कैसे एक युवा पहाड़ी बदल रहा है उत्तराखण्ड के बच्चो का भविष्य | Transforming Uttrakhand टीम बदल रही है पहाड़ो की तस्वीर

‘जादू होते है ,जब तक आप आप हार नहीं मानते ,भले ही आप चाहे ,यह ब्रम्हांड हमेशा से अडिग और जुनूनी लोगो को पसंद करता आया है — BY JMSTORMऐसा ही कुछ जूनून ,निश्चय ,मेहनत और दूरदर्शिता झलकती है जब हम मिले उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के दूरस्थ स्थित कोटसारी गाँव के नौजवान –भुवन चतुर्वेदी से

1) कौन है भुवन चतुर्वेदी ?
2) क्या करते हैं भुवन ?
3) आखिर एजुकेशन ही क्यों ?
4) क्या है इनका जूनून और मिशन और कैसी रही उनकी journey?
5) कैसे भुवन भुवन अपने गाँव ,क्षेत्र ,समाज ,राज्य को ट्रांसफॉर्म करने की बात करते है?

1) कौन है भुवन चतुर्वेदी ?

भुवन चतुर्वेदी कहिये ,skillzone फाउंडर, स्किल ट्रेनर ,मेंटर फॉर पहाड़ी युथ या भुवि दा ,,,एक आम पहाड़ी की तरह सरलता सादगी के साथ अपने दिलो-दिमाग में अपने गाँव के लिए असीम प्यार समेटे हुवे यह नौजवान अल्मोड़ा के कोटसारी गाँव से सम्बन्ध रखते हैं,अपनी पढ़ाई गाँव से करने के बाद ,हर पहाड़ी युवक की तरह भुवन भी अपने भविष्य को लेकर चिंतित थे और दिल्ली की तरफ रुख कर लिया,यहां आकर भुवन को समझ आया की कैसे उन्हें यहाँ प्रतियोगिता की दौड़ में मेहनत और लगन से काम करना है ,,,विभिन्न तरह की नौकरी करने से सफलताएं भी मिली पैसा भी अच्छा मिला पर फिर भी भुवन को मन शांति का अनुभव नहीं हुआ क्यूंकिउन्हें इस भीड़ और सहरी चकाचौंध से दूर अपने गाँव के लिए कुछ करना था ताकि वहां पलायन न हो ,,वहां का युवा पहाड़ में रह कर अपनी संस्कृति के साथ अपने परिवार के साथ अच्छा जीवन व्यापन कर्रे ।।यहाँ से सुरु हुवा भुवन का नायाब सफर। ।।

2) क्या करते हैं भुवन ?
भुवन वर्तमान में दिल्ली में एक MNC में कार्यरत हैं ,, साथ में हर पहाड़ी युवक के बीच जाकर सॉफ्ट स्किल्स डेवलपमेंट ,यूथ इम्पावरमेंट, करियर कन्सल्टिंग, पब्लिक स्पीकिंग,बिजनेस ट्रेनिंग जैसी खास बातें बता रहे हैं। युवाओ को उनके भविष्य के लिए तैयार करने में जुटे हैं..भुवन हर पहाड़ी को अपना दगडी (दोस्त) बना लेते हैं और बातो बातो में उन्हें अपने पहाड़ से जोड़ देते हैं ,, भुवन एक अच्छे वक्ता,मेंटर ,दोस्त और इंसान हैं जो अपने राज्य उत्तराखंड के लिए होलिस्टिक एजुकेशन प्रोग्राम भी चला रहे हैं..

3) आखिर एजुकेशन ही क्यों ?

‘शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है ,जिसे उपयोग कर आप पूरी दुनिया बदल सके हैं ‘– नेल्सन मंडेला ।।

इस कथन को मंत्र मान कर भुवन ने एजुकेशन फील्ड से पहाड़ में युवाओ के भविष्य को बदलने की ठानी ,,उनका मत है की एक पढ़ा लिखा युवा अपने घर ,परिवार ,समाज को ही नहीं अपितु राज्य देश और पुरे विश्व को भी बदल सकता है ।।अपनी सुरुवाती समय को याद करते हुवे भुवन कहते हैं की अगर हमारे हर पहाड़ी भुला-भूली (छोटे भाई बहन ) को एक मेंटर मिल जाय तो वो इस दुनिया में अपने माता पिता ,परिवार ,समाज,राज्य और देश का नाम पुरे विश्व में रोशन कर सकते हैं ।। शिक्षा ही एक माध्यम है जो हमें समाज में इज्जत प्रदान करता है और अलग प्रदर्शित करती है ।। भुवन भलीभांति समझते हैं की पहाड़ की युवा में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है ।।वे शहर के बच्चो से कही भी कम नहीं.. युवाओ को पढ़ाई और मार्गदर्शिता की कमी को पूरा करने के लिए भुवन ने पूरी मेहनत लगा दी है

