देहरादून वालो सुनो: ख़ास कर शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय जी आप भी, चलती स्कूल बस की खिड़की से गिरता है साढ़े तीन साल का छात्र , ओर स्कूल ने छुपा दी सारी बात। आप क्यो रहे सावधान पूरी रिपोर्ट

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देहरादून वालो सुनो चलती स्कूल बस की खिड़की से गिरता है तीन साल का छात्र , ओर स्कूल ने छुपा दी सारी बात। आप क्यो रहे सावधान । पूरी रिपोर्ट

आपके देहरादून मै स्कूल बस चालक और स्टाफ की लापरवाही से महज साढ़े तीन साल का एक बच्चा चलती बस की खिड़की से नीचे गिर गया। ओर इस हादसे मै बच्चा बुरी तरह जख्मी हो गया।
शर्मनाक बात और हद तो तब हो गई जब स्कूल की प्रिंसिपल और अन्य स्टाफ ने भी इस बड़ी लापरवाही पर पर्दा डालने का पूरा प्रयास किया। ख़बर है कि स्कूल स्टाफ ने मासूम छात्र के परिजनों को घंटों तक इस घटना के बारे में कुछ भी नहीं बताया और चुपचाप बच्चे को अस्पताल में भर्ती करा कर इसे सामान्य घटना का रूप देना चाहा। वही इसके बाद जब बच्चा होश में आया तो उसने पूरी जानकारी अपने पिता को दी। अब परिजनों ने स्कूल की प्रिंसिपल और स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
बता दे कि ये घटना आठ मई की है। जानकारी के अनुसार एसके गुप्ता निवासी मांडुवाला का साढ़े तीन साल का बच्चा भारुवाला स्थित दून हेरीटेज स्कूल में केजी कक्षा में पढ़ता है। ओर आठ मई को वह छुट्टी के बाद बच्चा जब डेढ़ बजे तक घर नहीं पहुंचा तो पिता ने स्कूल प्रबंधन को फोन किया।
वहां से उन्हें पता चला कि स्कूल बस खराब हो गई है तो दूसरी बस से बच्चा थोड़ी देर बाद घर पहुंच जाएगा। इस बीच एक घंटा और बीत गया लेकिन बच्चा घर नहीं पहुंचा। फिर इसके बाद गुप्ता खुद स्कूल पहुंच गए। ओर यहां उन्हें पता चला कि स्कूल बस तो बहुत देर पहले उनके बच्चे को लेकर चली गई है।
फिर उन्होंने सख्ती से एक कर्मचारी से पूछताछ की तो पता चला कि उनका बच्चा स्कूल परिसर में ही जब बस चली तो खिड़की से गिर गया था। लिहाजा उसे पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जब दौड़ते भागते एसके गुप्ता उस अस्पताल में पहुंचे तो देखा कि उनका बेटा बेहोश था। यहां स्टाफ ने गुप्ता को फिर गुमराह करना शुरू कर दिया। ओर स्टाफ ने बताया कि उनका बच्चा खेल के दौरान गिरकर घायल हो गया था। इसके बाद जब बच्चा होश में आया तो उसने अपने पिता से पूरी कहानी बताई।
वही अव गुप्ता ने स्कूल प्रबंधन से बातचीत की तो उन्होंने इसकी माफी तक नहीं मांगी। गुप्ता के अनुसार बच्चा अब भी इतना डरा हुआ है कि वह कभी कभी बेहोश हो जाता है। इसके बाद शनिवार को गुप्ता ने स्कूल की प्रिंसिपल मीनाक्षी व अन्य स्टाफ के खिलाफ लापरवाही और किशोर न्याय अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया।
वही पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे ने बताया कि इस मामले में जांच तेजी से की जा रही है। इधर, इस मामले में स्कूल प्रिंसिपल से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। उनसे संपर्क होते ही उनका पक्ष भी ऱखा जाएगा।  वही पता चला है कि जिस स्कूल बस में बच्चा सवार था उसकी खिड़की के बाहर स्टील गार्ड भी नहीं लगा हुआ है। ऐसे में बच्चा बाहर झांकते हुए बस से नीचे गिर गया। यही नहीं बस में छोटे बच्चों के लिए एक परिचालक भी होना चाहिए, यह भी स्कूल बस में तैनात नहीं था।
मुझे स्कूल से कोई मुआवजा नहीं चाहिए। मेरी मांग है कि इस तरह की लापरवाही करने वालों को सजा मिले। साथ ही साथ आगे इस तरह की घटना न हो इसके लिए स्कूल प्रबंधन को माफी मांगनी चाहिए।  ये पूरा बयान एसके गुप्ता जो बच्चे के पिता है उन्होंने दिया है।
बहराल अब आप समझ गए होंगे कि क्यो हमने आपको कहा कि आप भी हो जाये सावधान जब इस तरह की लापरवाही वो स्कूल करे जिनके भरोसे कुछ घण्टो के लिए आपने अपने ज़िगर के टुकड़े को छोड़ा है वो भी मोटी मोटी फीस ओर डोनेशन देकर। तो अंदाज़ा खुद लगा ले कि आपको भी सतर्क रहने की जरूरत है। भले ही ये एक हादसा या लापरवाही हो सकती है।
वो अलग बात पर जिस तरह से स्कूल स्टाफ ने छात्र के पिता से बात छुपाई वो स्कूल की नियत, पर सवाल खड़ा करती है। और सवाल खड़ा करती है कि ऐसे कोंन अपने लाल को यहा भेजेगा।
जो अभिभावकों को ही गुमराह कर रहे है।

पूरा मामाला जांच का विषय है।
ओर शिक्षा मंत्री अरविन्द पांडेय जी अगर भाजपा के नेताओ का प्रचार पसार से फुर्सत मिल गई हो तो मामले को अपने सज्ञान मै लेना जरूर।
उम्मीद करते है कि पूरा सच समाने आएगा।

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