देहरादून बदनाम हो गया! लूट, हत्या, डकैती , दुष्कर्म यहा आम बात हो गई!

आपको बता दे कि सहसपुर के भाऊवाला स्थित बोर्डिंग स्कूल में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म करने का जो बड़ा मामला सामने आया था उसमें एक आरोपित छात्र बालिग निकला है।ये छात्र मूलरूप से पीलीभीत (उप्र) का रहने वाला है। जिसे मंगलवार को स्कूल की निदेशक, प्रधानाचार्य व अन्य पांच आरोपितों के साथ पोक्सो कोर्ट में पेश कर दिया गया है। जहां से इन सभी छह आरोपितों को न्यायिक अभिरक्षा में सुद्धोवाला जिला कारागार भेज दिया गया है।और इसके साथ ही तीन नाबालिग आरोपित छात्रों को किशोर न्याय बोर्ड ने हरिद्वार स्थित बाल सुधार गृह भेज दिया है। वहीं, छात्रा के मेडिकल परीक्षण में दुष्कर्म और गर्भवती होने की पुष्टि हो चुकी है।

जानकारी अनुसार , मुख्य शिक्षा अधिकारी ने मंगलवार को जीआरडी वर्ल्‍ड स्कूल का निरीक्षण भी किया, जिसमें कई खामियां सामने निकलकर सामने आई। सीईओ ने स्कूल की मान्यता रद करने की संस्तुति कर दी है। वही स्कूल में हुई सनसनीखेज वारदात के विरोध में स्थानीय लोगों व अभिभावक भी गुस्से मै है इन सभी लोगों ने भाजयुमो कार्यकर्ताओं के साथ स्कूल के आगे प्रदर्शन भी किया।

आपको बता दे कि 14 अगस्त को स्कूल में हुए नाबालिग छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के बेहद संगीन वारदात को स्कूल प्रबंधन एक महीने तक पर्दा डालने का कुत्सित प्रयास करता रहा। मगर रविवार को मामला पुलिस के संज्ञान में आने के बाद प्रबंधन की न सिर्फ साजिश बेनकाब हो गई, बल्कि छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म और उसका गर्भ गिराने की कोशिश का भी पर्दाफाश हो गया। सामूहिक दुष्कर्म में सीधे तौर पर शामिल हाईस्कूल के दो और इंटर के दो छात्रों में से इंटर का एक छात्र सर्वजीत पुत्र मलूक सिंह निवासी ग्राम ब्राह्मणी थाना हरदासपुर पीलीभीत की उम्र 18 वर्ष से अधिक पाई गई।

आपको बता दे कि उसे स्कूल की निदेशक लता गुप्ता, प्रधानाचार्य जितेंद्र शर्मा, प्रशासनिक अधिकारी दीपक मल्होत्रा, दीपक की पत्नी तन्नू व आया मंजू के साथ विशेष न्यायाधीश पोक्सो की अदालत में पेश कर दिया। कोर्ट में पेश करने से पूर्व आरोपितों और पीडि़त छात्रा का पुलिस ने दून मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकीय परीक्षण कराया, जिसमें छात्रा के साथ दुष्कर्म और एक माह की गर्भवती होने की पुष्टि हो गई है ।

आपको बता दे कि स्कूल में सामूहिक दुष्कर्म को लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य महकमे में भी हड़कंप की स्थिति रही। मंगलवार दोपहर सीईओ एसबी जोशी जीआरडी वर्ल्‍ड स्कूल पहुंच गए। निरीक्षण में परिसर में सीसीटीवी कैमरे न मिलने सहित कई खामियां सामने आईं, जिस पर उन्होंने स्कूल की मान्यता रद करने की संस्तुति कर दी। सीबीएसई ने भी मान्यता को रद करने के लिए मुख्यालय पत्र भेज दिया है। तो राज्य मंन्त्री रेखा आर्य ने भी स्कूल की मान्यता रद करने के लिए पत्र लिखा था।
आपको बता दे कि छात्रा को जिस राजपुर रोड स्थित नर्सिंग होम में ले जाया गया था, वहां भी पुलिस पहुंची। लेकिन डाक्टर यहां नहीं मिला। पुलिस ने वहा कई दस्तावेज जब्त किए हैं। सीएमओ एसके गुप्ता का कहना है कि पुलिस की रिपोर्ट में नर्सिंग होम की भूमिका का पता लगने के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वही सामूहिक दुष्कर्म की पीड़ि‍त छात्रा का बयान लेने के लिए एडीजे तृतीय गुरुबख्श सिंह की अदालत ने मजिस्ट्रेट नामित कर दिया। मगर अदालत में पेशी और अन्य अभिलेखीय औपचारिकता पूर्ण करने में विलंब होने के कारण बयान दर्ज नहीं कराया जा सका। छात्रा को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। आज फिर बयान के लिए छात्रा को दोबारा मजिस्टे्रट के समक्ष पेश किया जाएगा।
बहराल इस घटना ने पूरे देहरादून को हिला कर रख दिया है
आये दिन जिस तरह से देहरादून में अपराध लगातार बढ़ रहे है ये सरकार से लेकर पुलिस महकमे के लिए चिंता की बात है।

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