उत्तराखंड के लाल पूर्व विधायक की अंतिम यात्रा में हर आंखे नम हुई उमड़ा आया आज हुजूम ।

प्रदीप कुकरेती जी की पोस्ट

बता दे कि आज उत्तराखंड के लाल और जननायक व पूर्व विधायक रहे रणजीत सिंह वर्मा की अंतिम यात्रा में मंगलवार सुबह भारी हुजूम उमड़ा।
हर किसी की आंखे आज नम थी हर तरफ गाड़ियों की लंबी कतार थी सुबह जब से उनके आवास से अंतिम यात्रा निकली तो घर से लक्खीबाग तक जनता पीछे पीछे चल रही थी


राज्य आंदोलन कारी
रविन्द्र जुगरान से लेकर प्रदीप कुकरेती ओर अन्य साथियों को आंखे नम थी बता दे कि पूर्व विधायक और राज्य आंदोलनकारी रणजीत सिंह वर्मा जी का सोमवार सुबह जौलीग्रांट अस्पताल में निधन हो गया था वे 86 साल के थे। ओर अस्पताल में पिछले पांच दिनों से उनका इलाज चल रहा था। वे अविभाजित उत्तरप्रदेश की मसूरी विधानसभा के दो बार विधायक रहे थे। उनके निधन पर उनके निकट सहयोगी रहे क्षेत्र के तमाम लोगों ने दुख जताया है
हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी उनके निधन पर शोक जताया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति एवं दु:ख की इस घड़ी में उनके परिजनों को धैर्य प्रदान करने की कामना की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पृथक उत्तराखंड के निर्माण में रणजीत सिंह के संघर्षों को सदैव याद रखा जाएगा।
इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी दुःखी दिखाई दिए उनके निधन से ।ओर सभी राज्य आंदोलन कारी ,भाजपा नेता , कांग्रेस के नेता सहित उनकी अंतिम यात्रा मैं उनके क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने शामिल होकर उन्हें नम आंखों से विदाई दी


पूर्व विधायक रणजीत सिंह वर्मा का नाम शिक्षा के प्रचार प्रसार और गन्ना राजनीति में बेहद आदर के साथ लिया जाता है। आजीवन मूल्यों और सिद्धांतों पर चलकर उन्होंने गन्ना राजनीति और डोईवाला में शिक्षा को बढ़ावा देने का काम किया। पृथक राज्य निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले पूर्व विधायक रणजीत सिंह वर्मा का कार्य क्षेत्र डोईवाला था।


वहीं गन्ना परिषद डोईवाला में उन्होंने लगभग 25 सालों तक अध्यक्ष का दायित्व निभाया।
इसके साथ ही एक शिक्षक के रूप में भी उन्होंने काम किया। क्षेत्र के सबसे पुराने पब्लिक इंटर कॉलेज डोईवाला के प्रबंधक का काम साल 1966 से 2018 तक निभाया। जबकि आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज के वह अभी तक प्रबंधक बने रहे थे।  आज पूर्व *विधायक* व राज्य आन्दोलन *संयुक्त संघर्ष समिति* के अध्यक्ष , पूर्व अध्यक्ष *गन्ना समिति* , संरक्षक *स्वतंत्रता संग्राम* सेनानियों परिवार , *संरक्षक* रेडक्रास सोसायटी …. अंतिम संस्कार में राज्य आन्दोलनकारी व समाज सेबी व राजनेतिक लोगो के साथ ही कईं वरिष्ट अधिकारी व लगभग सभी वर्गो के लोगो ने अपनी औऱ से श्रद्धा सुमन अर्पित किये औऱ सभी ने एक स्वर में *जब तक सूरज चाँद रहेगा, वर्मा ज़ी का नाम रहेगा।* के नारे के साथ फूलों से सजे वाहन में उनके पार्थिव शरीर कों रखा गया औऱ फिर कोलागढ़ मार्ग राजेन्द्र नगर से तिलक मार्ग होते हुऐ सहारनपुर चौक से लक्खीबाग़ में अंतिम संस्कार किया गया। घाट पर पहले कईं जनप्रतिनिधि व कईं अलग अलग संस्थाओ व वर्गो के लोग मौजूद थे। वहां भी सबने अपनी ओर से पुष्प व शाल अर्पित किये। उनके बड़े पुत्र अजय वर्मा द्वारा अपने पिता कों मुखाग्नि दी उनके साथ उनके छोटे भाई अरुण भी क्रिया में शामिल रहे। परन्तु आज शासन प्रशासन का कोई भी प्रतिनिधी मौजूद नही था जबकि सरकार कों पहले ही उनके राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की घोषणा करनी चाहिऐ थी॥ *बीती रात* कों जिला अध्यक्ष द्वारा जिला प्रशासन कों व्यक्तिगत रूप से फोन पर बात कर सूचना देकर आगाह किया था॥ सभी राज्य आन्दोलनकारियों ने तीखी प्रतिक्रया के साथ सरकार की भर्त्सना की। इसमे उनके नजदीकी रहे राजेन्द्र खत्री , प्रदीप कुकरेती
राधे बहुगुणा , तजेन्दर सिंह , गुरदीप सिंह , महेश रावत , सुशील मन्वाल , ओमी उनियाल , शंकर चंद रमोला , अनिल डबराल , प्रदीप डबराल , समर जगमोहन मेन्दिरत्तता …आदि भी मौजूद रहे ….।





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