मुख्यमंत्री दाल पोषित योजना का आज शुभारंभ हुवा मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सीएम आवास में आयोजित कार्यक्रम में लाभार्थियों को दाल के पैकेट वितरित कर योजना का आज शुभारंभ किया।  बता दे कि प्रत्येक राशनकार्ड धारक को दो किलो दाल प्रति माह कम कीमत पर उपलब्ध कराई जाएगी।
ओर इस माह चने की दाल 44 रूपए प्रति किलो दी जा रही है। जबकि बाजार में इसकी कीमत 65 से 70 रूपए प्रति किलो है।
ख़बर है कि उपलब्धता के आधार पर ही दाल दी जाएगी ओर कीमत कम ज्यादा भी हो सकती है परंतु मार्केट रेट से हमेशा कम रहेगी।


इस का लाभ प्रदेश के 23 लाख 32 हजार राशन कार्ड धारकों को मिलेगा लाभ। इस मौके पर सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, विधायक गणेश जोशी, खजानदास, विनोद चमोली, सचिव सुशील कुमार मौजूद रहे
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि गरीबों को जागरूक होने की जरूरत है। राज्य सरकार गरीबों के हित में अनेक योजनाएं चला रही है। जहां भी लगे कुछ गलत हो रहा है, तुरंत सरकार को बताएं। मुख्यमंत्री हेल्प लाईन नम्बर 1905 पर भी बता सकते हैं।  तत्काल एक्शन लिया जाएगा।  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी का स्वस्थ भारत के लक्ष्य में दाल पोषित योजना सहायक होगी। भोजन में सभी पोषक तत्व आवश्यक हैं। दाल प्रोटीन की पूर्ति करेगी। स्वस्थता के साथ स्वच्छता भी जरूरी है। खुशी है कि स्वच्छता को लेकर खासतौर पर महिलाओं व बालिकाओं में जागरूकता आई है।
उन्होंने कहा कि अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना से बङी संख्या में लोग लाभान्वित हुए हैं। सरकार योजनाओं का लाभ सभी तक पहुचाना चाहती है, इसमें सभी का सहयोग चाहिए।

वही आज मुख्यमंत्री ने देहरादून मे
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने महिला सशक्तिकरण विभाग के सखी वन स्टाप सेंटर का लोकार्पण आज किया। यह सखी वन स्टाप सेंटर, केन्द्र सहायतित योजना के अंतर्गत सर्वे चैक स्थित महिला छात्रावास परिसर में बनाया गया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जीवन में कई बार ऐसी समस्याएं आती हैं, जब आश्रय की जरूरत पड़ती है। सखी वन स्टाप सेंटर भी उन महिलाओं और बालिकाओं को सहारा देंगे जो कि तमाम वजहों से परेशान हैं। उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही अच्छा माहौल दिया जाएगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में स्वच्छता बहुत जरूरी है। इस पर किसी तरह की हिचक नहीं होनी चाहिए। हाल ही में एक सर्वे आया था, कि माहवारी में स्वच्छता का ध्यान न रख पाने से महिलाओं में सर्वाइकल केंसर की सम्भावना बढ़ जाती है। राज्य सरकार ने सैनेटरी नैपकिन कम कीमत पर उपलब्ध करने की योजना संचालित की है। बच्चों को कुपोषण से बाहर निकालने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। अति कुपोषित बच्चों की उचित देखरेख के लिए गोद योजना शुरू की गई है। आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को सप्ताह में दो दिन निःशुल्क दूध उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने महिला छात्रावास परिसर का भी अवलोकन किया। उन्होंने यहां आवश्यक उपकरण व अन्य सुविधाएं उपलब्घ कराने की घोषणा की।


महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सखी वन स्टॉप सेंटर के अंतर्गत सभी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को एक ही स्थान पर अस्थायी आश्रय, पुलिस-डेस्क, विधि सहायता, चिकित्सा एवं काउन्सलिंग की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। इसका उद्देश्य एक ही छत के नीचे हिंसा से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को एकीकृत रूप से चिकित्सा, विधिक, मनौवैज्ञानिक सहायता करना है।
इस अवसर पर विधायक खजानदास, सचिव सौजन्या, निदेशक झरना कमठान भी उपस्थित थीं।



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