गुलदार पकड़ा गया तो ठीक वरना मार दिया जाएगा !

आपको बता दे कि बागेश्वर जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार इन दिनों आदमखोर गुलदार का आतंक मचा हुआ है. आपको बता दे कि गुलदार के आतंक की लगातार बढ़ रही घटनाओं को देखते हुए शासन ने बागेश्वर वन विभाग को पत्र भेजकर गुलदार को पकड़ने के आदेश दिए हैं।आपको बता दे कि विभाग को कहा गया है कि गुलदार को पकड़ने की व्यवस्था करें यदि वह पकड़ में नहीं आता है तो उसे मार दिया जाए.
आपको मालूम है कि बागेश्वर में शहरी क्षेत्र के साथ-साथ गरूड़ और कांडा ब्लाक में पिछले दो-तीन साल से गुलदार का आतंक काफी ज्यादा बढ़ गया है. लोग यहां दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं. गुलदार आये दिन किसी ना किसी घर से मवेशियों को निवाला बना रहा है. इस साल की बात करें तो अबतक गुलदार तीन बच्चों और 50 से 60 मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है. इससे ग्रामीण घबराये हुये हैं.

आपको बता दे कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिये प्रमुख वन संरक्षक की ओर से बागेश्वर वन विभाग को पत्र मिला है. पत्र के मुताबिक पहले गुलदार को पकड़ने के बाद बेहोश किया जायेगा. यदि वह ज्यादा खूंखार हुआ या किसी पर जानलेवा हमले करता है तो गुलदार को मार दिया जाये.
बहरहाल, गुलदार को पकड़ने के आदेश बागेश्वर की जनता के लिये अच्छी खबर है. गुलदार का आतंक ग्रामीण क्षेत्रों में इस कदर छाया हुआ है कि लोग अब सूरज ढलते ही घर के अंदर दुबक जाते हैं. उन्हें शाम होने के बाद घर से निकलने में डर लगता है.
आपको बता दे कि वनाधिकारी आर के सिंह के हवाले से अपर जिलाधिकारी राहुल गोयल ने बताया कि जल्द ही गुलदार को पकड़ लिया जायेगा. गौर हो कि कृष्ण जन्माष्टमी के दिन गुलदार ने एक बच्ची को अपना निवाला बनाया था. उस दौरान आक्रोशित ग्रामीण सड़कों पर उतर आये थे. इस घटना और अबतक हुई अन्य घटनाओं को ध्यान में रखते हुए इस गुलदार को आदमखोर घोषित कर दिया गया था.
वैसे अगर पूरे राज्य के पहाड़ी जिलो की बात करे तो गुलदार ने लगभग 300 से ज्यादा लोगो को अपना शिकार बना डाला है
आपको ये भी बता दे कि सबसे बडी चुनोती वन विभाग के आगे सही आदमखोर गुलदार को पहचाने की भी होती है क्योकि गुलदारों की एक इलाके मे ही सख्या एक दो से अधिक होती है ।

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