देहरादून का संडे मार्केट लगेगा या नही आज होगा फैसला !

अब बोलता उत्तराखंड़ मे बोलता है रतन नेगी कि राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत किसी गरीब का एक दिन का रोजगार क्या 30 दिन का रोजगार भी नही उससे दूर करने वाले फिर ये माहौल बिगड़ा बिगड़ा क्यो    आपको बता दे कि देहरादून मे संडे मार्केट के व्यवसाईयों ने धरना प्रदर्शन किया इन लोगो का कहना है कि अतिक्रमण के नाम पर इनकी रोजी रोटी क्यो छिनी जा रही है जबकि इन्होंने ना कोई अस्थाई और ना स्थाई जगह को घेर रखा है  ये लोग तो रविवार को आते है निगम को हर रविवार को दुकान लगाने का पैसा देते है ओर चले जाते है फिर इनके पेट पर लात क्यो? ओर जब गरीब के पेट पर लात मारी जाती है तो नेता लोग भी उनके साथ सरकार मुर्दाबाद कहने आगे आ जाते है  
क्योंकि पूर्व विधायक राजकुमार ने इन सब लोगो को अपना समर्थन दे दिया है , आपको बात दे कि सिर्फ रविवार को ही मार्केट में अपना व्यापार कर परिवार का लालन पालन करने वाले व्यवसाईयों ने शीघ्र ही उन्हें अगर यही दिकत है तो दूसरा स्थान उपलब्ध कराये जाने की मांग को लेकर लैंसडाउन चैक के समीप प्रदर्शन किया और कहा कि जिला प्रशासन किया ओर
जल्द ही इस पर कार्यवाही नहीं की गई तो आंदोलन को तेज करने की बात कही इस अवसर पर पूर्व विधायक राजकुमार ने भी उनका समर्थन किया और जिलाधिकारी से वार्ता की, जिलाधिकारी ने आज मिलकर इस समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। 
यहां जूता चप्पल व्यापारी कल्याण समिति एवं साप्ताहिक रविवार बाजार कल्याण समिति से जुडे हुए व्यवसाई लैंसडाउन चैक के पास पहुचे और वहां पर उन्होंने संडे बाजार लगाये जाने के लिए उचित स्थान दिलाये जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस बीच राजपुर रोड़ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक राजकुमार भी मौके पर पहुचे और उन्होंने उनकी मांग का समर्थन किया। उनका कहना है कि इस मामले में जिलाधिकारी से बातचीत की गई है और जिलाधिकारी ने सोम बार यानी आज वार्ता के लिए आमंत्रित किया है और निश्चित रूप से इस समस्या का समाधान किया जायेगा।
इस अवसर पर पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा कि यह बाजार सप्ताह में एक दिन लगता है जो किसी भी रूप में अतिक्रमण की जद में नहीं आता है और अगर आता है तो इस संडे मार्केट को अतिक्रमण की जद से हटाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि तिब्बती मार्केट के स्थान पर इन्हें कहीं दूसरी जगह दी जाये जिससे यह लोग अपना छोटा एक दिन का काम चलाकर अपने व अपने परिवार का पालन पोषण कर सके। उनका कहना है कि जल्द ही इस पर कार्यवाही नहीं की जाती है तो चरणबद्ध तरीके से आंदोलन किया जायेगा। इस अवसर पर कल्याण समिति से जुड़े हुए व्यवसाईयों ने कहा कि गरीबी मिटाने का वायदा किया गया था और गरीबों को मिटाने का नहीं। उनका कहना है कि रोजगार देने का वायदा किया गया लेकिन आज रोजगार छीनने का काम प्रदेश की सरकार के कार्यकाल में किया जा रहा है। उनका कहना है कि प्रदेश की सरकार व जिला प्रशासन ने एक दिन का रोजगार भी छीन लिया है जो चिंताजनक है और आज उनके समक्ष रोजी रोटी का संकट पैदा हो रहा है।
उनका कहना है कि एक दिन का रोजगार उन्हें वापस मिलना चाहिए और इस व्यवसाय से 270 लोग जुडे हुए और नगर निगम को तीन सौ रूपये प्रति दिन शुल्क भी दिया जाता है जिससे नगर निगम की आय होती है और जिला प्रशासन ने उनके रोजगार को छीन लिया है जिसका पुरजोर तरीके से विरोध किया जायेगा। उनका कहना है कि जिला प्रशासन को शीघ्र ही उनकी समस्या का समाधान करना चाहिए। इस अवसर पर राजेश चौधरी, अशोक शर्मा ,ओमप्रकाश वाल्मीकि, उदयवीर मल, राजेंद्र खन्ना, जहांगीर खान एवं अनेक व्यवसाई मौजूद थे। अब मेरी सरकार बोलता है उत्तराखंड़ की इन लोगो का वोट बैंक भले ही कम हो लेकिन अगर आप की सरकार वोट बैंक नही देखती ओर गरीब की सरकार है तो इससे अच्छा मौका फिर कहा मिलेगा मारो चौका ओर छक्का ओर ओर दे डालो सरकार इनको एक बार फिर एक दिन का रोजगार

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