मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का गांव खैरासैंण बनेगा एडवेंचर टूरिज्म का केंद्र

महत्वपूर्ण जानकारी
13 डिस्ट्रिक्ट 13 डेस्टीनेशन योजना के तहत विकसित हो रहा है खैरासैंण

एक ही जगह पर होंगी तमाम साहसिक गतिविधियां, पर्यटकों को करेगा आकर्षित

जी हां मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का गांव खैरासैंण एडवेंचर टूरिज्म का केंद्र बनेगा।
त्रिवेंद्र सरकार 13 डिस्ट्रिक्ट 13 डेस्टीनेशन योजना के तहत खैरासैंण को साहसिक पर्यटन के लिए विकसित कर रही है।
एक ही जगह पर तमाम साहसिक गतिविधियां आयोजित होने से स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे।
वहीं, वाटर स्पोर्ट्स में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए खिलाड़ियों को तैयार किया जाएगा। 

आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है। पिछले तीन वर्षों में हमने पूरी कोशिश की गई है कि कुछ प्रसिद्ध…

Posted by Trivendra Singh Rawat on Sunday, 23 August 2020

आपको बता दे कि
पौड़ी जिले के सतपुली से लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पर खैरासैंण गांव है। इसी गांव में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का बचपन बीता है। ओर
गांव के निचली तरफ नयार नदी बहती है। अब इस गांव में साहसिक खेलों की अपार संभावना को देखते हुए सरकार 13 डिस्ट्रिक्ट 13 नए डेस्टीनेशन योजना में खैरासैंण को एडवेंचर टूरिज्म के रूप में विकसित कर रही है।


ओर नयार नदी में जहां वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां होंगी। वहीं, गांव के आसपास की ढलान दार पहाड़ियों पर माउंटनियरिंग, पैरा ग्लाइडिंग, बंजी जंपिंग, ट्रेकिंग समेत अन्य गतिविधियां होगी। वही
गर्मियों के मौसम में जब नदी में जलस्तर काफी कम होता है।
तो इसके लिए नदी में 30 चेक डैम बनाए जाएंगे। जिससे वाटर स्पोर्ट्स की गतिविधियां पूरे साल पर आयोजित हो सकेगी

आत्मनिर्भर उत्तराखंड में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मीडिया को बताया कि
आत्मनिर्भर उत्तराखंड में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है। पिछले तीन सालों में हमने कोशिश की है कि प्रसिद्ध स्थानों तक सीमित रहे पर्यटन को दूसरे क्षेत्रों में लाया जाए।
प्रत्येक जिले में नए पर्यटन स्थल विकसित करने पर काम भी तेजी से किया जा रहा है। इसमें सफलता भी मिल रही है।ओर जल्द आपको खैरासैंण भी एडवेंचर टूरिज्म का केंद्र बना नज़र आएगा बधाई त्रिवेन्द्र सरकार को क्योकि
नयार नदी में क्याकिंग, केनोईंग समेत अन्य वाटर स्पोर्ट्स के लिए उपयुक्त है। ओर जब एक ही जगह पर साहसिक पर्यटन की गतिविधियां होने से पौड़ी जिले के युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की वाटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए तैयार किया जाएगा।


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