उफ ये शराब कि दुकान ,बदनाम कर डाला डबल इज़न को!!! हर दा से ज्यादा या कम???

बोलता हैं उत्तराखण्ड वहां मेरी डबल इज़न की सरकार आपने कर दिया कमाल विधा के मंदिर के रास्ते में अब खुल रही हैं शराब की दुकान आपने तो
आरएसएस की भी नही सुनी फरियाद!!
ये बात कहने में कोई दिकत नही होनी चाइए की जब से डबल इज़न की सरकार बनी तब से इस एक साल में शराब कि दुकानों को लेकर डबल इज़न की सरकार की खूब दबाकर बदनामी हो गयी और अभी भी जारी हैं क्योंकि सरकार अब तो स्कूल के छात्र  भी आप के राज में सड़कों पर उतर आए हैं और ये छात्र गढ़वाल के हैं चलो पूरी बताता हूँ   
आपके अपने पौड़ी विधायक, विद्या भारती, बजरंग दल, विहिप, और आम जनता सभी आपके विरोध में अब झंडा बुलंद कर चुके हैं
आपकी सरकार आबकारी में राजस्व बड़ा चुकी हैं इसलिए उन्हें अब रपेयो के सिवा कुछ नही दिख रहा हैं पर एक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सदस्य को तो सबकुछ दिखना चाइए था जहां संस्कारों व सिद्धांतों की खुले आम धजिया उड़ाई जा रही हैं पौड़ी गढ़वाल के कल्जीखाल विकासखंड के घंडियाल कस्बे में आपकी सरकार द्वारा एक नया शराब का ठेका सृजित किया गया है। जिसे अनुज्ञापी द्वारा विद्या भारती द्वारा संचालित सरस्वती विद्या मंदिर के मुख्य रास्ते पर खोल दिया गया है। मतलब साफ है कि विद्यालय में जाने वाले नौनिहाल अब रोज़ सुबह मधुशाला से होकर गुजरेंगे। ।।             ओर अब ये भी हो सकता हैं कि छात्र छात्राओं से अब उनके अपने हो या पराए या फिर बड़े भाई या नाते रिश्तेदार जो ये कहे कि बेटा तेरे स्कूल के रास्ते में जो शराब की दुकान हैं जरा आते समय वहां से एक आधा या पवा या फिर बोतल लेते आना अरे अपने स्कूल वाले झोले में डाल कर लाना ना जी हा ये हो सकता हैं ओर फिर ये भी हो सकता हैं कि उत्तराखण्ड का भविष्य कही नशे की चपेट में ना फसता चला जाये।                अरे सरकार हमारे मंत्री प्रकाश पंत जी ने पानी तो गांव गांव एक साल के अंदर पहुचाया नही पर शराब की दुकानें जरूर पहुँचा दी अब वो भी क्या करे क्या पता उन पर दबाव हो चलो ये तो आप जाने पर कम से कम आरएसएस की बुनियाद पर गठित डबल इज़न से ये उम्मीद ना थी जी
कुछ दिनों पहले आवंटित हुए शराब के ठेकों के तहत पौड़ी जनपद के कल्जीखाल विकासखंड के घंडियाल में भी एक नई अंग्रेजी शराब की दुकान खोली गई है। इस दुकान को बाकायदा मुख्य बाजार से आरएसएस के आनुशंगिक संगठन विद्या भारती के विद्यालय सरस्वती विद्या मंदिर के रास्ते में खोला जा रहा है। इस फैसले से न केवल अभिभावक बल्कि क्षेत्रीय जनता भी परेशान हैं भाजपा के राज में विद्याभारती के संस्थान के रास्ते में शराब की दुकान खोले जाने से लोग सन्न हैं।।              इतना ही नहीं सरकार के इस फैसले से आरएसएस की छवि पर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि इस बीच विद्या भारती, बजरंग दल, विहिप आदि ने इस दुकान को शिफ्ट करने की पुरजोर मांग कर दी है।
ओर यही वजह है कि अब छात्रो के पास कॉपी किताब
के बदले उनके हाथों में विरोध की तख्तियां नज़र आई मंगलवार को
विद्यालय के नौनिहाल हाथों में किताबों की जगह विरोध की तख्तियां लिए हुए मुख्यमंत्री व आबकारी मंत्री से गुहार लगा रहे हैं। उधर, दूसरी ओर पौड़ी के विधायक मुकेश कोली ने स्पष्ट किया है कि विद्या मंदिर के रास्ते में किसी भी दशा में दुकान नहीं खोलने दी जाएगी। जिले के आबकारी अधिकारी ने भी कहा है कि स्कूल के रास्ते में दुकान किसी भी दशा में नहीं खुलेगी, इस मसले पर जनता की भावनाओं को मध्यनजर रखा जाएगा। लेकिन सवाल यही हैं कि ये हो कैसे गया डबल इज़न के राज में तब
विद्या भारती के छात्र छात्राएं सड़कों पर उतरने को मजबूर हो गए और उन्होंने
मंदिर स्कूल के मुख्य मार्ग पर खोली जा रही शराब की दुकान के विरोध में मंगलवार को सड़कों पर उतरकर शराब की दुकान खोलने से आक्रोशित छात्र छात्राओं ने हाथों में तख्तियां लेकर मौन जुलूस निकाला।
