देहरादून: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा कि पूर्व सीएम व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत जनता के बाद उनकी पार्टी हाई कमान के द्वारा भी दरकिनार किए जाने से परेशान है।

भगत ने उन पर की गए टिप्पणी का सयंमित जबाब देते हुए कहा कि हरीश रावत सुर्ख़ियो में रहने के लिए सुबह शाम नाश्ते की टेबल से लेकर दोपहर और रात में पहाड़ी व्यंजनों और उत्पादों का सहारा लेते रहे है। उनकी खान पान और पहाड़ प्रेम की नोटंकी से अब लोग ऊब गए हैं।

उन्होंने कहा कि अगर, वह पहाड़ और संस्कृति सहित पहाड़ के उत्पादों के प्रति इतने ही सजग होते तो अपने मुख्यमंत्री रहते हुए इस दिशा में ठोस कदम उठाते। कोदा, झंगोरा, गीन्थी,माल्टा और कई पार्टिया करने वाले रावत आज अब खुद को जमीन से जुड़े होने का नाटक लोगो और अपनी पार्टी के लोगो के सामने कर रहे है। असल में हरीश रावत आहत और परेशान है। वह पहले अपने समर्थको को भड़काकर हाई कमान पर दबाव बना रहे थे कि उन्हें मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करे,लेकिन अब हाई कमान ने भी दो टूक उन्हें सुना दी है।

भगत ने कहा कि हरीश रावत 2017 में कांग्रेस पार्टी के चेहरा थे, लेकिन उनके कार्यकाल की अराजकता और घपले घोटालो (जिनको वह विकास कहते है) ने पार्टी का बेडा गर्क कर दिया। उन्होंने कहा की उनके बयान किसी को हंसा सकते है, लेकिन हरीश रावत के काम रुला सकते है, यह प्रमाणित है।

भगत ने हरीश रावत के कार्यकाल को प्रदेश की जनता के लिए सर्वाधिक अराजकता व रुलाने वाला बताते हुए उनके कार्यकाल के दौरान एक कार्यकम में उनके पांव पर लौटती और दुःख से कराह रही महिला की पीड़ा पर भी न पसीजने वाले रावत का हँसता हुआ चेहरा सबको याद है।


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