जेब पर डाका डाल रही है, ट्रिपल इंजन की सरकार!

सूबे की जनता ने प्रचंड बहुमत देकर राज्य में कमल खिलाया राज्य को ऊर्जा प्रदेश का नाम राज्य के हर मुखिया ने देने की कोशिश की पर साकार न पाए अगर साकार किया होता तो आज हम बिजली बेच रहे होते खरीद नहीं रहे होते .. क्योंकि हर साल 288 करोड़ का घाटा ऊर्जा विभाग झेल रहा था जो आज घटकर 100करोड़ रह गया है जिसके जिम्मेदार हैं नीति नियंता जिन्होंने ठोस और मजबूत नीति न बनाकर सिर्फ हवा हवाई बात के सिवा कुछ न किया तभी तो अब अच्छे दिनों की आस लगाने वाली जनता को अप्रैल माह से जब बिजली का बिल मिलेगा तो वो बढ़ा हुआ मिलेगा जी हां… अब बिजली का बिल बढ़ने वाला है और कितना बढ़ेगा नई दरें क्या होंगी ये 20 मार्च के बाद साफ हो जाएगा। बहरहाल अब देखना ये होगा कि बिजली का दाम कितना बढ़ता है और बचाव में खैरासैंण का लाल क्या कहता है।

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