जिलाधिकारी एस.ए मुरूगेशन की अध्यक्षता मे त्रैमासिक जिला स्तरीय समीक्षण समिति तथा जिला सलाहकार समिति की बैठक पंजाब नेशनल बैंक के आंचलिक प्रशिक्षण केन्द्र में सम्पन्न हुई। बैठक में नाबार्ड द्वारा वित्तीय वर्ष 2018-19 की वार्षिक ऋण योजना के अन्तर्गत धनराशि रू0 3411 करोड़ लक्ष्य रखा गया जिसको डीएलआरसी/डीसीसी सदन द्वारा अनुमोदित किया गया।

बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न योजनाओं की समीक्षा के दौरान बैंकों को प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिये। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना तथा अटल पेंशन योजना के अन्तर्गत अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ देने हेतु  बैंको के अधिकारियों को निर्देशित किया।  उन्होने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना, वीर चंद गढवाली योजना, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत दिये गए लक्ष्यों को हर-हाल में प्राप्त करने हेतु बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया।

जिलाधिकारी ने विभिन्न ऋण योजनाओं की लक्ष्य से अधिक उपलब्धि प्राप्त करने  पर बैंको सराहना करते हुए वार्षिक लक्ष्य मार्च 2018 जो कि 3026.88 करोड़ का है को प्राप्त करने के लिए बैंको को निर्देशित किया गया है। उन्होने ऋण जमा अनुपात बेंच मार्क से नीचे होने पर नाराजगी जाहिर करते करते हुए बैंक को कड़े निर्देश दिये कि मार्च 2018 तक सभी बैंक अपना ऋण जमा अनुपात 40 प्रतिशत् तक अवश्य पंहुचाएं। जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टैंड अप इण्डिया योजना के अन्तर्गत अधिक से अधिक पात्रों को ऋण देने पर जोर दिया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) देहरादून द्वारा कृषि एवं कृषि सम्बन्धित क्षेत्र में पूंजी निर्माण की प्रक्रिया को बढावा देने तथा वित्तीय सेवाओं को समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाने हेतु तैयार की गई जिले की संभाव्यतायुक्त ऋण योजना (पीएलपी) 2018-19 का विमोचन भी किया गया। उन्होने कहा कि जिला आधारित पीएल दस्तावेज से वित्तपोषक बैंकों व उनकी शाखाओं को अपने शाखा, ब्लाक व जिला स्तर पर प्राथमिक क्षेत्र विशेषकर कृषि एवं इससे सम्बन्धित क्षेत्रों में संभावनाओं को रेखांकित करने तथा कार्यान्वित हो सकने वाली ऋण योजनाओं को बनाने में सहायता मिलेगी।

मुख्य विकास अधिकारी जी.एस रावत ने कहा कि जिन खातों की एनपीसीआई मैपिंग नही हुई उनकी यथाशीघ्र मैपिंग करें ताकि मनरेगा मजदूरों का भुगतान एबीपीएस प्रणाली से सुगम हो सके। उन्होने ग्रामणी आजीविका मिशन के अन्तर्गत समूहों के खातों में सीसीएल की प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया और विशेषज्ञ उत्तरांचल ग्रामीण बैंक को सभी पात्र समूहों के सीसीएल बढाने के निर्देश दिये।

बैठक में मुख्य अग्रणी जिला प्रबन्धन बी.ए मर्तोलिया ने सदन को अवगत कराया कि जनपद की वार्षिक ऋण योजना 2017-18 के अन्तर्गत लक्ष्य रू0 2118 करोड़ के सापेक्ष रू02393 करोड़ उपलब्धि रही जो की लक्ष्य का 113 प्रतिशत् दर्ज की गई। कृषि क्षेत्र में रू0 468 करोड़ के सापेक्ष उपलब्धि रू0 523 करोड़ की रही जो कि लक्ष्य का 112 प्रतिशत् है, इसी प्रकार एमएसएमई में 1222 करोड़ लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्धि  1275 करोड़ की रही जो कि लक्ष्य का 104 प्रतिशत् है तथा अन्य प्राथमिकता  क्षेत्र में लक्ष्य 429 करोड़ के सापेक्ष  596 की रही जो कि लक्ष्य का 139 प्रतिशत् दर्ज की गयी।

बैठक में प्रबन्धक आबीआई आशुतोष झा, जिला विकास प्रबन्धक नाबार्ड डी.के मिश्रा सहित सम्बन्धित बैंकों प्रबन्धक एवं सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

 



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