उत्तराखंड : बर्फ में दबे दिखे लापता हुए पांच पर्वतारोहियों के शव दुःखद, तीन के जीवित होन की उम्मीद भी कम

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उत्तराखंड : बर्फ में दबे दिखे लापता हुए पांच पर्वतारोहियों के शव।


ख़बर दुःखद है बता दे कि नंदा देवी ईस्ट में पर्वतारोहण के दौरान लापता हुए आठ विदेशी पर्वतारोहियों की खोज के लिए सोमवार को सेना के हेलीकॉप्टर से चलाए गए सर्च अभियान के दौरान बर्फ पर लापता पांच पर्वतारोहियों के शव और सामान को बिखरा देखा गया। वही पर्वतारोहियों के शवों को निकालने के लिए सेना, पुलिस, आईटीबीपी और एसडीआरएफ की टीमों को भेजा जा चुका है
आपको एक बार फिर बता दे कि 13 मई को मुनस्यारी से नंदादेवी ईस्ट के लिए रवाना हुए आठ सदस्यीय दल में शामिल ब्रिटेन निवासी लीडर मार्टिन मोरिन, ब्रिटेन के ही पर्वतारोही जोन चार्लिस मैकलर्न, रिचर्ड प्याने, रूपर्ट वेवैल, अमेरिका के एंथोनी सुडेकम, रोनाल्ड बीमेल, आस्ट्रेलिया की महिला पर्वतारोही रूथ मैकन्स और इंडियन माउंटेनियरिंग फेडरेशन के जनसंपर्क अधिकारी चेतन पांडेय लापता हो गए थे। वही सोमवार की सुबह मौसम साफ होने पर सेना ने हेलीकॉप्टर के जरिए दोबारा सर्च अभियान जब चलाया गया तो इस दौरान पांच पर्वतारोहियों के शव बर्फ में पड़े देखे गए। वही पर्वतारोहियों का सामान भी बर्फ में बिखरा नजर आया। वही बर्फ में पर्वतारोहियों के शव पड़े होने की सूचना मिलने के बाद जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने सेना, आईटीबीपी और एयरफोर्स के अधिकारियों  के साथ बैठक कर आगे की रणनीति बनाई
वही जिलाधिकारी ने पर्वतारोहियों के शवों को निकालने के लिए दिशा निर्देशों को लेकर केंद्र एवं प्रदेश सरकार के साथ ही सेना और आईटीबीपी को पत्र लिखा है। बता दें कि बेस कैंप में फंसे दूसरे दल के चार पर्वतारोहियों फिलिप मार्क थॉमस, लेन बेड, जेचरी जोसेफ क्वीन और महिला पर्वतारोही कैथरीन जेन आर्मस्ट्रांग को रविवार को ही हेलीकॉप्टर से से रेस्क्यू कर पिथौरागढ़ लाया गया था। वही जब पांच पर्वतारोहियों के बर्फ में पड़े शव देखे जाने के बाद शेष तीन पर्वतारोहियों के भी जीवित होने की संभावना फिलहाल न के बराबर है। प्रशासन बर्फ में दबे शवों को निकालने के साथ ही अन्य लापता सदस्यों की खोजबीन के लिए भी प्रयास जारी है । जहां पर पर्वतारोहियों के शव पड़े देखे गए हैं, उस क्षेत्र में पहले दिन सेना के हेलीकॉप्टर से चलाए गए सर्च अभियान के दौरान भारी एवलांच आने के संकेत मिले थे। ऐसे में किसी भी पर्वतारोही के जीवित होने की उम्मीद न के बराबर है।
वही पर्वतारोहियों के साथ गए
नंदा देवी ईस्ट में पर्वतारोहण अभियान में पर्वतारोहियों के साथ गए सभी पोर्टर और कुक सुरक्षित हैं। प्रशासन के अनुसार ये सभी पोर्टर पैदल मार्ग से सामान के साथ लौट रहे हैं। 13 मई को मुनस्यारी से निकले पर्वतारोहियों के 13 सदस्यीय दल (जो आगे जाकर 8 और पांच सदस्यीय दलों में बंट गए थे और पांच सदस्यीय दल में से एक तबियत खराब होने के चलते पहले ही लौट आया था) के साथ 24 पोर्टर और कुक भी बेस कैंप तक गए थे।
वही प्रशासन से उपलब्ध सूची के अनुसार इनमें नवीन चंद्र, हीरा सिंह, मंगल सिंह, लक्ष्मण सिंह, इंद्र, कर्ण बहादुर, सीएस पांडे, हरमल राम, गंगाराम, आनंद प्रकाश, जयपाल, देवेंद्र, रमेश, राजन, रतन सिंह, प्रह्लाद सिंह, खुशाल राम, लछमराम, प्रेम राम, भीमराम, जीतेंद्र कुमार, विक्की कुमार, गौरव कुमार और जित्तू शामिल थे। अभियान के दौरान आठ पर्वतारोहियों के लापता होने से इन लोगों के परिजन भी चिंतित थे। उपजिलाधिकारी आरसी गौतम ने बताया कि पोर्टर सहित सभी अन्य सदस्य सुरक्षित हैं और सामान के साथ पैदल रूट से वापस लौट रहे हैं।

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