ख़बर है कि किडनी के इलाज के लिए एम्स में भर्ती बहन की भाई ने कोरोना के डर से छुट्टी करवा ली थींऔर उसे घर लाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई।
जानकरीं अनुसार
गांव के लोगों के सवालों के डर से वह बहन के शव को जंगल में ही दफना रहा था कि हाथी के आने के कारण उसे शव को छोड़कर भागना पड़ा।  जी हा
रविवार रात झाडिय़ों में मिले शव के मामले में मृतका के भाई ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया है।
कल सोमवार शाम को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने चंडीघाट पर भाई की मौजूदगी मैं मृतका का अंतिम संस्कार कराया।
जानकारी अनुसार
रविवार को पूर्व गंग नहर पटरी पर तिरछा पुल के पास कंबल मे लिपटा युवती का शव मिला था। ओर हाथ में ड्रीप नली लगी थी और पट्टी बंधी हुई थी। 
फिर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी थी और मौके पर मिले एम्स के पर्चे से उसकी पहचान हुई। पर जब पुलिस घर पहुंची तो उन्हें कोई नहीं मिला।  लडक़ी के माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है फिर सोमवार को पुलिस ने मृतका के भाई को हिरासत में लिया था
फिर पूछताछ में उसने बताया कि बहन 14 अप्रैल से एम्स में भर्ती थी। इसी बीच वहां कोरोना के पांच मरीज आ गए। उसे खुद और बहन के संक्रमित होने का डर सताने लगा।
लिहाजा 10 मई को बहन की छुट्टी कराई और घर के लिए रवाना हो गया। लेकिन रास्ते में बहन की तबीयत बिगड़ने पर मौत हो गई। 
फिर गांव वालों के सवालों के डर से वह शव को तिरछा पुल के  पास दफनाने जा रहा था कि वहां अचानक हाथी आ गया। और युवक वहां से भाग खड़ा हुआ। 
एसओ दीपक कठैत ने बताया कि युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।


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