हमारा पूरा देश 15 अगस्त को आजादी का जश्न मना रहा होगा जिसकी तैयारियां जोरों पर है तो वही भाई बहन के प्यार का पर्व रक्षाबंधन भी इस बार 15 अगस्त को ही है उस दिन सभी बहनें अपने भाई के माथे पर टिका लगा कर , भाई की आरती उतारकर, भाई की कलाई पर राखी बांध रही होंगी।
लेकिन हमारी ये बहन अपने फौजी भाई के घर लौट आने का इंतज़ार कर रही होगी ताकि वे भी भाई को प्यार की डोर मैं बांध सके।

आपको बता दे कि उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल के धौलागिरी गांव निवासी उत्तराखंड का लाल और सेना का जवान रहस्यमय तरीके से लापता हो गया है
एक बहन को जहा अपने भाई का इंतजार है तो वही जवान का पूरा .परिवार भी अपने बेटे की राह देख रहा है
ख़बर इससे पहले की ये है कि जवान के पूरे परिवार ने
पुलिस से लेकर सरकार तक बेटे को खोजने की गुहार लगा चुकी है पर अब तक कोई सुराग नही लगा.
बता दे के सेना का जवान राइफलमैन धीरज रावत लगभग 50 दिनों से है लापता है
आपको बता दे कि धीरज रावत टिहरी गढ़वाल के धौलागिरी गांव का मूल निवासी है जो पिछले साल ही फौज में भर्ती हुआ था.।
ओर तब उसके भर्ती होने पर मानो पूरे परिवार को नई ज़िंदगी मिल गई हो , सब लोग घर पर खुश थे,
बता दे कि भर्ती होने के बाद धीरज की पलटन नवीं गढ़वाल राइफल अरुणाचल प्रदेश और असम के बीच सिलीगुड़ी में तैनात थी ,


ओर एक दिन धीरज 23 जून से 13 जुलाई तक यानि कि 20 दिन की छुट्टी लेकर अपने गांव के लिए निकला लेकिन ना तो धीरज घर पहुँचा और ना ही छुट्टी के बाद वापस अपनी यूनिट में लौट कर गया ।
वही धीरज के रहस्यमय तरीके से गायब होने के बाद उसके सभी परिजनों की चिंताए लगातार बढ़ती जा रही है।
बता दे कि कृष्णा धीरज की सबसे छोटी बहन है और वो 12वीं में पढ़ती है उससे बड़ी बहन सपना की शादी हो चुकी है जो देहरादून के पास थानों में रहती है कुछ मीडिया के साथियो को नम आखों से कृष्णा बताती है कि पिछले साल रक्षा बंधन के त्यौहार पर अपने भाई की कलाई पर राखी बांधी थी
तो वही धीरज के पिता ने टिहरी जिले के चम्बा थामे में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की है .डीजी कानून व्यवस्था अशोक कुमार से भी फरियाद की है लेकिन अभी तक कुछ मालूम नही चला है हुआ।


बता दे कि धीरज ही एक मात्र है जो परिवार में कमाता है बाकी पूरा परिवार खेती बाड़ी से किसी तरह गुजारा चलता है.
वही एक छोटा सा मकान है. उनका
धीरज के पिता बेटे को तलाशने की गुहार आये दिन लगा रहै है पर कुछ मालूम नही चल रहा है उनको की हो क्या रहा है। जवान की मां सावित्री देवी का भी रो रो कर बुरा हाल है. जिस मा ने अपने लाडले बेटे की शादी के लिए लड़की भी ढूंढ ली थी आज वो रो रो कर बोल रही है कि क्या करूँ हमारा बेटा ना जाने कहा लापता हो गया
. जवान धीरज के बुर्जग पिता रमेश सिंह की आँखे भरी भरी है बस यही कह रहे है कि है भगवान बेटा घर वापस आ जाए.
उनके इस समय घर में सन्नाटा पसरा है ओर एक उनकी बढ़ती हुई उम्र म ओर दूसरी परिवार की स्थिति ने उन्हें तोड़ दिया है.
वहीं धीरज के चाचा राजेन्द्र सिंह कहते है कि धीरज सिंह होनहार लड़का है.इस साल फरबरी में छुट्टी भी आया था. धीरज अपनी बहन की शादी में आया था लेकिन अब किसी को कुछ भी मालूम नही है.सेना से धीरज के घर एक पत्र भेजा है जिसमे लिखा है कि 22 जून को धीरज ने डिब्रूगढ़ से नई दिल्ली में का टिकट राजधानी एक्सप्रेस में बुक किया था और फिर 11 जुलाई का वापसी का भी टिकट कराया है.इसके साथ ही धीरज ने सिलीगुड़ी में एटीएम से पैसे भी निकाले है
तो वही .घरवालों को अभी भी उम्मीद है कि धीरज जिंदा है
ओर भगवान करे इनके घर के लोगो का विस्वास ओर उम्मीद कायम रहे इनके बेटा घर वापस आजाये।
वही जब धीरज 13 जुलाई के बाद भी अपनी यूनिट पर नही पहुंचा तो फिर सेना ने उसके घर पर फ़ोन किया उसके बाद ही घरवालों को ये सब मालूम चला.अब सेना ने भी एक पत्र भेजकर धीरज के गायब होने की जानकारी टिहरी और सिलीगुड़ी प्रशासन को भेज दी है.
वही जवान धीरज का छोटा भाई राहुल अभी 10वीं कक्षा में पढ़ता है.राहुल ने कहा कि बड़ा भाई उससे हमेशा कहता रहता था कि पढ़ाई करो फिर फौज में भर्ती की तैयारी करना.राहुल ने कहा कि वो भी फौज में भर्ती होना चाहता है
बहराल किसी तरह से जवान धीरज के परिवार ने पूरी तरह खुद को संभला हुवा है।
हम समझ सकते है उनके दर्द को बस भगवान से दुवा करते है कि उनके घर का चिराग जवान धीरज घर लौट आये।
ओर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से गुहार लगाते है कि इस पूरे मामले की वे स्वयं जानकारी ले ताकि जल्द से जल्द जवान धीरज का कुछ पता चल सके।

फौजी की बहन को है भाई का इंतजार, ड्यूटी से घर लौटते वक्त हुआ था लापता





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