भगवान सिंह की रिपोर्ट

 

गोपेश्वर/ चमोली । भारत-तिब्बत सीमा की नीती घाटी के सूकी गांव में रविवार को खेतों में काम कर रही युवती पहाडी से आये पत्थर की चपेट में आने से घायल हो गई। जिसके बाद ग्रामीण युवती को पांच किमी पैदल कुर्सी की डोली बनाकर सड़क मार्ग तक लाया गया। जिसके सीएचसी जोशीमठ में चिकित्सक न होने की जानकारी मिलने पर जोशीमठ से ग्रामीण 42 किमी की दूरी तय कर युवती को घायल अवस्था में पीपलकोटी लाया गया। जहां स्वामी विवेकानंद धर्मार्थ चिकित्सयालय में युवती का उपचार किया जा रहा है।


स्थानीय निवासी लक्ष्मण बुटोला ने बताया कि रविवार को सूकी गांव निवासी स्व. गुलाम सिंह की 18 वर्षीय पुत्री करीना दोपहर में अपने खेतों में काम कर रही थी। इस दौरान पहाडी छिटके पत्थर की चपेट में आने वह घायल हो गई। जिसके बाद युवती के परिजनों और ग्रामीण कुर्सी की डोली बनाकर दो घंटे की मशक्कत के बाद पांच किमी की पैदल दूरी तय सडक मार्ग तक लाया गया। जहां से ग्रामीण युवती को निजी वाहन से जोशीमठ लाये। लेकिन यहां चिकित्सक न होने के जानकारी मिलते ही युवती के परिजन उसे घायल अवस्था में पीपलकोटी लाये। जहां युवती को स्वामी विवेकानंद धर्मार्थ चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जहां युवती का उपचार चल रहा है।



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