आपको लगता है कि, मुझे षड़यंत्र का शिकार बनाया गया है, तो मेरे लिये प्रार्थना करें : हरीश रावत

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत लिखते है कि

मैं अपने कुल देवता व ईष्ट देवता का नाम लेकर नैनीताल की ओर प्रस्थान कर रहा हॅॅू। कल न्याय के मंदिर हाईकोर्ट में हमारी याचिका पर बहस होने की सम्भावना है। मैं कल भी नैनीताल में रहूंगा, बहुधा सी.बी.आई. के दोस्त ये कहते हैं कि, अमुख व्यक्ति द्वारा जांच में सहयोग नहीं दिया जा रहा है या व्यक्ति जांच से भाग रहा है। यह भी दुष्प्रचारित किया जाता है कि, व्यक्ति के कई-कई जगह या कई देशों में खाते हैं और संपत्तियां हैं। मैं स्पष्ट कर देना चाहता हॅू, मेरी सम्पत्ति और खाते, आयकर रिटर्न और चुनाव आयुक्त को दिये गये विवरण में साफ-साफ दर्शाये गये हैं। मैंने अपने पासपोर्ट को मुख्यमंत्री बनने के बाद रिनवल नहीं करवाया है। मैं एक षड़यंत्र का शिकार हॅू, षड़यंत्र मेरी सरकार को गिराने का भी हुआ है, जो स्टिंगकर्ता की स्वीकारोक्ती से स्पष्ट है। बकौल स्टिंगकर्ता के षड़यंत्रकारियों में से एक व्यक्ति का पुत्र मुख्यमंत्री आवास में रहकर सैटर (दलाल) का काम करता था। मुझे षड़यंत्रपूर्वक फंसाया गया व मेरी सरकार को बर्खास्त किया गया और अब मेरी आवाज को घौंटने के लिये सी.बी.आई. पर एफ.आई.आर. दर्ज करने व मेरा उत्पीड़न करने का दबाव बनाया जा रहा है। दिन के उजाले की तरह, यह स्पष्ट है कि, मैं रूपया देकर किसी विधायक की खरीद-फरोख्त नहीं कर रहा हॅू। जबकि, हमारे राज्य में ऐसे कुछ स्टिंग सार्वजनिक हैं, जिनमें सत्ता के निकटस्त लोग सरकारी काम करवाने के ऐवज में, भारी मात्रा में घूस स्वरूप रूपया मांग रहे हैं या ले रहे हैं। मुझे न्यायालय के समान ही, जनता-जनार्दन के न्याय पर भी विश्वास है। मैंने निष्ठापूर्वक अपने जीवन और स्वास्थ्य की कीमत पर भी उत्तराखण्ड की सेवा की है। गरीब व जरूरतमंद का दुःख बांटा है। कमजोर के साथ, मैं और मेरी सरकार खड़ी रही है। यदि आपको लगता है कि, मुझे षड़यंत्र का शिकार बनाया गया है, तो मेरे लिये यह प्रार्थना करें कि, मैं भारत की न्याय व्यवस्था से न्याय प्राप्त करने में सफल होऊं। मेरे पास न्यायलय का खर्चा उठाने की क्षमता नहीं है, मैं अपने दोस्तों के सहारे ही न्यायलय के सम्मुख खड़ा हॅूॅ। मेरी शक्ति आपके भावना के आर्शीवाद में है। भगवान केदार से मेरी प्रार्थना है कि, इस प्रकरण की तह में जाने में माननीय न्यायालय की मद्द करें। मुझे भरोसा है, इस प्रसंग के निर्णय के बाद स्टिंग संस्कृति और स्टिंगबाजी के सहारे पे राजनीति करने वाले चेहरे बेपर्दा हो जायेंगे और उनको न्यायालय के सम्मुख, अपराधी के तौर पर खड़ा होना पड़ेगा।
(हरीश रावत)

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