मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट के फेसबुक पेज से

स्वरोजगार, प्रकृति के संरक्षण और स्वदेशी की भावना। इन तीनों बातों को आत्मनिर्भरता के धागे में पिरोकर पहाड़ की मेहनतकश महिलाओं ने एक मिसाल पेश की है।


पिथौरागढ़ के मुवानी स्थित उत्तरापथ सेवा संस्था द्वारा पारम्परिक पौधे रिंगाल के रेशों से खूबसूरत राखियों का निर्माण किया जा रहा है।


आज के हालात में खासतौर से चीनी सामान के बहिष्कार के दौर में उत्तराखण्ड में उत्पादित जैविक राखियां आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।


इस पहल से प्रधानमंत्री जी के वोकल फ़ॉर लोकल के मिशन और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र जी के ड्रीम प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना को भी बल मिलेगा।

मैं मातृशक्ति की मेहनत को बारंबार प्रणाम करता हूं, और ये उम्मीद करता हूं कि हम सब मिलकर, अपने गांवों को, अपने प्रदेश को और भारतवर्ष को आत्मनिर्भर बनाने में सफल होंगे।


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