यही नही सुनने में आया हैं कि बिलखेत में भी नई शराब की दुकान का विरोध चल रहा हैं
शराब की दुकान के विरोध में महिलाओं द्वारा मोर्चा खोला गया है।  niअब बोलता हैं उत्तराखण्ड कि हैं सरकार हमारे पानी वाले मंन्त्री ओर शराब मंत्री मतलब आबकारी मंत्री एक ही हैं ना ये क्यो हुवा कि पानी तो गाँव गाँव पहुचा नही पर शराब की दुकानें पहाड़ के कोने कोने तक पहुच गयी हैं सरकार के मुखिया आप का भाषण हम टीवी में सुनते हैं अखबारों में पड़ते जब आप कहते हैं कि देवभूमि के लोगो मेरे साथ संकल्प लो कि हम सब नशे के खिलाफ लड़ेंगे किसी को नशा नही करने देंगे ओर दूसरी तरफ आबकारी का इस साल का राजस्व का लक्ष्य पिछले साल से ज्यादा तय हो जाता हैं अब आप बताये हम किस बात पर विस्वास करे आपके द्वारा लिए जा रहे सकल्प के साथ रहे या आपके द्वारा आबकारी का इस साल का जो राजस्व का लक्ष्य रखा गया हैं उसके साथ चले क्योंकि दोनों बातें आपकी सरकार से ही निकलती हैं आप बताये राज्य की जनता को वो किस बात पर अमल करे हरीश रावत सरकार पर तो जमकर बीजेपी ने हरीश रावत को शारब माफिया तक कह डाला था ठीक बीजेपी के अपने आरोप थे पर जनता यह पूछ रही हैं कि जब विधा के मंदिर के रास्ते में माधुशाल कि दुकाने खुल रही हो ,जब पहाड़ मना कर रहा हो कि यह शारब नही बीकेगी जब माननीय कोर्ट भी अपनी बात रखता हो यात्रा मॉर्ग पर शारब की दुकानों को ना कहता हो तब सरकार बड़े कोर्ट का दरवाजा खटखटाये ओर फैसला अपनी तरफ ले आये या फिर बात नेशनल हाइवे को राज्य मॉर्ग जिला मॉर्ग वाली बात हो सब कुछ इस एक साल के अंदर अरे शाहब इतना तो शराब के मसले में हरीश सरकार भी बदनाम ना थी जितना आज़ डबल इज़न की ही गयी हैं हा हर द की सरकार के दौरान कुछ समय के लिए ब्रांड वाली शराब गायब जरूर हो गयी थी लोग डेनिस पी रहे थे पर आज भी शराब की दुकान में डेनिश मौजूद हैं क्यो शाहब क्यो सवाल बहुत हैं फिलहाल इतना ही कहगे कि हैं सरकार राज्य की आय के मोटे राजस्व के लिए नए रास्ते विकल्प देखिए सहाब मानते हैं कि ये छोटा काम नही पर जब साथ डबल इज़न का हो और तीसरा इज़न भी आपका ही हो तो फिर नो बहाना आबकारी मंन्त्री जी और ना कोई गुजाइश बची रहती हैं मुखिया जी अब देख लो पहाड़ मासूम छात्र भी उतर आए हैं आपके विरोध में                                     तो उधर  टिहरी गढ़वाल की नरेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र के ढालवाला क्षेत्र में शराब की दुकान खोले जाने के विरोध में संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले मंगलवार को ग्रामीणों ने सांकेतिक धरना दिया, और चेतावनी दी कि अगर शासन- प्रशासन ने गांव वालो की मांगों को नही सुना तो ग्रामीण शराब के खिलाफ उग्र आंदोलन चलाने को बाध्य हो जाएंगे।
मुनी की रेती के ढालवाला क्षेत्र में शराब की दुकान आबंटन से विगत दिनों पूर्व राज्य सरकार को 9 करोड़ रुपए के राजस्व की प्राप्ति हुई थी, जो उत्तराखंड में शराब के ठेकों के आबंटन से प्राप्त होने वाली सबसे अधिक धनराशि मानी जा रही है। लेकिन ढालवाला में शराब की दुकान खुलने से पहले ही स्थानीय नागरिकों व महिलाओं के विरोध के स्वर मुखर हो गए है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जबरन ढालवाला क्षेत्र मे शराब की दुकान खोली जाती है तो इसका विरोध किया जायेगा, जिसके चलते आज बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं व नागरिकों ने एकत्र होकर ढालवाला पुलिस चौकी के समीप सांकेतिक धरना दिया और ढालवाला में शराब की दुकान खोले जाने का विरोध किया, और सरकार को चेताया की यदि ढालवाला में प्रस्तावित शराब की दुकान के आवंटन को निरस्त नही किया गया तो वह सड़को पर उतरकर आंदोलन करेगे।धरना देने वालो में कुसुम जोशी, शोभा खत्री, चंद्रकांता जोशी, कमला जोशी, आशा, गोदम्बरी, शाकुंभरी, दिनेश भट्ट, अनुराग पयाल, हिमांशु बिजल्वाण आदि शामिल थे।

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