प्रकाश पंत जी देखो तुम्हारे यू चले जाने की ख़बर से  आपका उत्तराखंड रो रहा है।


मैं निश्चित रूप से वापस आऊंगा, पर अब उनका शरीर वापस आ रहा है’ कैबिनेट सहयोगी प्रकाश पंत से आखिरी मुलाकात को याद कर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भावुक होकर फफक पड़े।


उन्होंने प्रकाश पंत से जुड़ी कुछ यादों को साझा कर उन्हें श्रद्धांजलि देता हुआ एक वीडियो बुधवार शाम को जारी किया। मुख्यमंत्री ने पंत की संसदीय प्रणाली की समझ और उनके कार्यशैली को याद किया। मुख्यमंत्री बोले, ‘राज्य गठन के बाद अंतरिम सरकार बनी तो बात आई कि विधानसभा अध्यक्ष किसे बनाया जाए। मैंने डा. मुरली मनोहर जोशी को सुझाया कि प्रकाश पंत को बनाते हैं। उस समय मैं प्रदेश संगठन देख रहा था। जोशी जी का एक संशय था कि इतनी कम उम्र में प्रकाश विधानसभा का कार्य देख पाएगा। मैंने उन्हें समझाया, जिसके बाद वे मान गए। उनकी संसदीय कार्यों की मजबूत समझ से इतिहास में लंबी लकीरें खींची हैं।


वे न केवल मर्यादाओं की चिंता करते थे बल्कि उस पर चलते भी थे’। मुख्यमंत्री ने उनकी कार्यकुशलता और विनम्रता को लेकर कई रोचक बातें और बताई। अपनी बात समाप्त करने से पहले मुख्यमंत्री ने पंत जी से आखिरी मुलाकात को याद किया तो वे भावुक हो गए। उन्होंने अंत में कहा कि ‘मैं बहुत दुखी हूं’। इतना कहने के बाद वे फफक ही पड़े। उत्तराखंड के वित्त मंत्री प्रकाश पंत की मौत के साथ ही उनकी ये दिली इच्छा भी अधूरी रह गई।  प्रकाश पंत उत्तराखंड के जागेश्वर और बागेश्वर को एक ट्रैक रूट में जोड़कर पांचवां धाम बनाने की ख्वाहिश रखते थे।


मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश के वित्त मंत्री प्रकाश पंत के आकस्मिक निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शान्ति तथा शोक संतप्त परिजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है।
मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि प्रकाश के रूप में आज उन्होंने अपना छोटा भाई खो दिया है।

प्रकाश पंत केवल एक राजनेता के तौर पर नहीं बल्कि आकर्षक व्यक्तित्व के धनी प्रकाश की कमी सदैव खलेगी। सदन में सबको साथ लेकर चलने की उनकी कुशलता, वित्तीय मामलों का ज्ञान और विपक्ष के हर तीखें वार का एक मीठी मुस्कान से जवाब देना, ये सब अब उनकी यादों में रहेगा। शांत, सौम्य और सरल स्वभाव के धनी प्रकाशजी ने अपने लम्बे राजनैतिक जीवन में प्रदेश के गठन और बाद में प्रदेश को एक नई दिशा देने में बड़ी भूमिका निभायी। उनके निधन से प्रदेश एवं हमारे भाजपा संगठन ने एक बहुत बड़ा व्यक्तित्व को खो दिया।

मुख्यमंत्री ने स्व0 प्रकाश पंत  जी के सम्मान में प्रदेश में तीन दिन का राजकीय शोक तथा आज  6 जून को प्रदेश में एक दिन के राजकीय अवकाश की घोषणा की है।

भारत के केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल  निशंक से लेकर  उत्तराखंड के  शिक्षा मंत्री  अरविंद पांडेय,  मंत्री सुबोध उनियाल, मंत्री हरक सिंह,  मंत्री  यशपाल आर्य,  धन सिंह  रावत , रेखा  आर्य , सहित भाजपा से लेकर विपक्ष तक हरीश रावत, प्रीतम सिंह , इंदिरा ह्रदयेश तक   आदि आदि  सभी प्रकाश पन्त जी के यू चले जाने की ख़बर से दुखी  है। उन्हें यकीन नही की पंत जी अब  हमारे बीच नही रहे। उत्तराखंड से राज्यसभा सदस्य एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख  अनिल बलूनी ने उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत के असामयिक निधन पर गहन शोक प्रकट किया है।
अपने संदेश में  बलूनी ने कहा कि उत्तराखंड में एक दूरदर्शी, विद्वान और अनुभवी नेता खोया है जिसकी भरपाई लंबे समय तक नहीं हो पाएगी बलूनी ने कहा कि उन्होंने  व्यक्तिगत  रूप से एक अच्छा मित्र खोया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और उनके परिजनों को इस असह्य पीड़ा को सहने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

 



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