दून की इस जोशीली टीम को सलाम

महेंद्र भंडारी ने खड़ी कर ली योद्धाओं की फौज

 

उत्तराखंड में कोरोना से सबसे बड़ी जंग दून अस्पताल में चल रही है। 17 मरीज अकेले इस अस्पताल में भर्ती हैं। मरीजों के इलाज में अस्पताल के प्राचार्य से लेकर डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और फार्मेसी विभाग के लोगों का बहुत बड़ा योगदान है। लेकिन कुछ साइलेंट योद्धा ऐसे भी हैं जो कोरोना से इस लड़ाई में चुपचाप अपना काम कर रहे हैं। इनके बिना अस्पताल एक दिन क्या एक घण्टे भी कोरोना से लड़ाई लड़ नही सकता।

महेंद्र भंडारी ने खड़ी कर ली योद्धाओं की फौज

कोरोना से लड़ाई में सबसे बड़ी भूमिका निभा रहे हैं महेंद्र भंडारी। भंडारी अस्पताल के रेडियो टेक्नोलॉजिस्ट है और पीआरओ का काम देखते है। अस्पताल के सभी विभागों और कर्मचारियो के बीच समन्वय का काम इन्हीं का है। सुबह 6 से लेकर रात एक बजे तक अस्पताल में जो भी हो रहा है। उसे तय करने में भंडारी की सबसे बड़ी भूमिका है।

कोरोना की ड्यूटी में लगे लोगों के खाने से लेकर रहने तक कि व्यवस्था भंडारी देखते हैं। किसी के घर या कोई व्यक्तिगत परेशानी हो तो उसका समाधान भी उन्ही के जिम्मे है। आपसी प्यार और सौहार्द से उन्होंने अस्पताल में एक ऐसी टीम का निर्माण कर लिया है जो तमाम मुश्किलों, परेशानियों और खतरों के बीच पूरी ऊर्जा और जोश के साथ 24 घण्टे काम कर रही है।

भंडारी का प्रबंधन अस्पताल के डॉक्टरों और प्राचार्य डॉ सयाना के भी खूब काम आ रहा है। हर दिन उच्च अधिकारियों के साथ तय हुई रणनीति को धरातल पर उतरना भी उनका काम है।

24 घंटे अस्पताल को समर्पित

महेंद्र भंडारी और उनकी पूरी टीम 24 घण्टे अस्पताल के लिए समर्पित है। पिछले 15 दिनों से ये लोग अपने घर नही गए है। संदीप राणा, अभय नेगी, गौरव, बसंती नेगी,जसलीन कौर, सचिन, आंनद, कमल नेगी, सुरेश पांडे, प्रदीप पोखरियाल, विराट इस टीम के ऐसे सिपाही हैं जो अपनी जान जोखिम में डालकर हमारी सलामती के लिए जुटे हुए हैं।

बोलता उत्तराखंड का पूरी टीम को सलाम ।


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