4) क्या है इनका जूनून और मिशन और कैसी रही उनकी journey?

भुवन का लक्ष्य है है की हर पहाड़ी बच्चे को मेंटर मिले ताकि वे अपने भविष्य के लिए चिंतित नहीं ,तैयार रहे ।।
हर बच्चा इतना शिक्षित बने की वो अपने छोटे भाई -बहनो को मेंटरशिप दे और इस तरह पूरा पहाड़ की एजुकेशन में ट्रांसफॉर्मेशन हो।

दिल्ली में Landmark Worldwide (SELP Project) मे ट्रेनिंग के दोरान भुवन की मुलाकत उत्तराखण्ड के कुछ लोगो से हुई और उन्होंने एजुकेशन filed में अपना प्रोजेक्ट चुना..इसी के तहत ,भुवन ने SKILL ZONE -A FORTUNE TEACHING की स्थापना कर दी ..जिसमे भुवन हज़ारो बच्चो को सॉफ्ट स्किल्स डेवलपमेंट ,यूथ इम्पावरमेंट, करियर कन्सल्टिंग, पब्लिक स्पीकिंग,बिजनेस ट्रेनिंग आदि प्रदान की।
भुवन यही नहीं रुके उन्होंने अपने पहाड़ी दोस्तों के साथ मिलकर उत्तराखंड की अलग अलग समस्याओ पर काम करने की ठानी तथा TRANSFORMING UTTARAKHAND -non-profit group की सुरुवात की.

जहाँ यह ग्रुप उत्तराखंड में स्वरोजगार ,शिक्षा , स्वस्थ्य और संस्कृति के लिए काम कर रहे हैं.वहीँ भुवन और एजुकेशन ग्रुप ने उनके गाँव के आस पास शिक्षा के लिए काम चालू भी कर दिया है उनका लक्ष्य पुरे उत्तराखंड में हर बच्चे को मेंटरसिप और होलिस्टिक एजुकेशन देना है ..वे हर पहाड़ी को इस मुहीम में जोड़ना चाहते हैं …

5) कैसे भुवन अपने गाँव ,क्षेत्र ,समाज ,राज्य को ट्रांसफॉर्म करने की बात करते है?
भुवन का मानना है की अगर सब लोग TRANSFORMING UTTARAKHAND टीम के साथ कंधे से कन्धा मिला कर चले तो हमारे पहाड़ का पलायन रुकेगा ,हमारे यहाँ भी रोजगार उपलब्ध होगा ,
पहाड़ में भी entrepreneurs बनेंगे । हर पहाड़ी बच्चा अच्छी पढ़ाई कर पुरे देश का नाम रोशन करेगा और आने वाली पीड़ी को मेंटरशिप देगा ..
पहाड़ में हेल्थ का कोई समस्या नहीं होगी और
हमारी संस्कृति हमारे आने वाली पीड़ी आगे ले जाएगी ..

भुवन कहते हैं अगर हम इन 4 छेत्रो (स्वरोजगार ,शिक्षा ,स्वास्थ्य और संस्कृति ) में अच्छा काम करते हैं तो uttarakhand को transform होने से कोई नहीं रोक सकता ..और हमारा राज्य एक मॉडल होगा पुरे देश के लिए .
जहाँ चारो तरफ खुशहाली होगी …बाखलिया –गाँव पलायन से सुने नहीं होंगे .
सभी मिल कर तीज त्यौहार मनाएंगे
और हम एक सुक्षित समृद्ध स्वावलम्बी समाज का निर्माण करने में सफल होंगे .

भुवन सभी पहाड़ी लोगो से आवाहन करते हैं की वे उनके इस मुहीम में जुड़े (TRANSFORMING UTTARAKHAND group) और अपना योगदान दे .



LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here