बडी ख़बर
दून के सनराइज इंस्टीट्यूट,
हिमालयन इंस्टीट्यूट
और एसबी कालेज में पकड़ा घोटाला।

मुद्दे की बात
एसआईटी जांच के बाद पटेलनगर, सहसपुर और विकासनगर में अभियोग दर्ज

जी हां उत्तराखंड मैं छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में जुटी एसआईटी ने मेहूंवाला के सनराइज इंस्टीट्यूट,
राजावाला के हिमालयन इंस्टीट्यूट और विकासनगर के एसबी कालेज के प्रबंधतंत्र के खिलाफ सरकारी धन के गबन करने का मुकदमा दर्ज कराया है।
वही आपको बता दे इससे पहले एसआईटी प्रेमनगर के एक शिक्षण संस्थान के मालिक को गिरफ्तार कर जेल भी भेज चुकी है।

ख़बर विस्तार से
आपको बता दें कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं के फर्जी प्रवेश दर्शाकर छात्रवृत्ति हड़पने के मामले में एसआईटी ने देहरादून के शिक्षण संस्थाओं पर शिकंजा कसना अब आरम्भ कर दिया है
जिसके चलते कल तीन संस्थानों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कराए गए हैं।

पहला मुकदमा पटेलनगर कोतवाली में मेहूंवाला स्थित सनराइज इंस्टीट्यूट ऑफ  मैनेजमेंट एंड साइंस ऋ षि विहार के संचालक के खिलाफ एसआईटी में उप निरीक्षक सुखपाल सिंह ने दर्ज कराया है।

जानकारी है कि साल 2012-13 से साल 2014-15 तक जिला समाज कल्याण अधिकारी की तरफ से 2,15,72,800 रुपये जारी किए गए

ओर बड़े स्तर से चली आ रही जांच में पता चला है कि हर छात्रों के फर्जी छात्राें का प्रवेश दर्शाकर सरकारी धन को ठिकाने लगाया गया है।
वही छात्रवृत्ति घोटाले का दूसरा मुकदमा उप निरीक्षक मनोज नेगी ने एसबी कालेज आफ  एजूकेशन बाईपास रोड विकासनगर के मालिक और संचालकों के खिलाफ दर्ज कराया है।

यहा 2011-12 से लेकर 2016-17 तक कालेज को 2,68,61,000 की छात्रवृत्ति वितरित की गई। छात्रवृत्ति वितरण में व्यापक अनियमितताएं पकड़ी गईं। शासनादेशों के अनुसार छात्रवृत्ति की धनराशि वर्ष 2014 तक छात्रों के बैंक खातों में दिए जाने का प्रावधान था, लेकिन छात्रवृत्ति सीधे संस्थान के बैंक खाते में स्थानांतरित हुई।

इस घोटाले का तीसरा मुकदमा हिमालयन इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च राजावाला प्रेमनगर के खिलाफ दर्ज हुआ है।
बहराल सूत्र बोल रहे है कि अब कही नेताओ के जेल मैं जाने के संकेत मिल रहे है जिनके कॉलेज चल रहे है और जिन्होंने ग घोटाले किये है। अगर सब कुछ जीरो टाल रेश के तहत चलता रहा तो।


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here