राजेश राणा ने गाँव खोलकाँडी, पो०ऑ० पौखाल, तहसील कोटद्वार के पुश्तैनी निवासी श्री विनोद सिंह की लिखित शिकायत पत्र पर ध्यानाकर्षित किया और आश्चर्यजनक तरीके से किये गए भूमि फर्जीवाड़े के सम्बन्ध में तत्काल कार्यवाही हेतु भूमि-राजस्व विभाग, पौड़ी गढ़वाल के अधिकारियों से सम्पर्क किया और शीघ्रति-शीघ्र त्वरित जाँच कर उत्तर देने का निवेदन किया । साथ ही भूमि सम्बन्धित अन्य क्षेत्रीय अधिकारियों का ध्यानाकर्षण इस जालसाजी के तरीके की ओर किया, तो इस भूमि चोर गिरोह का फर्जीवाड़ा सामने आ गया, जिसमें निश्चित तौर पर राजस्व विभाग की सँलिप्तता भी सम्मिलित है । गढ़सलाण को प्राप्त लिखित जानकारी के अनुसार विनोद सिंह जी तहसील कोटद्वार के अन्तर्गत खोलकाँडी गाँव के निवासी हैं और देहरादून में प्रवासी हैं, उनकी पैतृक भूमि खोलकाँडी के दो कानूनी वारिस, स्वयँ विनोद सिंह तथा उनकी अशिक्षित 80 वर्ष की बूढ़ी माता जी हैं (माता जी गाँव में ही रहती थीं), पिछले माह विनोद सिंह की माता का देहान्त हो चुका है । अब अकेला वारिस विनोद सिंह अपनी पैतृक भूमि को भू-अभिलेखों में अपने पक्ष में दर्ज कराने हेतु कोटद्वार तहसील गये तब खाता-खतौनी की प्रति से ये फर्जीवाड़ा सामने आया, कि माता जी अपने पुत्र को बताये बगैर अपने हिस्से की आधा हेक्टे० भूमि (नोटबदी के समय) 3 लाख 46 हजार रु० नकद भुगतान राशि में बेच चुकी हैं, जो सरासर गलत है । पूछताछ करने पर ज्ञात हुआ कि अक्टूबर 2016 में जब माता जी थोड़ी अस्वस्थ थीं तो कुछ भूमि-जालसाजों ने सरकारी कर्मचारियों से साँठ-गाँठ करके, उनके पुत्र विनोद को बिना सूचना दिये, बहला-फुसला कर उनकी पेंशन लगाने और एकमुश्त अग्रिम राशि का नकद भुगतान करने का लालच देकर ‘रजिस्ट्रार भूमि’ कार्यालय कोटद्वार ले आये थे और उनका अँगूठा लगवाकर फर्जीवाड़ा करके उनकी करीब आधा हेक्टेयर भूमि की रजिस्ट्री किसी रिया रावत पुत्री जयपाल सिंह रावत, कालाबड़, पट्टी सुखरौं (पौड़ी गढ़वाल) ने अपने नाम करवा दी गई ।*
*अब गढ़सलाण सँस्था की जनहित तत्परता से रजिस्ट्रार कार्यालय से सत्यापित हो चुका है कि फर्जीवाड़ा हुआ है, तो ‘भूमि-राजस्व विभाग’ में हड़कम्प मचा हुआ है, क्योंकि इसी भूमि को फिर फर्जी तरीके से तीसरे किसी अन्य के साथ अदला-बदली कर दी गई है । भूमि हड़पने वालों का पता भी चल चुका है, जिन पर उचित कार्यवाही करने की परिक्रिया आरम्भ हो चुकी है ।*
*आप समस्त उत्तराखण्ड प्रवासी इस विज्ञप्ति को पढकर सावधान रहें और अपनी तहसील से अपनी पैतृक भूमि की खाता-खतौनी निकलवाकर सारे खसरा नंबर की भूमि के सभी खेत नंबर को सत्यापित कीजिये, कहीं ऐसा तो नहीं कि आप भी ऐसे भूमि-फर्जीवाड़ा गिरोह के शिकार हो चुके हों ।

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