पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चन्द्र खण्डूड़ी जी को याद करने लगे है अब गाँव मे रहने वाले लोग, जाने क्यों जरनल की आयी गाँव वालो को याद

पौड़ी के सासंद ओर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खण्डूड़ी को पूरा पहाड़ ईमानदार और साफ छवि के नेता के नाम से जानता है और जरनल कही बार मच से ये भी कह चुके है कि राज्य के हालत के लिए सत्ता में रहने वाले सभी लोग दोषी हैं जो इस राज्य को राज्य आंदोलन कारियो के सपनो का राज्य नही बना सके मेजर जरनल इस समय स्वस्थ लाभ ले रहे है पर जरनल को वो गाँव याद कर रहा है ज़िस गाँव की जिमेदारी जरनल ने सांसद आदर्श ग्राम के नाम से ले रखी है जी हा हम बात कर रहे है दिवली-भणिग्राम की जिसमे आदर्श ग्राम जैसा अभी कुछ भी नहीं है , यहा सड़क-पानी जैसी सुविधाओं के लिए गाँव वाले जूझ रहे हैं आपको बता दू की यहा पानी और सड़क की समस्या ने गांव वालों को परेशानी में डाल रखा है यहा तक कि अभी पाॅलीटेक्निक का सपना अधूरा पड़ा है और ये मालूम भी नही की कब ये सपना पूरा होगा आपको बोलता उत्तराखंड ये बात रहा है कि रुद्रप्रयाग के ग्रामीण इलाकों में विकास के लक्ष्य को लेकर सांसद आदर्श ग्राम योजना की परिकल्पना की गई थी। पर ये योजना अपने परवान नही चढ़ पा रही है क्योकि ये गाँव गांव यातायात, पेयजल समेत तमाम समस्याओं से जूझ रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ नाम का आदर्श ग्राम है, हकीकत में यहां अपेक्षानुरूप काम नहीं हुआ है। आपको बता दे कि केदारनाथ आपदा के बाद साल 2014 में गढ़वाल सांसद बीसी खंडूड़ी ने आदर्श ग्राम के रूप में दिवली-भणिग्राम का चयन किया था। ओर इस गांव में 66 योजनाओं के लिए 12 करोड़ रुपए बजट का प्रावधान किया गया था। जिसमें सरकार ने पांच करोड़ 30 लाख रुपए स्वीकृत किए और इसमें चार करोड़ 58 लाख रुपए अवमुक्त हुए। अभी तक 66 योजनाओं में से 50 योजनाओं के पूर्ण होने का दावा किया जा रहा है। इस गांव में पानी का संकट बना हुआ है। 12 किमी लंबी पेयजल योजना जगह-जगह टूटने से यह समस्या बनी है। गांव में रह रहे करीब 250 परिवार पानी के लिए स्रोतों पर निर्भर हैं। गांव के लिए पांच किमी सड़क स्वीकृत थी, जिसमें सिर्फ तीन किमी सड़क बनकर तैयार हो पाई है। दो किमी सड़क का निर्माण विवाद के कारण लटका पड़ा है। तीन किमी सड़क पर भी जगह-जगह गडढ् पड़े हुए हैं। उस पर सफर करना किसी खतरे से खाली नहीं है। बरसाती सीजन में सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है।
गांव के लिए पाॅलीटेक्निक की भी घोषणा की गई थी, जो कि ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है।.                                  ग्राम प्रधान हरि प्रसाद बगवाड़ी बताते हैं कि सांसद आदर्श ग्राम बनने के लिए गांव में कुछ काम तो हुए हैं, लेकिन उम्मीद के मुताबिक काम नहीं नहीं हो पाए। बाढ़ सुरक्षा, मंदिर के सौंदर्यीकरण, रास्ते, शौचालय आदि पर काम हुए हैं। पानी और सड़क की समस्या दूर नहीं हो पाई है। इन दिनों गांव में पानी का संकट पैदा हो गया है। पेयजल योजना को दुरूस्त किया जाना जरूरी है। वहीं मुख्य विकास अधिकारी डीआर जोशी का कहना है कि गांव के लिए स्वीकृत 66 योजनाओं में से पचास योजनाओं पर काम हो गया है। अन्य योजनाओं पर भी जल्द काम पूरा हो जाएगा। गांव की मूलभूत समस्याओं के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किया जाएगा।जबकि गाँव वाले इस समय जरनल खण्डूड़ी को याद कर रहे कि जर्नल एक बार यहा का दौरा कर ले तो ही जल्द ही उनकी परेशानी दूर हो जायेगी क्योकि ये लोग सिर्फ पूर्व मुख्यमंत्री पर विस्वाश करते है और उन्हें उम्मीद है कि जरनल खण्डूड़ी जल्द यहा आकर उनकी समस्या का निदान करेगे

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