हरीश रावत लोकसभा का चुनाव मत लड़ना!

राहुल गांधी हरीश रावत को लोकसभा का टिकट मत देना! जीत नही पायेगे!
आपको बता दे कि कांग्रेस के महापौर और पार्षद प्रत्याशियों की सूची जारी होते ही सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक ऑडियो क्लिप ने घमासान मचा रखा है लगभग 21 मिनट की इस ऑडियो क्लिप में टिकट वितरण से जुड़े दो कांग्रेसी नेताओं की बातचीत अनजाने में रिकॉर्ड हो गई थी। और पर्दे के पीछे की बात बाहर आने से कार्यकर्ताओं ने आला नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कई दावेदारों ने तो सोशल मीडिया पर टिकट बंटवारे में लेनदेन और चहेतों को बंदरबांट करने के आरोप भी जमकर लगाए हैं।
आपको मालूम ही होगा कि हरिद्वार में कांग्रेस ने ज्वालापुर, कनखल व हरिद्वार क्षेत्र के टिकट वितरण की जिम्मेदारी एक पूर्व दर्जाधारी, पूर्व विधायक और कनखल के दो कांग्रेसी बंधुओं को सौंपी थी। रविवार को सूची जारी होते ही दावेदारों के तेवर तल्ख हो गए। रात में ही एक ऑडियो क्लिप त्रिमूर्ति नगर से टिकट के दावेदार अहसान अंसारी की ओर से सोशल मीडिया पर वायरल की गई। जिसमें पूर्व दर्जाधारी और पूर्व विधायक वार्ड दर वार्ड प्रत्याशियों पर विचार-विमर्श करते सुनाई पड़ रहे हैं।
इस बातचीत के दौरान कई वाडरें में सक्रिय दावेदारों का टिकट काटकर नए लोगों को मौका देने की बात सुनने पर दावेदारों का गुस्सा फूट पड़ा। महापौर पद की दावेदार वंदन गुप्ता, पार्षद पद के दावेदार अंसार अंसारी, अथर अंसारी आदि ने ऑडियो क्लिप का हवाला देते हुए आला नेताओं पर लेनदेन व चहेतों को टिकट देने के आरोप लगाए। उनका कहा है कि ऑडियो क्लिप ने टिकट वितरण में धांधली की पूरी पोल पट्टी खोलकर रख दी है।
उधर महिला कांग्रेस की महानगर अध्यक्ष विमला पांडेय व जिलाध्यक्ष किरण सिंह ने भी गंभीर आरोप लगाए है। वंदना गुप्ता ने तो ऑडियो को टुकड़ों में फेसबुक पर पोस्ट कर दी। तो पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के समर्थकों ने तीखा हमला बोला।
क्योंकि यह पर वो बात बोली गयी जो हरीश रावत के विधान सभा चुनाव मे उनको हराने की साजिश थी बल सूत्र बोल रहे है ।

भाई जी, इसने रावत के खिलाफ मेरा साथ दिया

क्लिप में एक नेता ज्वालापुर के एक वार्ड से कार्यकर्ता की सास को टिकट देने की वकालत करता सुनाई दे रहा है। दूसरे नेता अपने करीबी का नाम लेता है तो पहला नेता कहता है कि भाई जी इसने हरीश रावत के खिलाफ मेरा साथ दिया है। चाहे यह हार क्यों न जाए, इसे टिकट देना पड़ेगा। आखिरकार टिकट भी नेता की सास का फाइनल हुआ है। जिससे दावेदारों में रोष है। हरीश रावत खेमे के कार्यकर्ताओं का कहना है कि टिकट वितरण का यह कौन सा पैमाना है कि जिसने हरीश रावत के खिलाफ काम किया है, उसे ही टिकट दिया जाएगा। सूत्र बताते हैं कि क्लिप पूर्व सीएम हरीश रावत तक भी पहुंच चुकी है।
हमारे सूत्र बोल रहे है कि ये ओडियो किल्प तो कुछ भी नही है कुछ कांग्रेस के दिगज़ नेताओ ने   कुछ  राजनीतिक  पार्टी के साथ मिलकर हरीश रावत को दोनों सीटो से हराने के लिए बहुत बड़ी साजिश रची थी।जो अब  धीरे धीरे सामने भी आ रही है ।

बहराल इस साजिश का परिणाम ही रहा कि कांग्रेस सड़क के लायक भी ना रही और गली तक सिमट गई।
खेर अब ख़बर है कि हरीश रावत लोकसभा के चुनाव मे उतर सकते है ।लेकिन जब हरीश रावत के खिलाफ साजिश या षड्यंत्र फिर होगा तो राहुल गांधी को सोचना होगा कि या तो पहले वो षड्यंत्र करियो को ठीक करे या फ़िर हरीश रावत को टिकट ही ना दे कारण साफ है संजय पालीवाल जैसे ना जाने कितने ओर होंगे पर इनका बोस कोन है ये भी कांग्रेस ही जाने जिंसने कसम खा ली है कि राज्य से कांग्रेस को मुक्त कर के ही दम लगे
बहराल हरीश रावत को नसीहत है कि पहले अपने घर के विभीषण को पहचाने फिर चुनाव के मैदान मे आये वरना अंजाम वही होगा जो 2017 मैं हुवा अब तय खुद करो कि 2019 मै क्या हो सकता है और क्या नही

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