I.g गढ़वाल अजय रौतेला ने सख्ती से दिए पुलिस अधिकारियो को दिशा निर्देश

अजय रौतेला पुलिस उपमहानिरीक्षक गढवाल परिक्षेत्र द्वारा रेन्ज कार्यालय देहरादून में अपराध समीक्षा बैठक ली गयी। इस बैठक में निम्न बिन्दुओं पर चर्चा कर निम्न निर्देश दिये गये।
जिसमे सम्प्रादायिक प्रकृति की किसी भी सूचना को गंम्भीरता से लिया जाये, किसी भी दशा में कोई घटना सम्प्रादायिक दंगे का रुप न लेने पाये। इसके साथ
डकैती हत्या एंव बड़ी लूट की विवेचनाएं थाना प्रभारी या वरिष्ठ उपनिरीक्षक से करवायी जाए जो विवेचनाएं पेडिंग चल रही है उनकी समीक्षा कर शीघ्र निस्तारण करने हेतु निर्देशित किया गया। ओर
लम्बित संगीन अपराधों की घटनाओं जैसे- लूट,डकैती,हत्या,चोरी,नकबजनी के सफल-अनावरण, गहनता एवं निष्पक्षता से विवेचना एवं सम्पत्ति सम्बन्धी अपराधों में शत-प्रतिशत बरामदगी के साथ त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। आपको बता दे कि
सेवा का अधिकार अधिनियम प्रभावी होने के साथ इसकी समीक्षा कर इस ओर भी ध्यान आकर्षित कर समय से कार्यवाही सुनिश्चित करवाने हेतु निर्देशित किया गया।                              साथ ही
गौकशी के मामले में शासन द्वारा रेन्ज स्तर पर गाठित “गोवंश संरक्षण स्क्वाड” को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिये गये। गोकशी से सम्बन्धित कोई भी सूचना आने पर तत्काल कार्रवाही करने के निर्देश दिये गये। खासकर जनपद देहरादून, हरिद्वार, पौडी, टिहरी जनपद प्रभारियों को अधिक सक्रियता से कार्य करने के निर्देश दिये गये।
डकैती में जनपद,देहरादून व हरिद्वार में वृद्धि परिलक्षित हुयी है, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून/हरिद्वार को डकैती के अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण लाये जाने एवं जो घटनायें अभी तक घटित हुयी है, उनका आनावरण एवम् लूटी गयी सम्पति की शत-प्रतिशत बरामदगी करने के निर्देश दिये गये। साथ ही साईबर अपराध के प्रति गम्भीर रहे, किसी भी शिकायत पर तत्काल अभियोग पजीकृंत कर गहनता से विवेचना करें। जनपद में गठित सोशल मीडिया सैल को सक्रिय करें तथा इस सैल की समय-समय पर स्वंय समीक्षा करने के निर्देश दिये।
इसकर साथ ही परिक्षेत्र के जनपदों में कुछ N0N BANKING FINANCE कम्पनियों के कार्यरत होने के कारण इन पर सर्तक दृष्टि रखने हेतु RBI की गाईड लाईंस का ध्यान रखने के लिए बोला गया है
ओर विशेष चैकिंग अभियान के तहत विशेषकर जनपद देहरादून,हरिद्वार, पौडी,टिहरी के साथ ही सभी जनपदप्रभारियों को ओवरलोडिंग,ओवरस्पीडिंग,Druken, driving में तत्काल नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं के दृष्टिगत वाहनों में over speed के प्रति जीरो टॉलेरेंस रखा जाए। आगामी कांवड़ मेले में भी over speed को पूर्ण रुप से प्रतिबन्धित रखने हेतु सम्बन्धित को निर्देशित किया गया।
यदि पीडित व्यक्ति थाने पर शिकायत लेकर आता है,तो पीडित व्यक्ति को दूसरे थाने का मामला बताकर वापस न किया जाये, अपितु उसकी शिकायत पर नियमानुसार त्वरित कार्यवाही की जाये। पीडित व्यक्ति को अनावश्यक परेशान न किया जाये।
जिन मामलों में पीडित व्यक्तियों को आर्थिक सहायता दी जानी है उनमें समय से पीड़ित को आर्थिक सहायत उपलब्ध करायी जाये।
