बड़ी ख़बर : सुमाड़ी में ही स्थापित होगा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जयपुर से श्रीनगर वापस शिफ्ट होंगे छात्र ,पहाड़ की हुई जीत। 

आपको बता दे कि उत्तराखंड में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हर हाल मे सुमाड़ी श्रीनगर में ही स्थापित होगा ओर अब इसे लेकर पिछले काफी समय से बनी असमंजस की स्थिति पर सावन के पहले सोमवार को दिल्ली में हुई मानव संसाधन विकास मंत्रालय की बैठक के बाद अब विराम लग गया।
आपको बता दे कि इस बैठक में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि इसके लिए 309 एकड़ में से 203 एकड़ भूमि को उपयुक्त पाया गया है। उसी स्थान पर स्थाई परिसर का निर्माण अब किया जाएगा।
वही जानकारी है कि दिल्ली में आयोजित बैठक में सहमति बनी की एनआईटी का आगामी शिक्षा सत्र अस्थाई परिसर श्रीनगर में प्रारंभ किया जाएगा। वहीं एनआईटी जयपुर से छात्रों को सुमाड़ी लाने के लिए उच्च स्तरीय समिति भी बनाई जाएगी।
वही जानकारी है कि इसके अलावा प्रवेश की पूरी प्रक्रिया श्रीनगर में ही होगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सुमाड़ी में युद्धस्तर पर काम करवाकर एनआईटी बनाया जाएगा। ख़बर है कि बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सितंबर प्रथम सप्ताह में स्थाई परिसर सुमाड़ी का शिलान्यास किया जाएगा। इस बैठक में जानकारी अनुसार उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत, सांसद पौड़ी तीरथ सिंह रावत, अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश आदि मौजूद थे।
आपको
बता दें कि उत्तराखंड में एनआईटी को लेकर पूर्व में मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से ये कहा गया था कि इसके लिए भूमि उपलब्ध कराई जाए। जिस जगह भूमि दिखाई जा रही है, उस स्थान पर यह संस्थान नहीं बन सकता।
वही इसके बाद यहां से कई बच्चों को जयपुर शिफ्ट कर दिया गया था। जिससे संस्थान को लेकर असमंजस बना था। एनआईटी को लेकर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने भी प्रदेश सरकार को फटकार लगाई थी कि कैसी प्रदेश सरकार है जो राष्ट्रीय स्तर के संस्थान को प्रदेश से बाहर जाने से नहीं रोक पा रही है। बहराल त्रिवेंद्र सरकार के लिए ये फैसला सुखद है। और पहाड़ के हित के लिए भी।
बहराल केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक को बोलता उत्तराखंड का धन्यवाद । धन्यवाद डबल इंजन की सरकार।



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