उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद को भंग किये जाने पर जहाँ उपाध्यक्ष व सदस्यों में रोष व्याप्त है।वहीं फिल्म परिषद के सदस्य व फिल्म निर्माता निर्देशक विक्की योगी ने कहा कि मुख्यमंत्री परिषद का अध्यक्ष होता है। वह अपने कार्यकाल में एक बार भी फिल्म परिषद की मीटिंग में नहीं आयें, ना ही परिषद के खाते में काम करने हेतु कोई रूपया दिया। इसके बावजूद परिषद भंग कर दिया। व परिषद मे काम कर रहे उपाध्यक्ष, सदस्यो को बिना कारण बताएँ पद से अवयूक्त कर दिया गया है। जबकि उनका कार्यकाल 3 साल का है। अभी 2 वर्ष भी पूरे नही हुवे हैं  उत्तराखंड के फिल्म निर्माताओं निर्देशको , व समस्त कलाकारों के हितो को देखते हुवे , मैने सबकी राय लेकर हाईकोर्ट जाने का फैसला लिया है। ताकि उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद बना रहे ।निर्माता निर्देशक विक्की योगी  ने कहा कि मुझे मजबूरन हाईकोर्ट का रूख अपनाने को मजबूर किया गया। क्योंकि मैने पाँच वर्ष की आयु  से रंगमंच से जुड़ कर उत्तराखंड मे काम करना प्रारंभ किया था। आज भी धरातल मे काम कर रहा हूँ।इतने लम्बे अंतराल काम करने का हमे यह परिणाम दिया गया है। जो गलत है मैं फिल्म परिषद का राजनीति करण नहीं होने दूंगा।

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