हरदा का जन्म दिन ,राजनीति और अगला मकसद ,ओर विरोधी !!!

हरीश रावत वो नाम हैं जो थकता नही , चुप चाप बैठते नही ,आज उनके आलोचको की कमी नही ,पर बंदा उनकी फिकर करता नही , 70 साल की उम्र पूरी होन पर शरीर जरूर बूढा हो रहा हो हर दा का  पर किसी जवान को पीछे छोड़ दे पैदल चलने के मामले में , दिमाग दुरस्त हैं ,भाषा लाजवाब हैं , ये कोई तारिफ की बात नही जनाब हकीकत हैं  
बोलता उत्तराखण्ड की तरफ से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत जी को जन्म दिन के बहुत बहुत सुभकामनाये क्योकि उनके जन्म दिन के अवसर पर कांग्रेस नेताओं, महिला कांग्रेस, एन0एस0यू0आई, युवक कांग्रेस आदि नेताओं द्वारा केक काट कर उनके मसूरी रोड़ निवास पर उनका जन्म दिन मनाया   सुना हैं उनको कार्यकर्ताओं ने उनके जन्म दिन पर केक भेंट कर उनको सरप्राईज देकर उनका जन्म दिन मनाया, भले ही हर दा केक की चोचले बाज़ी में नही पड़ते हो पर जब उनके चाहने वाले इंतज़ाम के साथ आये थे तो फिर पूर्व मुख्यमंत्री ने भी कार्यकर्ताओं के आग्रह को टाला नही ओर अपनी धर्मपत्नी रेनुका रावत तथा परिवार के अन्य सदस्यों व कार्यकर्ताओं के बीच केक काटने के बाद केक व मिठाई वितरित की।  बस उसके बाद हर दा ने कहा कि मैं ईश्वर से यह प्रार्थना करता हूॅ यथा शक्ति आप लोगों के सहयोग से राज्य की जनता की अविरल सेवा करता रहूॅ, उन्होने यह भी कहा कि राज्य में कटुता व वैमनस्य के वार्तावरण से बाहर निकलकर हमें राज्य की जनता की सेवा करनी है, उनकी प्राथमिकता राज्य निर्माण की अवधारणा के अनुरुप राज्य के विकास को लेकर आगे जाना है,उन्होंने कहा कि मैं किसी भी रुप में रहूॅ परन्तु राज्य के विकास व कांग्रेस को मजबूत करने की दिशा देने के अपने कार्यक्रम से पीछे नही हटुंगा, उन्होने कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आवहृन किया कि वे कांग्रेस को मजबूत बनाने व जनता के बीच में सामाजिक सौहार्द बनाये रखने को लेकर अपना सम्पर्क निरन्तर जारी रखे                                        इस अवसर पर केक काटने के दौरान बधाई देने वालों में उनके मुख्य प्रवक्ता सुरेन्द्र कुमार, उनकी पुत्री अनुपमा रावत, प्रभुलाल बहुगुणा, आशा मनोरमा डोबरियाल शर्मा, ड़ा0 के.एस. राणा, कमलेश रमन, नजमा खान, सोनिया आनन्द, मशरुम गर्ल दिव्या रावत, पूरन रावत, अश्वनी बहुगुणा, गरिमा दसोनी, कुलदीप डोबरियाल, दानियाल जमशेद, ललित संगीला, नबील अनसान, श्रेया कुमार, अभनव त्यागी, अदिति गौर, निकिता सोह, अभिषेक भण्डारी, मनीष कर्णवाल, विवेक मनोरमा डोबरियाल शर्मा, कई विद्यालयों के छात्र-छात्राओं आदि सहित सैकड़ों लोगों तॉता बधाई देने वालों मे लगा रहा व फोक्सड टेल्स के छात्र-छात्राओं ने पूर्व मुख्यमंत्री को एक पौधा देकर उनके जन्मदिन पर पूर्व मुख्यमंत्री के राजपुर आवास पहुॅचकर कांग्रेस नेताओं ने उन्हे पुष्पगुच्छ देकर जन्मदिन की बधाई दी। इसके साथ ही ख़बर कवर करने आये मीडिया के भाइयों ने भी हर दा को केक खिलाकर सुभकामनाये दी

प्रदेश कांग्रेस प्रीतम सिंह ने भी पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के निवास जाकर उनको जन्मदिन की बधाई व उनकी र्दीघआयु की कामना करते हुए उन्हे पुष्पगुच्छ भेंट कर उन्हें बधाई दी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने भी प्रातः फोन पर जन्मदिन की बधाई दी है। इस बीच उनके जन्म दिवस के मौके पर आए उनके सुभचिंतक ये बात कहते नज़र आये की हर दा हरिद्वार से लोकसभा के चुनाव में उतरकर एक बार फिर नई पारी का आगाज़ करेगे वैसे अभी तक हर दा ने अपने पते नही खोले हैं पर 70 साल पूरे करने वाले हर दा को देख कर यही लग रहा हैं कि हर दा इस बार फिर नई रणनीति के साथ हरिद्वार के रण में उतरने का मन बना चुके हैं फिलहाल देखते हैं क्या होता हैं आगे आगे आज तो सिर्फ उनको जन्म दिन की बहुत बहुत सुभकामनाये ……… क्योकि अपने जन्म दिन पर बड़ी बात कह गए हर दा इशारों ही इशारों में ओर समझने वाले समझ भी गए कि  हरीश रावत  आज भी हर मायने से नेता पहाड़ का दमदार हैं राज्य को भली भांति जानने वाला और विजन वाला नेता हैं ह्य ये कह सकते हो कि जब मौका मिला तो यात्रा चारधाम पर  ही फोकस करके रखा ओर उसही का नतीजा हैं  कि अब गुलज़ार हैं बाबा का धाम बाकी काम जनता जाने पर  दो दो जग़ह से हराने के बाद भी   हरीश रावत  ही वो नेता हैं जो आज भी जनता के बीच हैं  ओर जनता के बीच जाने के लिए हिमत चाइए होती हैं  क्योंकि जब आप जनता के बीच होंगे तो ज़रूरी नही की सब आपकी तारीफ ही करगे आज़ हर दा अपने  आलोचको  की भी खरी खोटी सुनते हैं पर मजाल नही की किसी पर बरस पढ़े  यही बात एक बड़े  नेता के अंदर होनी चाइए जो हर दा के अंदर दिखती हैं  हार जीत तो लगी रहती हैं ओर आरोप किस नेता  पर नही लगें हैं   ये डबल इज़न के मुखिया से लेकर उनके मंत्री भी जानतें हैं और विपक्ष भी ,….., पर  कहते हैं ना कि जब भगवान की मूर्ति टूट जाये   या खराब हो  जाए तो हम ही उन भगवान को अपने मंदिर से निकलाकर  या तो गंगा में बहा देते हैं या फिर पीपल के पेड़ के नीचे छोड़ देते हैं मतलब हम इन्शान  ही जब भगवान कि मूर्ति   टूटने पर उन्हें ही  अपने घर पर जगह नही देते तो इंशान क्या हैं मतलब साफ हैं शायद  हर दा जानते हैं कि उन्हें टूटने के लिए विवश किया जा रहा हो या  किया जा चुका हो पर ये बंदा टूटने वालों में से नही  हिमत कर फिर अपनी बात रख आगे चलने वाला व्यक्ति हैं और यही हैं हर दा कि असली जीत बाकी राज़नीति में तो कब कहा क्या हो जाये कोई ना जाने

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