जी हा देश के अन्य राज्यों में फंसे हुए उत्तराखंड के डेढ़ लाख से अधिक प्रवासियों( भाई बहनों) की वापसी के लिए त्रिवेंद्र सरकार ने कल एक ओर बड़ा कदम उठाते हुए नई एसओपी जारी कर दी है
कल मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने पहले जारी एसओपी मतलब बोले तो मानक प्रचालन विधि का विस्तार कर दिया
खास बात ये है कि इसमें जिलाधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
इससे पहले अभी तक राज्य स्तर पर सिर्फ दो नोडल अधिकारी थे।
लेकिन अब संबंधित जिलों के डीएम अपने स्तर से अन्य राज्यों से प्रवासियों की वापसी के लिए भी बात कर सकेंगे।
अब नई एसओपी के लागू होने से प्रवासियों की वापसी में तेजी आने की पूरी उम्मीद है।

क्योंकि अब दो की जगह उत्तराखंड में 13 नोडल अधिकारी अन्य राज्यों के नोडल अधिकारियों से बात कर पाएंगे।
इससे जिलाधिकारियों के काम के बोझ को हम बढ़ा हुवा देखते हुए उनके आगे कही चुनौतियां अभी देख सकते है।
अन्य राज्यों से समन्वय बनाना इतना आसान नहीं होता है जितना दुसरो
को सरकार पर सोशल मीडिया के जरिये आरोप लगा देना।
क्योंकि जिलाधिकारियों को, नोडल अधिकारीयो को
अन्य राज्यों की व्यवस्था का आकलन करना होता है फिर अपने स्तर पर ही रणनीति तय करनी होती है।

कुल मिलाकर जिलाधिकारी अब फंसे हुए लोगों को सड़क मार्ग से लाने और भेजने के लिए अन्य राज्यों के नोडल अधिकारियों के संपर्क में रहेंगे। 13 जिलों के डीएम अब इस काम को करेंगे। इससे लोगों की आवाजाही में तेजी आएगी। इसके लिए डीएम परमिट जारी कर सकेंगे। अपने जिले के बाहर फंसे हुए लोगों को वापस लाने के लिए स्वीकृति का अधिकार भी अब जिलाधिकारियों के पास भी है। वापस आने वाले लोगों को अगर राज्य में ही किसी दूसरे जिले में जाना है तो जिलाधिकारी अपने स्तर से मंडलायुक्त से समन्वय बनाएंगे।
आप ये भी जान ले कि कंटेनमेंट जोन से अभी न कोई आएगा और न ही कोई इस जोन में भेजा जाएगा। कंटेनमेंट जोन अगर बदलता है तो फिर डीएम आने जाने की अनुमति दे सकते हैं।
ओर सुनो नई एसओपी में अब अन्य राज्यों में फंसे रिश्तेदारों को लाने की अनुमति भी दे दी गई है। यह अनुमति भी जिलाधिकारी की ओर से ही दी जाएगी। ऐसे लोगों को वापस लाने पर स्क्रीन किया जाएगा और उन्हें क्वारंटाइन होना होगा।

ये है स्थिति ……………
1.65 लाख प्रवासियों ने किया है वापसी का आवेदन
7400 लोगो को अन्य राज्यों से
उत्तराखंड लाया गया
4000 लोगों को अन्य राज्यों में भेजा गया।
7000 लोग प्रदेश में एक जिले से दूसरे जिले में गए।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की आप सब से अपील।


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