जानो योग दिवस पर क्या कुछ ख़ास पीएम मोदी देहारादून से बोले

देवभूमि उत्तराखंड का नाम और तरीख 21 जून का दिन इतिहास के की किताब मे दर्ज हो गया है क्योकि यही से देवभूमि की अस्थाई राजधानी देहारादून से से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देहरादून से लेकर डबलिन तक, शंघाई से लेकर शिकागो तक, जकार्ता से लेकर जोहानिसबर्ग तक, योग ही योग है हर तरफ सिर्फ योग ही योग  
बोलता उत्तरखण्ड आप को बता रहा है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दून के भारतीय वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआइ) परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पीएम नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखंड से दुनिया भर के योग प्रेमियों को सबसे पहले योग दिवस की बधाई दी। पीएम ने कहा कि उत्तराखंड कई दशकों से योग का मुख्य केंद्र रहा है यहां के पर्वत ओर वायु भी योग के लिए लगातार प्रेरित करते हैं। ओर देवभूमि यहा हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती है।
पीएम बोल रहे थे कि मां गंगा की इस पवित्र भूमि पर जहां चार धाम स्थित हैं, जहां आदि शंकराचार्य के चरण पड़े, जिस भूमि ने स्वामी विवेकानंद को बार-बार आकर्षित किया, वहां योग दिवस के मौके पर हम सभी का होना ये किसी सौभाग्य से कम नहीं है। ये हम सभी भारतियों के लिए गौरव की बात है कि आज जहां सूर्य की किरणें पहुंच रही हैं। वहां लोग सूर्य से योग का स्वागत कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि आज
दुनिया के कोने-कोने तक योग ही योग है। संसार का हर नागरिक योग को अपना मानने लगा है। योग आज दुनिया की सबसे पावरफुल यूनिफाइंग फोर्सेस में से एक बन गया है। उन्होंने कहा कि जब तोड़ने वाली ताकतें बढ़ती हैं तो बिखराव आता है। ऐसे में योग शांति की अनुभूति कराता है। समाज में सद्भाव बढ़ाता और एक सूत्र में पिरोता है। बिखराव के बीच योग जोड़ने का काम करता है।
दुनिया में हर जगह सूर्य का स्वागत योग से हो रहा है। योग से परिवार, समाज, राष्ट्र में शांति का माहौल बनता है। योग व्यक्ति, समाज, राष्ट्र, विश्व और संपूर्ण मानवता को जोड़ता है। योग से विश्व बंधुत्व और ग्लोबल फ्रेंडशिप को नई ऊर्जा मिली है। हिमालय से लेकर रेगिस्तान तक आज योग जीवन को समृद्ध कर रहा है।

पीएम ने कहा कि हम अपनी इस अनमोल विरासत गर्व करें तो दुनिया भी गर्व करेगी। योग का दुनिया के सबसे ज्यादा देशों ने समर्थन किया। योग ऐसा प्रस्ताव था, जिसे संयुक्त राष्ट्र में कम समय में मंजूरी मिली। निजी और समाजिक जीवन में योग का महत्व। दुनियाभर में योग की स्‍वीकार्यता बेहद तेजी से बढ़ रही है। योग आज दुनियाभर में जन आंदोलन बन चुका है। पीएम मोदी ने कहा कि , नियमित योग का अभ्‍यास किसी भी प्रकार के मेडिकल खर्चे का भी कम करता है। हम सभी का स्‍वस्‍थ रहना आवश्‍यक है। योग ने दुनिया को इलनेस से वेलनस का रास्‍ता दिखाया। आज के दिन मेरा आपसे आग्रह है कि जो लोग योग के साथ जुड़े हैं वे नियमितता लाएं और जो योग से नहीं जुड़े हैं, वो इससे जुड़ने का प्रयास जरूर करें।
अतरराष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी 50 हजार साधकों के साथ योग किया। एफआरआइ परिसर में पीएम मोदी के साथ योग करने के लिए लोग आधी रात से ही पहुंचने लगे थे। हरिद्वार व आसपास के जिलों से भी लोगों का पहुंचने का सिलसिला रात ही शुरू हो गया था। सुबह करीब साढ़े छह बजे पीएम मोदी एफआरआइ परिसर पहुंचे। लोगों ने तालियों से उनका अभिनंदन किया।

  1. इस दौरान सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने चतुर्थ अंतरराष्‍ट्रीय योग की मेजबानी उत्‍तराखंड को मिलनी गौरव की बात है। सीएम ने कहा आपका ( पीएम मोदी) का इस यहा से विशेष लगाव है, इसलिए आप हमारी चिंता करते हैं। मेजबानी के लिए सीएम ने पीएम मोदी का धन्‍यवाद किया। इस दौरान केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपद नाइक ने योग पद्धति के विकास को की जा रहे विभिन्न क्रियाकलापों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने योग के महत्व को समझते हुए इसे अंतरराष्‍ट्री स्तर पर पहचान दिलाई है। इससे पहले पीएम मोदी ने राजभवन प्रांगण में चंदन वृक्ष का पौध रोपण किया
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को राज्यपाल डॉ कृष्ण कांत पाल ने स्मृति चिह्न भेंट किया। प्रधानमंत्री ने राजभवन प्रांगण में चंदन वृक्ष का पौध रोपण किया। राज्यपाल डा पाल और उनकी पत्नी ओमिता पाल, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्य सचिव, डीजीपी, सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, राज्य प्रोटकॉल अधिकारी डॉ राघव लांगर मौजूद रहे।

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