आगामी 28 जुलाई 2018 को कांवड मेले एवं नील कंठ मेले के अवसर पर देश के विभिन्न भागों से कांवडियें गंगा जल/कांवड लेने हरिद्वार आते है। साथ ही श्रावण मास प्रतिपदा से श्रावण शिवरात्रि पर्व तक शिवभक्त पश्चमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा,दिल्ली, राजस्थान व हिमाचल प्रदेश से कांवड लेने हरिद्वार,गंगोत्री, गौमुख व ऋषिकेश आते है। इस दौरान सभी जनपदप्रभारी अपने-अपने जनपदों की वर्तमान परिवेश एवं आवश्यक परिस्थितियों के अनुसार विवेकपूर्ण ढंग से समय पर आवश्यक प्रभावी कार्यवाही करायेंगे तथा इस अवसर से सम्बन्धित कार्यक्रमों को शान्तिपूर्ण, तथा सकुशल सम्पन्न कराने के निर्देश दिये गये। 
जहाँ-जहाँ वन वे व्यवस्था कांवड़ के दौरान की गयी है वहां पर मजबूत सुरक्षा व्यवस्था कर वन -वे का पालन करवाया जाये।
कांवड़ मेले के दौरान डबल डेकर वाहन संचालित किये जाने पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाया जाए।
जिन मामलों में विवेचना हेतु एस0आई0टी0 गठित है ऐसे अभियोगो का पर्यवेक्षण अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा कराया जाए।
रेन्ज स्तर पर गाठित एस0आई0टी(भूमि) में आयी शिकायती प्रार्थना पत्रों में एस0आई0टी टीम द्वारा जांच होने के बाद मेरे द्वारा शिकायकर्ता के प्रार्थना पत्रों पर कार्यवाही करने के आदेश होने पर तत्काल सम्बन्धित जनपद प्रभारी कार्रवाही करते हुये कृत कार्यवाही से रेन्ज कार्यालय को भी भेजने के निर्देश दिये गये। साथ ही निर्देश दिये गये कि एस0आई0टी0 से सम्बन्धित मामलों में हर 15 दिन में सम्बन्धित पुलिस अधीक्षक समीक्षा करेगें व माह में एक बार सम्बन्धित जनपद प्रभारी द्वारा स्वयं पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिये गये।
मानसून सीजन शुरु होने के साथ ही चार-धाम यात्रा भी चल रही है। इस दौरान किसी प्रकार की आपदा के लिये सभी जनपदप्रभारियों को हर समय तैयार रहने के निर्देश दिये गये।
आपदा में पुलिस का रिस्पाँस टाईम त्वरित होना चाहिये,जिससे राहत-बचाव कार्यों के लिये रेन्ज के सभी जनपद प्रभारियों से लेकर सर्किल आर्फिसर,थानाध्यक्ष अपने-अपने थाना क्षेत्रों में आपदा से सम्बन्धित सभी उपकरणों के साथ तैयार रहें, साथ ही सडकों में गढ्ढे, साईन बोर्ड लगाने, संवेदनशील स्थलों पर बोर्ड लगाने व लोनिवि,एनएच व आरटीओ को समंवय स्थापित करने के निर्देश दिये गये।
मानसून सीजन में भारी बरसात के चलते आपदा से प्रभावित होने पर वैकल्पिक मार्गों के माध्यम से ट्रैफ्रिक डार्यवट करने के साथ ही लोनिवि के साथ समंवय कायम कर जीसीबी,पोकलैंड मशीनें से शीघ्र अति शीघ्र खोलने का प्रयास करने के निर्देश दिये।
क्राईम मीटिंग के दौरान सभी जनपदप्रभारी अपने-अपने जनपदों में पुलिस कर्मियों का सम्मेलन लेकर पुलिस कर्मियों की समस्यों को प्राथमिकता से सुनने के साथ ही शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिये गये। साथ ही कांवड़ ड्यूटी में लगने वाले पुलिस बल को सोशल मीडिया व्हटस एप्प ग्रुप बनाकर सूचनाओं का आदान-प्रदान करने के निर्देश दिये गये।
इस दौरान गोष्ठी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौडी, पुलिस अधीक्षक चमोली, पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग, पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी के साथ ही रेन्ज कार्यालय पेशकार,गोपनीय सहायक,मीडिया-प्रभारी आदि मौजूद थे।

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