गाँव तक सड़क होती तो बच जाती मासूम छात्रा की जान!

बोलता उत्तराखंड आपको बता रहा है कि ग्राम नावेतली विकास खंड रिखणीखाल जनपद पौड़ी गढ़वाल के लोग काफी समय से गाँव में सड़क की माग कर रहे है पर उनकी कोई सूनने को तैयार नही ओर सड़क के अभाव के कारण ही बीमारी के समय लोग बहुत परेशान हो जाते है तो यहा जान भी चली जाती है कुछ ये ही हुवा आज गाँव मे जब वह की निवासी गुड्डा कोईराला रावत की लडकी कुमारी निकिता जिसकी उम्र चौदह वर्ष क्लास दसवी की छात्रा का उल्टी व पेचिश के कारण देहांत हो गया है। आपको बता दे कि कल रात 11 बजे के बाद अचानक उनके पेट मे तेज दर्द हुवा ओर उल्टी पेचिश भी हुये वह रात भर कराहती रही लेकिन सुविधाओं के अभाव के कारण गाँव वाले कुछ नही कर सके अब प्रातः काल होते ही चारपाई मे लिटाकर रोड हेड तक ले गए उसके बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रिखणीखाल तक लाये जहा उसने दम तोड दिया है गाँव वालों ने कहा कि कास गाँव तक सड़क होती तो रात को इलाज हो जाता पर सड़क के अभाव के चलते देर हो गयी और अस्पताल पहुँचते ही छात्रा ने दम तोड़ दिया पूरे परिवार मे कोहराम मच गया है और गाँव वाले भी दुखी है ओर उनका सारा गुसा विधायक लैंसडौन दलीप रावत पर निकल रहा है क्योंकि उनका कहना है कि वो उनको कही बार सड़क गाँव तक पहुचाने के लिए मिल चुके है पत्र दे चुके है पर कोई सुनने को तैयार नही डबल इज़न कि सरकार के m.l.a दलीप रावत को गाँव की जनता हर बार जीता कर विधानसभा पहुँचाती पर ये नेता जी 2 किलोमीटर सड़क का निर्माण भी नही करा पा रहे है बोलता उत्तराखंड बात कर रहा है ग्राम नावेतली पैनो विकास खंड रिखणीखाल पौड़ी गढ़वाल की जो एक सीमांत एवं दुर्गम गांव है यहा के ग्रामीण भंडूखाल से गांव तक लगभग दो किलोमीटर दूर ऊबड खाबड रास्ते से पैदल का सफर रोज करते है हर सुख और दुख में यही है उनके आने जाने का रास्ता जब रात मे कोई बीमार हो जाये या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना हो तो चारपाई या पिनिश मे उठाना पड़ता है ओर मुख्य सड़क तक उनको पहुचाया जाता है ।                                          कही बार तो गाँव मे मरीज को उठाने के लिए अब आदमी भी नही मिलते है कारण साफ़ है पलयान ये बड़ी विकट समस्या है जिसका सामना रोज गाँव वाले करते है
इस बारे मे ग्रामीण कही सालो से आवेदन कर रहे है कि हमे गाड़ी दिखा दीजिए । मतलब गाँव तक सड़क पहुचा दो पर उनकी ये माग आज तक पूरी नही हो पाई ।इस सम्बन्ध मे स्थानीय विधायक दलीप रावत से ओर अन्य जनप्रतिनिधि लोगो को अनेक माध्यमो से बराबर अवगत कराया गया है ।लेकिन सब जनाकर भी मौन है डबल इज़न की सरकार का नारा है सबका साथ सबका विकास इसलिये गाँव वाले रोज सरकार से निवेदन करते है कि हमारे गांव नावेतली का भी विकास कीजिये ताकि हम भी लोगो के साथ चल सके । अब देखना ये होगा कि आखिर 2 किलोमीटर की ये सड़क कब तक बनेगी या बनेगी ही नही ये सब स्थानीय विधायक दलीप रावत को देखना है जिनको जनता ने जीताकर अपना आशीष दिया था गाँव वाले कहते है कि अगर जल्द ही सड़क का निर्माण नही कराया गया तो ये लोग अब गाँव से सड़क पर आकर सड़क के लिए आंदोलन करेगे फिलहाल जिस तरह से बीमार छात्र ने दम तोड़ा है उसे देखकर तो यही कहा जा सकता है कि ये हालत किसी एक गाँव के नही बल्कि बहुत से गाँव मे ये घटनाएं हो जाती है जो दुःखद है और सरकार को भी यहा पर विचार करना चाइए

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