भारत : इस वैज्ञानिक ने की सबसे पहले अपने जिगर के टुकड़े की हत्या , फिर पत्नी और बेटे को दी दर्दनाक मौत, देखने वालों के होश ही उड़ गए।

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दुःखद।

गुरुग्राम के सेक्टर-50 थाना क्षेत्र के उप्पल साउथ एंड के एस ब्लॉक में रहने वाले वैज्ञानिक श्रीप्रकाश सिंह ने इतनी बेरहमी से अपने परिवार को मारा, कि देखने वालों के होश ही उड़ गए। वही पुलिस भी शवों का हाल देखकर हैरान रह गई। पुलिस को श्रीप्रकाश की जेब से सुसाइड नोट मिला है।

पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया फिर कल अंतिम संस्कार किया गया पुलिस उपायुक्त पूर्वी सुलोचना गजराज ने बताया कि मृतक श्रीप्रकाश के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल यह साफ नहीं हो सका है कि वारदात के पीछे असल वजह क्या है। इस घटना का खुलासा उस वक्त हुआ था जब सुबह जब खाना बनाने के लिए नौकरानी मधु वैज्ञानिक के घर पहुंची।

ओर खटखटाने के बावजूद किसी ने दरवाजा नहीं खोला। नौकरानी ने श्रीप्रकाश सिंह के मोबाइल पर फोन किया तो घंटी बजती रही, लेकिन उठाया नहीं। फिर अनहोनी की आशंका पर मधु ने पड़ोसियों को सूचना दी। उनकी सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और एक व्यक्ति को बाथरूम की खिड़की से घर के अंदर प्रवेश करवाया।


  • बस फिर क्या था जिसने भी इन दर्दनाक तस्वीर को देखा वो सहम गया ,डर गया,
    कोमल का लहूलुहान शव बेडरूम में फर्श पर और दोनों बच्चों के शव बेड पर पड़े थे। ड्राइंग रूम में श्रीप्रकाश का शव पंखे से फंदे पर लटका था। पुलिस दरवाजा तोड़कर घर में घुसी। पुलिस को श्रीप्रकाश की जेब से दो लाइन का सुसाइड नोट मिला, जिसमें उन्होंने परिवार को न संभाल पाने के लिए खुद को जिम्मेदार बताते हुए घटना को अंजाम देने की बात लिखी थी। पुलिस ने मौके से चाकू, फरसा और एक हथौड़ा बरामद किया है।
    जान कारी है कि वैज्ञानिक श्रीप्रकाश सिंह ने बेटी के सिर पर हथौड़े से वार कर उसे लहूलुहान कर दिया। उसके बाद उसके सिर व गर्दन पर धारदार हथियार से काट दिया। इसके बाद उसने अपनी पत्नी को बेरहमी से मारा। श्रीप्रकाश ने बेडरूम में सो रहे बेटे आदित्य की नींद खुलने पर उसका भी गला काटकर उसे मौत के घाट उतारा।जानकारी है कि मूलत: गांव रघुनाथपुरा, थाना बाबतपुर जिला वाराणसी (यूपी) निवासी वैज्ञानिक डॉ. श्रीप्रकाश सिंह उम्र लगभग 55 साल लगभग 12 साल पहले गुरुग्राम आकर बस गए थे। वह सेक्टर-50 थाना क्षेत्र के उप्पल साउथ एंड के एस ब्लॉक में पत्नी कोमल उर्फ सोनू उम्र लगभग 52 साल बेटी अदिति (21) और बेटा आदित्य (14) के साथ रहते थे। कोमल एक गैर सरकारी पाठशाला का संचालन करती थीं। अदिति जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय में बी-फार्मा की छात्रा थी, जोकि गुरुग्राम के बेस्टेक पार्क स्थित एक कंपनी में इंटर्नशिप कर रही थी। वही बेटा आदित्य डीएवी स्कूल में 9वीं कक्षा का छात्र था।

    वही श्रीप्रकाश वह सनफार्मा कंपनी में आरएंडडी/पीवी क्वालिटी हेड के तौर पर कार्यरत थे। लगभग 1 महीने पहले उनकी नौकरी छूट गई थी जिसके बाद से वह घर पर ही थे और दूसरी नौकरी की तलाश कर रहे थे। उनकी पत्नी सोनू अपनी पाठशाला फाउंडेशन गैर सरकारी संस्था चलाती थी। उन्होंने उप्पल साउथ एंड के सी ब्लॉक, गांव फाजिलपुर, सोहना तथा पलवल में स्कूल खोले हुए थे जिनमें 1 हजार से अधिक छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसमें सोहन वा फाजिलपुर स्थित स्कूल में गरीब बच्चों को शिक्षा प्रदान की जाती थी। इन चारों स्कूलों के अलावा वह रोजाना शाम को गरीब बच्चों को घर के बरामदे में ही शिक्षा प्रदान करती थी।
    बहराल इस दुःखद घटना ने रुला डाला है आखिर कैसे किया होगा उसने अपनी लाड़ली बेटी की दर्दनाक हत्या। कैसे मारा होगा अपने घर के चिराग को। ओर अपनी पत्नी को। ओर फिर खुद ही कर डाली आत्म हत्या।
    उफ दुःखद ।
    इस सामूहिक हत्याकांड में सामने आया है कि वैज्ञानिक श्रीप्रकाश ने सबसे पहले अपने जिगर के टुकड़े की हत्या की। इसके बाद एक-एक कर अन्य दो सदस्यों की भी बेरहमी से हत्या कर दी
    गुरुग्राम के उप्पल साउथ एंड में रहने वाले वैज्ञानिक श्रीप्रकाश ने अपने जिगर का टुकड़ा बेटी अदिति से हत्या की शुरूआत की।

उन्होंने बेटी के सिर पर हथौड़े से वार कर उसे लहूलुहान कर दिया। उसके बाद उसके सिर व गर्दन पर धारदार हथियार से वार किया। जिससे उसकी मौत हो गई। अदिति का शव बेड पर पड़ा मिला।
वही पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पत्नी कोमल उर्फ सोनू ने यह घटना देखी तो उसने इसका विरोध किया, जिस पर श्रीप्रकाश ने पत्नी सोनू को भी मार दिया। जिसका शव बेड से नीचे पड़ा मिला। घर में होते शोर को सुनकर बेडरूम में सो रहे बेटे आदित्य की नींद खुल गई जिस पर श्रीप्रकाश ने उसे भी मार दिया ओर उसका भी शव बेड पर पड़ा मिला।

उसे मारने के बाद श्रीप्रकाश ने सुसाइड नोट लिखा और पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को सुसाइड नोट पर 1 जुलाई की तारीख मिली है। इससे यह माना जा रहा है कि श्रीप्रकाश ने पूरी घटना रात 12 बजे के बाद की है। ऐसे में सुसाइड नोट लिखने के बाद खुद भी आत्महत्या कर ली। चिकित्सकों को गले से जो फंदा लगा मिला है वह तसल्ली से बनाया हुआ है।

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