अल्मोड़ा जिले में 18 से 29 अप्रैल तक होगा कुछ ऐसा काम कि फिर होगा पूरी दुनिया में अल्मोड़ा का नाम

अल्मोड़ा- जिले के वीरान जंगल में आने वाली 18 से 29 अप्रैल तक एक ऐसा आयोजन होगा कि मुमकिन है कि, उसके बाद अल्मोड़ा में सैलानियों और श्रद्धालुओं की इतनी तादाद बढ़ जाए कि विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल की बात सच हो जाए।
जी हां,  18 से 29 अप्रैल तक अल्मोड़ा के कनरा के पास डोल स्थित कल्याणिका हिमालय देवस्थानम न्यास आश्रम में उसके लिए एक भव्य आध्यात्मिक आयोजन हो रहा है।
आयोजन इतना भव्य है कि  कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर जहां उत्तराखंड के राज्यपाल के.के.पॉल उपस्थित रहेंगे वहीं  समापन अवसर पर सूबे के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत शिरकत करेंगे।
ग्यारह दिवसीय इस आध्यत्मिक कार्यक्रम में देश दुनिया के आध्यात्मिक और कई राजनैतिक हस्तियों का जमावड़ा लगने की संभावना जताई जा रही है।
दरअसल अल्मोड़ा जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर वीरान जंगल में बने आश्रम में  दुनिया का सबसे बड़ा और प्रदेश के पहले वजनी श्रीयंत्र की स्थापना की जाएगी।
कल्याणिका हिमालय देवस्थानम् न्यास आश्रम के संस्थापक संत कल्याण दास की माने तो आश्रम में स्थापित होने वाले श्रीयंत्र का वजन1670(एक हजार छह सौ सत्तर ) किलोग्राम है। दुनिया के सबसे भारी श्रीयंत्र की स्थापना दक्षिण और उत्तर के प्रकाण्ड विद्वानों की उपस्थिति में होगी।
संत कल्याण दास ने जानकारी दी कि साल 2012 से इस श्रीयंत्र के लिए तैयारी चल रही थी। अब साल 2018 में मंदिर और साधना केन्द्र का निर्माण पूरा हो चुका है।
वहीं संत कल्याणदास ने बताया कि दुनिया के सबसे भारी श्रीयंत्र की स्थापना के मौके पर देश के साधक श्रद्धालु ही नहीं बल्कि तकरीबन छह मुल्कों के श्रद्धालु भी इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।
जिले में इतने भव्य कार्यक्रम के आयोजन पर सूबे के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और मौजूदा स्थानीय विधायक गोविन्द सिंह कुन्जवाल ने कहा कि, ” दुनिया के सबसे बड़े श्रीयंत्र की स्थापना के बाद अल्मोड़ा का नाम विश्व के पर्यटन मानचित्र पर तीर्थाटन के लिए आसानी से पहचाना जाएगा।
यानि अब तक सैलानियों से गुलजार रहने वाले उत्तराखंड की सांस्कृतिक राजधानी माने जाने वाले अल्मोड़ा में श्रीयंत्र स्थापना के बाद श्रद्धालुओं की आमद भी बढ़ जाएगी।

 

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