मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कुपोषण मुक्ति अभियान के तहत बुधवार को उनके द्वारा गोद ली गई बच्ची योगिता के अजबपुर कला स्थित घर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने योगिता के माता-पिता से उनके पोषण, खानपान और दिनचर्या की जानकारी ली।

इस अवसर पर उन्होंने उसके वजन व कुपोषण से मुक्ति के लिए कितना वजन होना चाहिए इसकी जानकारी ली और उन्हें पोषण युक्त आहार दिया। अभी योगिता की वजन 8 किग्रा 500 ग्राम है। 3 माह में योगिता का वजन यदि 9 किग्रा 600 ग्राम हो जाता हो जाती है, तो वह कुपोषण मुक्त हो जायेगी।


मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड को कुपोषण से मुक्त करने के लिए पोषण अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने बच्चों को गोद लिया है।

अभी तक 94 अधिकारियों ने कुपोषित बच्चों को गोद लिया है। राज्य सरकार द्वारा कुपोषित बच्चों को उत्तम ‘ऊर्जा’ आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। जन जागरूकता व समाज के सहयोग से उत्तराखण्ड को कुपोषण मुक्त बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि सभी कुपोषित बच्चों की निरन्तर माॅनिटरिंग की जायेगी। इस अभियान को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधि, अधिकारी व समाज सेवी संस्थाएं आगे आ रही हैं। इस अवसर पर देहरादून के मेयर  सुनील उनियाल गामा भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत  उनके  द्वारा गोद  ली गई  गुड़िया से  मिलकर  खुश नजर आए ।मानो जैसे बोल रहे हो

Don’t worry  मैं हूँ ना अब सब ठीक होगा।



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